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	<title>राजनीति Archives - Samvaad India</title>
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	<title>राजनीति Archives - Samvaad India</title>
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		<title>अमेरिका के सामने झुककर व्यापार समझौता और पश्चिम एशिया युद्ध से बढ़ सकता है संकट: प्रियंका गांधी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 02:24:14 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Bowing to America and negotiating a trade deal and a war in West Asia could escalate the crisis: Priyanka Gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 मार्च। देश की राजनीति में एक बार फिर तीखा राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर देखने को</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/bowing-to-america-and-negotiating-a-trade-deal-and-a-war-in-west-asia-could-escalate-the-crisis-priyanka-gandhi/">अमेरिका के सामने झुककर व्यापार समझौता और पश्चिम एशिया युद्ध से बढ़ सकता है संकट: प्रियंका गांधी</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: left;">नई दिल्ली, 10 मार्च। देश की राजनीति में एक बार फिर तीखा राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर देखने को मिला, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वर्तमान सरकार की नीतियां देश को आर्थिक और सामाजिक संकट की ओर धकेल रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए और कहा कि इन फैसलों का सबसे बड़ा खामियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आने वाले समय में भारत के सामने ऊर्जा संकट और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। उनका कहना था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति उसी क्षेत्र से प्राप्त करता है। ऐसे में सरकार को गंभीर और संतुलित नीति अपनानी चाहिए थी, लेकिन सरकार इस विषय पर गंभीरता से सोचने के बजाय राजनीतिक प्रचार में अधिक व्यस्त दिखाई दे रही है।<br />
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के सामने झुककर व्यापारिक समझौते कर रही है, जिससे देश की आर्थिक स्वतंत्रता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि भारत की व्यापार नीति विदेशी दबावों के आधार पर तय होगी, तो इससे देश के छोटे उद्योगों, किसानों और श्रमिकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए फैसले लेने की जरूरत है, लेकिन मौजूदा सरकार ऐसा करने में असफल रही है।<br />
कांग्रेस महासचिव ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी देश के उन कुछ नेताओं में से हैं जो सत्ता के सामने झुकते नहीं हैं और बिना किसी डर के सच बोलते हैं। यही कारण है कि भाजपा और उसके नेता लगातार उनके खिलाफ व्यक्तिगत हमले करते रहते हैं।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल पूछते रहे हैं। लेकिन सरकार इन सवालों का जवाब देने के बजाय उनके व्यक्तित्व और निजी जीवन पर टिप्पणी करके असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए और सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्यापक अभियान चलाया, लेकिन देश की जनता ने उस अभियान को स्वीकार नहीं किया।<br />
उन्होंने कहा कि देश के सामने इस समय महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं जैसे गंभीर मुद्दे खड़े हैं, लेकिन सरकार इन विषयों पर चर्चा से बच रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में ऐसे मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति यह है कि संसद में ऐतिहासिक मुद्दों या अतीत की राजनीति पर चर्चा अधिक होती है, जबकि वर्तमान समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में वंदे मातरम जैसे विषयों पर घंटों चर्चा होती है और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आलोचना की जाती है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और किसानों के संकट पर चर्चा करने से सरकार बचती है। उनका कहना था कि सरकार को इन विषयों पर जवाब देना चाहिए कि देश में महंगाई क्यों बढ़ रही है, युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा और किसानों की आय क्यों स्थिर बनी हुई है।<br />
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की संपत्ति कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सौंपी जा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि देश के संसाधनों और सार्वजनिक संस्थानों को निजी कंपनियों को क्यों सौंपा जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उद्योगपतियों गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का लाभ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित होता जा रहा है, जबकि आम जनता को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोग महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है, क्योंकि जब आर्थिक असमानता बढ़ती है तो समाज में असंतोष भी बढ़ता है।<br />
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने संसद की संस्थागत स्वतंत्रता को कमजोर किया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर की स्वतंत्रता को सीमित कर दिया गया है और सदन की कार्यप्रणाली को कमजोर किया जा रहा है। उनका कहना था कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार इस जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने से नहीं चलता, बल्कि मजबूत संस्थाओं और पारदर्शी व्यवस्था से चलता है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य इन संस्थाओं की रक्षा करना है, क्योंकि इन्हीं संस्थाओं के आधार पर देश का लोकतंत्र मजबूत बना रहता है।<br />
