लखनऊ, 3 मार्च। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अंसल ग्रुप द्वारा होम बायर्स के साथ की गई धोखाधड़ी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अंसल ग्रुप के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेशभर में जिन-जिन जिलों में यह समूह बायर्स को ठगने में शामिल रहा है, वहां कानूनी कार्रवाई हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी परिस्थिति में बायर्स के हितों की अनदेखी नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे, जहां उन्होंने अंसल ग्रुप से जुड़ी गड़बड़ियों और होम बायर्स की शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि अंसल ग्रुप के जिन अधिकारियों ने बायर्स को धोखा दिया है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। उन्होंने लखनऊ सहित उन सभी जिलों में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया, जहां अंसल ग्रुप के खिलाफ शिकायतें आई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश में कोई भी बिल्डर यदि जनता के साथ धोखाधड़ी करेगा, तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। सरकार नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंसल ग्रुप के पीड़ित बायर्स को न्याय मिले।”
मुख्यमंत्री ने इस मामले में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टीम गठित करने का भी निर्देश दिया है। यह टीम अंसल ग्रुप की विवादित संपत्तियों की जांच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आगे कोई भी संपत्ति धोखाधड़ी के माध्यम से न बेची जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा जिससे विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री पर रोक लगाई जा सके।
इसके अलावा, उन्होंने एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) और पीड़ित बायर्स की एक संयुक्त समिति बनाने का भी सुझाव दिया, ताकि अदालत में अंसल ग्रुप के खिलाफ मजबूत पैरवी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोर्ट में साक्ष्य इस प्रकार प्रस्तुत किए जाएं कि अंसल ग्रुप के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
एनसीएलएटी के आदेश पर मुख्यमंत्री की नाराजगी
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने बिना किसी नोटिस के लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विभाग के खिलाफ एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया था। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिया कि उक्त आदेश के विरुद्ध व्यापक जनहित में अपील दायर की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए प्राधिकरणों को अपनी कानूनी रणनीति और मजबूत करनी होगी।
अंसल ग्रुप के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में नगरीय विकास की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में मेट्रो परियोजनाओं, नई टाउनशिप की स्थापना, होटल और अस्पतालों के विकास, मलिन बस्तियों के पुनर्विकास और वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में “100 नई टाउनशिप्स की स्थापना, फास्टपास जैसी नई तकनीकों का समावेश, अनिस्तारित संपत्तियों का त्वरित निस्तारण, और 100 होटलों व 100 अस्पतालों के विकास के लिए भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि किसी भी निर्माण परियोजना में गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाना चाहिए और अनियोजित शहरीकरण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए। इस दृष्टिकोण से उन्होंने विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को निर्देश दिया कि मलिन बस्तियों में भी उच्चस्तरीय आवासीय सुविधाएं, पार्क और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मलिन बस्तियों के पुनर्विकास के लिए हाइराइज बिल्डिंग्स के निर्माण का भी सुझाव दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय योजनाओं को इस तरह से डिजाइन किया जाए कि वे सामाजिक समावेश को बढ़ावा दें और सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिलें।
मेट्रो परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कानपुर मेट्रो, लखनऊ मेट्रो और आगरा मेट्रो के निर्माण और संचालन की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने आगरा इनर रिंग रोड, रहनकला और रायपुर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सौहार्दपूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि किसी को नुकसान न हो और परियोजनाएं भी समय पर पूरी हो सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत झांसी, बरेली, अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, चित्रकूट और आगरा में जारी विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन शहरों के विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और अनियंत्रित शहरीकरण की समस्या को समय रहते चिह्नित कर उसका समाधान किया जाए।
उन्होंने लखनऊ में इंटरनेशनल एग्जीबिशन और सह-कन्वेंशन सेंटर से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना को शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस बैठक से स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश सरकार अंसल ग्रुप जैसे बिल्डरों की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश में किसी भी होम बायर के साथ अन्याय न हो। अंसल ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश और विशेष जांच टीम का गठन इस दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नगरीय विकास, मेट्रो परियोजनाओं, मलिन बस्तियों के पुनर्विकास, नई टाउनशिप्स की स्थापना और स्मार्ट अर्बन प्लानिंग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के शहरी विकास को नई गति मिलेगी और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
