नई दिल्ली, 10 मार्च। देश की राजनीति में एक बार फिर तीखा राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर देखने को मिला, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वर्तमान सरकार की नीतियां देश को आर्थिक और सामाजिक संकट की ओर धकेल रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए और कहा कि इन फैसलों का सबसे बड़ा खामियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आने वाले समय में भारत के सामने ऊर्जा संकट और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। उनका कहना था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति उसी क्षेत्र से प्राप्त करता है। ऐसे में सरकार को गंभीर और संतुलित नीति अपनानी चाहिए थी, लेकिन सरकार इस विषय पर गंभीरता से सोचने के बजाय राजनीतिक प्रचार में अधिक व्यस्त दिखाई दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के सामने झुककर व्यापारिक समझौते कर रही है, जिससे देश की आर्थिक स्वतंत्रता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि भारत की व्यापार नीति विदेशी दबावों के आधार पर तय होगी, तो इससे देश के छोटे उद्योगों, किसानों और श्रमिकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए फैसले लेने की जरूरत है, लेकिन मौजूदा सरकार ऐसा करने में असफल रही है।
कांग्रेस महासचिव ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी देश के उन कुछ नेताओं में से हैं जो सत्ता के सामने झुकते नहीं हैं और बिना किसी डर के सच बोलते हैं। यही कारण है कि भाजपा और उसके नेता लगातार उनके खिलाफ व्यक्तिगत हमले करते रहते हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल पूछते रहे हैं। लेकिन सरकार इन सवालों का जवाब देने के बजाय उनके व्यक्तित्व और निजी जीवन पर टिप्पणी करके असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए और सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्यापक अभियान चलाया, लेकिन देश की जनता ने उस अभियान को स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि देश के सामने इस समय महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं जैसे गंभीर मुद्दे खड़े हैं, लेकिन सरकार इन विषयों पर चर्चा से बच रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में ऐसे मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति यह है कि संसद में ऐतिहासिक मुद्दों या अतीत की राजनीति पर चर्चा अधिक होती है, जबकि वर्तमान समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता।
प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में वंदे मातरम जैसे विषयों पर घंटों चर्चा होती है और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आलोचना की जाती है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और किसानों के संकट पर चर्चा करने से सरकार बचती है। उनका कहना था कि सरकार को इन विषयों पर जवाब देना चाहिए कि देश में महंगाई क्यों बढ़ रही है, युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा और किसानों की आय क्यों स्थिर बनी हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की संपत्ति कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सौंपी जा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि देश के संसाधनों और सार्वजनिक संस्थानों को निजी कंपनियों को क्यों सौंपा जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उद्योगपतियों गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का लाभ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित होता जा रहा है, जबकि आम जनता को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोग महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है, क्योंकि जब आर्थिक असमानता बढ़ती है तो समाज में असंतोष भी बढ़ता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने संसद की संस्थागत स्वतंत्रता को कमजोर किया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर की स्वतंत्रता को सीमित कर दिया गया है और सदन की कार्यप्रणाली को कमजोर किया जा रहा है। उनका कहना था कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार इस जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने से नहीं चलता, बल्कि मजबूत संस्थाओं और पारदर्शी व्यवस्था से चलता है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य इन संस्थाओं की रक्षा करना है, क्योंकि इन्हीं संस्थाओं के आधार पर देश का लोकतंत्र मजबूत बना रहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बार-बार असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश करती है। जब भी विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी या किसानों के संकट जैसे मुद्दे उठाता है, तब सरकार और उसके समर्थक किसी अन्य विषय को सामने लाकर बहस को भटका देते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और इससे जनता के असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा राहुल गांधी के कपड़ों तक पर चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार के पास विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं है। जब तर्क और तथ्य नहीं होते, तब व्यक्तिगत टिप्पणियां की जाती हैं और मुद्दों को भटकाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक कथन को याद करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल यदि नकली छवि बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश करता है, तो अंततः सच्चाई सामने आ ही जाती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज के दौर में भी यही स्थिति है। सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, लेकिन जनता अंततः सच्चाई को पहचान लेती है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा और जनता के मुद्दों को उठाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और सामाजिक न्याय की रक्षा करना भी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी देशभर में जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार की नीतियों का असर उनके जीवन पर क्या पड़ रहा है और सरकार उन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठा रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है और यहां की जनता राजनीतिक प्रचार से ज्यादा वास्तविक मुद्दों को महत्व देती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर लोकतंत्र, संविधान और देश की संस्थाओं की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
इस प्रकार संसद परिसर में दिया गया प्रियंका गांधी का यह बयान एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को तेज करने वाला साबित हुआ है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता