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बार-बार असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश करती है। जब भी विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी या किसानों के संकट जैसे मुद्दे उठाता है, तब सरकार और उसके समर्थक किसी अन्य विषय को सामने लाकर बहस को भटका देते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और इससे जनता के असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा राहुल गांधी के कपड़ों तक पर चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार के पास विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं है। जब तर्क और तथ्य नहीं होते, तब व्यक्तिगत टिप्पणियां की जाती हैं और मुद्दों को भटकाने की कोशिश की जाती है।<br />
उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक कथन को याद करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल यदि नकली छवि बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश करता है, तो अंततः सच्चाई सामने आ ही जाती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज के दौर में भी यही स्थिति है। सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, लेकिन जनता अंततः सच्चाई को पहचान लेती है।<br />
प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा और जनता के मुद्दों को उठाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और सामाजिक न्याय की रक्षा करना भी है।<br />
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी देशभर में जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार की नीतियों का असर उनके जीवन पर क्या पड़ रहा है और सरकार उन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठा रही है।<br />
अंत में उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है और यहां की जनता राजनीतिक प्रचार से ज्यादा वास्तविक मुद्दों को महत्व देती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर लोकतंत्र, संविधान और देश की संस्थाओं की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।<br />
इस प्रकार संसद परिसर में दिया गया प्रियंका गांधी का यह बयान एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को तेज करने वाला साबित हुआ है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता</p>
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		<title>कांग्रेस का मोदी सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति पर हमला; कहा- गडकरी के बेटों को लाभ और उपभोक्ताओं को नुकसान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Sep 2025 00:59:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 05 सितंबर। कांग्रेस ने मोदी सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति पर हमला बोलते हुए सवाल किया</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/congress-attacks-modi-governments-ethanol-blending-policy-said-gadkaris-sons-benefit-and-consumers-suffer/">कांग्रेस का मोदी सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति पर हमला; कहा- गडकरी के बेटों को लाभ और उपभोक्ताओं को नुकसान</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 05 सितंबर। कांग्रेस ने मोदी सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति पर हमला बोलते हुए सवाल किया है कि क्या यह नीति आम जनता के बजाय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटों समेत कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के इरादे से बनाई गई है। इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि वोट चोरी के बाद अब मोदी सरकार पेट्रोल चोरी में लिप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 2014 में किए गए उस वादे को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नगरपालिका के कचरे से इथेनॉल बनाया जाएगा, जिसे पेट्रोल और डीजल में डाला जाएगा। उस समय दावा किया गया था कि इसके बाद पेट्रोल 55 रुपये और डीजल 50 रुपये प्रति लीटर में मिलेगा। 2018 में भी गडकरी ने लकड़ी के बूरे और नगरपालिका के कचरे से इथेनॉल उत्पादन की बात दोहराई थी। लेकिन इन दावों के उलट आज पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। आज तक नगरपालिका कचरे या लकड़ी के बूरे से एक बूंद भी इथेनॉल नहीं बना है। इसके विपरीत 2023-24 में 672 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हुआ, जिसमें से 56 प्रतिशत गन्ने से और बाकी अनाज से बनाया गया।</p>
<p>हितों के टकराव का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने बताया कि नितिन गडकरी के पुत्र निखिल गडकरी के स्वामित्व वाली सियान एग्रो इंडस्ट्रीज इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एक प्रमुख इथेनॉल आपूर्तिकर्ता है। उनके दूसरे पुत्र सारंग गडकरी इथेनॉल का व्यवसाय करने वाली मानस एग्रो इंडस्ट्रीज में निदेशक हैं। उन्होंने बताया कि सियान एग्रो का राजस्व 18 करोड़ से बढ़कर 523 करोड़ रुपये हो गया। इसके शेयर की कीमत 37.45 रुपये से 638 रुपये तक पहुंच गई। खेड़ा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पिता नीतियां बना रहे हैं, पुत्र पैसा बना रहे हैं।</p>
