नई दिल्ली/अहमदाबाद, 08 मार्च। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुजरात में भाजपा सरकार के तीन दशक लंबे शासन को पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता, व्यापारी, किसान, मजदूर और छात्र अब बदलाव चाहते हैं। राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें बदलाव का नया विजन दें।
अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुजरात की रीढ़ की हड्डी छोटे और मध्यम व्यापारी, किसान और मजदूर हैं, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात की अर्थव्यवस्था विकास के बजाय ठहराव की स्थिति में पहुंच चुकी है। राज्य के उद्योग, खासकर हीरा, वस्त्र, सिरेमिक और अन्य छोटे उद्योग गंभीर संकट में हैं।
गुजरात बदलाव चाहता है, लेकिन कांग्रेस को जनता से जुड़ना होगा: राहुल
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि गुजरात की जनता अब भाजपा के असफल मॉडल से थक चुकी है और बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा,
“गुजरात अटक गया है, उसे रास्ता नहीं दिख रहा है। जनता को नया विजन चाहिए। कांग्रेस पार्टी यह विजन दे सकती है, लेकिन इसके लिए हमें जनता से जुड़ना होगा।”
उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर जनता की समस्याओं को सुनें, उनसे संवाद करें और कांग्रेस के विचारों को स्पष्ट करें।
गुजरात में कांग्रेस की संभावनाएं: 5% वोट शेयर बढ़ाने पर सरकार बन सकती है
गुजरात में कांग्रेस की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान में विपक्षी दलों को कुल मिलाकर लगभग 40% वोट मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी अपने वोट शेयर में सिर्फ 5% की वृद्धि कर ले, तो गुजरात में कांग्रेस की सरकार बन सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना में 22% वोट शेयर बढ़ाकर सरकार बनाई थी। ऐसे में गुजरात में सिर्फ 5% वोट शेयर बढ़ाकर कांग्रेस को सत्ता में लाया जा सकता है।
कांग्रेस संगठन में सुधार की जरूरत: भाजपा से जुड़े लोगों को बाहर करेंगे
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कांग्रेस संगठन के भीतर मौजूद दो तरह के नेताओं के बारे में चर्चा की।
- पहली श्रेणी के नेता वे हैं जो जनता से जुड़े हुए हैं और जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है।
- दूसरी श्रेणी के नेता वे हैं जो जनता से कटे हुए हैं और इनमें से आधे भाजपा से अंदरूनी तौर पर मिले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करनी होगी, जो जनता के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भाजपा से अंदरूनी रूप से जुड़े हैं, उन्हें पार्टी से बाहर किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा,
“गुजरात की जनता को भाजपा की बी-टीम नहीं चाहिए, बल्कि एक सशक्त विकल्प चाहिए। कांग्रेस को यह विकल्प बनना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में सही नेतृत्व को सही स्थान पर लाना होगा। अगर पार्टी को मजबूत बनाना है, तो ऐसे नेताओं को बाहर करना पड़ेगा जो भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं।
महात्मा गांधी और सरदार पटेल का जिक्र, कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका को दोहराने की अपील
अपने भाषण में राहुल गांधी ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महान नेताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े नेता गुजरात से थे।
“हिंदुस्तान को गुजरात ने रास्ता दिखाया था। आज फिर गुजरात नया रास्ता देखना चाहता है। कांग्रेस उसे नई राह दिखा सकती है।”
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है और कांग्रेस पार्टी को इसी विचारधारा के साथ जनता तक पहुंचना होगा।
भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र: जनता से सीधा संवाद जरूरी
राहुल गांधी ने अपने भाषण में भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा की गई, तो कांग्रेस ने जनता से सीधा संवाद किया।
“भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हमने देखा कि जनता की असली समस्याएं क्या हैं। इस यात्रा ने देश की राजनीति में बदलाव ला दिया।”
उन्होंने गुजरात के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और उनके साथ सीधा रिश्ता बनाने की अपील की।
भाजपा मॉडल की विफलताएं: राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा के शासन मॉडल की आलोचना करते हुए कई बिंदुओं पर सवाल उठाए:
- छोटे और मध्यम व्यापारियों को नुकसान: नोटबंदी, जीएसटी और गलत आर्थिक नीतियों ने छोटे और मध्यम व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचाया।
- किसानों की दुर्दशा: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी न मिलने और गलत कृषि नीतियों के कारण किसानों की स्थिति खराब हुई।
- उद्योगों में संकट: हीरा, वस्त्र, सिरेमिक और अन्य उद्योग मंदी की चपेट में हैं।
- शिक्षा और रोजगार का संकट: सरकारी नौकरियों की कमी और शिक्षा प्रणाली की कमजोरियों के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय है।
- भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद: भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में सिर्फ कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
गुजरात में कांग्रेस के लिए आगे की रणनीति
राहुल गांधी ने गुजरात में कांग्रेस के पुनरुद्धार के लिए एक स्पष्ट रणनीति दी:
- जनता से सीधा संवाद: घर-घर जाकर लोगों से मिलना और उनकी समस्याओं को सुनना।
- संगठन को मजबूत बनाना: सही नेतृत्व को सही स्थान पर रखना और भाजपा से जुड़े नेताओं को बाहर करना।
- नए विजन की जरूरत: जनता को एक ऐसा विकल्प देना, जो भाजपा से अलग हो और जनता की वास्तविक समस्याओं को हल कर सके।
- युवाओं और किसानों पर ध्यान: रोजगार और कृषि क्षेत्र में नई नीतियां बनाकर लोगों को राहत देना।
गुजरात में कांग्रेस की संभावनाएं और आगे की राह
राहुल गांधी के इस भाषण से यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस गुजरात में भाजपा के खिलाफ मजबूत विकल्प बनने की तैयारी कर रही है।
अगर कांग्रेस अपने वोट शेयर में सिर्फ 5% की वृद्धि कर लेती है, तो वह गुजरात में सत्ता में वापसी कर सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि पार्टी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझे और सही नेतृत्व को आगे लाए।
राहुल गांधी ने गुजरात के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक नई ऊर्जा दी और उनसे अपील की कि वे भाजपा की विफलताओं को उजागर करें और जनता को नया विजन दें।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस रणनीति को कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है और गुजरात की राजनीति में कितना बदलाव ला सकती है।