<p>पवन खेड़ा ने आगे कहा कि इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी चीनी मिलें रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या गन्ना आधारित इथेनॉल को इसलिए बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि नितिन गडकरी, उनके सहयोगियों और आरएसएस के चीनी मिलों में व्यावसायिक हित होने की खबर हैं?</p>
<p>खेड़ा ने पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट से हो रहे नुकसान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे वाहनों के इंजनों को नुकसान हो रहा है, माइलेज कम हो रही है और रखरखाव की लागत बढ़ रही है। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें माइलेज में छह प्रतिशत गिरावट को स्वीकार किया गया है, जबकि वास्तविकता में यह नुकसान कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल संयंत्र न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से अनाज नहीं खरीद रहे, बल्कि सस्ते सरकारी स्टॉक पर निर्भर हैं। इससे न केवल किसानों की आय प्रभावित हो रही है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य भंडार पर भी असर पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त प्रति लीटर इथेनॉल उत्पादन के लिए तीन हजार लीटर पानी की खपत होती है, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की 2030 तक 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण की योजना से चीनी की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिसका बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने रूस से सस्ता कच्चा तेल आयात करने और 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य समय से पूर्व हासिल करने के बाद भी ईंधन की कीमतों में कमी नहीं की। ऐसे में सवाल उठता है कि इस नीति से बड़े पैमाने पर मुनाफा कौन कमा रहा है?</p>
<p>खेड़ा ने सरकार से यह भी पूछा कि इथेनॉल मिश्रण से किसानों और आम जनता को कितना फायदा हुआ? इस नीति का फायदा सिर्फ गडकरी के बेटों को ही क्यों मिला? प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की शपथ ली है, तो क्या लोकपाल 130वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित होने से पहले गडकरी और उनके बेटों पर लगे आरोपों की जांच करने का साहस करेगा? 2014-2025 के बीच पेट्रोल-डीजल पर सेस के जरिए कमाए गए करीब 40 लाख करोड़ रुपये का हिसाब कब मिलेगा?</p>
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		<title>खरगे-राहुल ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक को संबोधित किया</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/kharge-rahul-addressed-the-meeting-of-district-congress-presidents/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 15:58:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Kharge-Rahul addressed the meeting of district Congress presidents]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आरएसएस-भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी: खरगे खरगे ने कहा, जिला अध्यक्ष पार्टी के अग्रिम पंक्ति के सेनापति</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/kharge-rahul-addressed-the-meeting-of-district-congress-presidents/">खरगे-राहुल ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक को संबोधित किया</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h3><strong>आरएसएस-भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी: खरगे</strong></h3>
<h3><strong>खरगे ने कहा, जिला अध्यक्ष पार्टी के अग्रिम पंक्ति के सेनापति हैं</strong></h3>
<p>नई दिल्ली, 27 मार्च: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को 13 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक को संबोधित किया। इस बैठक का उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और भाजपा-आरएसएस के खिलाफ कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई को और धार देना था।</p>
<p>खरगे ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल चुनावी राजनीति नहीं कर रही है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधान और स्वतंत्र संस्थाओं को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल संसद तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि इसे जमीन और सड़कों तक ले जाना होगा।</p>
<h3><strong>2024 के लोकसभा चुनाव और इंडिया गठबंधन का विश्लेषण</strong></h3>
<p>खरगे ने 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों का विश्लेषण करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन ने भाजपा को 240 सीटों पर सीमित कर दिया। कांग्रेस ने लगभग 100 सीटें जीतीं, लेकिन अगर गठबंधन और मेहनत करता तो 20-30 और सीटें जीत सकता था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल संख्याओं की नहीं थी, बल्कि अगर कांग्रेस और उसके सहयोगी बेहतर प्रदर्शन करते, तो देश में वैकल्पिक सरकार बन सकती थी। इससे न केवल संवैधानिक संस्थाओं को बचाया जा सकता था, बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली नीतियों पर भी अंकुश लगाया जा सकता था।</p>
<h3><strong>आर्थिक स्थिति और सामाजिक असमानता पर कांग्रेस का रुख</strong></h3>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों ने अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है। अमीर और अमीर हो रहे हैं, जबकि गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। बेरोजगारी अपने चरम पर है और महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।</p>
<p>खरगे ने बताया कि घरेलू बचत दर दशकों में सबसे कम स्तर पर पहुँच गई है। उन्होंने इसे देश की आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। कांग्रेस का मानना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण केवल कुछ उद्योगपतियों को फायदा हो रहा है, जबकि आम आदमी संघर्ष कर रहा है।</p>
<h3><strong>जाति जनगणना की मांग और सामाजिक न्याय</strong></h3>
<p>बैठक के दौरान खरगे ने जाति जनगणना की मांग को दोहराया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कांग्रेस का मानना है कि जाति जनगणना से समाज में हाशिए पर मौजूद समुदायों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा और उनके लिए नीतियाँ बनाना आसान होगा।</p>
<p>राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन भी है। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसा भारत बनाना है, जहाँ हर नागरिक को समान अवसर मिले और कोई भी भेदभाव का शिकार न हो।</p>
<h3><strong>विदेश नीति पर सरकार की विफलता और भाजपा की रणनीति</strong></h3>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और अन्य देशों ने भारत के नागरिकों का अपमान किया है और काउंटर-टैरिफ लगाकर भारत को नुकसान पहुँचाया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल सांप्रदायिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और इससे जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से भटक रहा है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस का फोकस इस बात पर रहेगा कि जनता के असली मुद्दों को उठाया जाए और भाजपा के दुष्प्रचार का जवाब दिया जाए।</p>
<h3><strong>जिला अध्यक्षों की भूमिका और पार्टी संगठन का महत्व</strong></h3>
<p>खरगे ने बैठक में मौजूद जिला कांग्रेस अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सिर्फ संदेशवाहक नहीं हैं, बल्कि पार्टी के सेनापति हैं। उनकी भूमिका केवल पार्टी के निर्देशों को लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कांग्रेस के विचारों को जमीन पर उतारने वाले असली नेता हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा बहुत मजबूत है, लेकिन सत्ता के बिना इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसलिए हर कार्यकर्ता को संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए मेहनत करनी होगी।</p>
<h3><strong>चुनावी रणनीति और मतदाता सूची प्रबंधन</strong></h3>
<p>बैठक में यह भी चर्चा की गई कि भाजपा कैसे मतदाता सूची में विसंगतियाँ बढ़ा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे इस समस्या पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न काटा जाए।</p>
<p>इसके अलावा, उन्होंने आगामी असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के चुनावों पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह जिला कांग्रेस अध्यक्षों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने जिलों में पार्टी के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करें।</p>
<p><strong>कांग्रेस की विचारधारा और भाजपा-आरएसएस के खिलाफ लड़ाई</strong></p>
<p>बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस की विचारधारा को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ भाजपा-आरएसएस का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि एक समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य एक ऐसा भारत बनाना है जहाँ हर नागरिक को समान अवसर मिले, न्याय मिले और किसी के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि एक वैचारिक संघर्ष भी है, जिसे कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी।</p>
<h3><strong>कांग्रेस की रणनीति और आगे की राह</strong></h3>
<p>बैठक के अंत में, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि इस बैठक में कुल 338 जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि बैठक दोतरफा संवाद का हिस्सा थी, जहाँ न केवल वरिष्ठ नेताओं ने बात की, बल्कि जिला अध्यक्षों को भी अपनी समस्याएँ और सुझाव रखने का अवसर मिला।</p>
<p>कांग्रेस अब पूरी तरह से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और भाजपा-आरएसएस के खिलाफ लड़ाई को तेज करने के मूड में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस बैठक में लिए गए निर्णयों को कैसे लागू करती है और आने वाले चुनावों में इसका कितना प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/kharge-rahul-addressed-the-meeting-of-district-congress-presidents/">खरगे-राहुल ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक को संबोधित किया</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>ट्रंप के टैरिफ वाले बयान पर कांग्रेस का हमला: मोदी सरकार अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर रही</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 17:02:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Congress attacks Trump's tariff statement: Modi government is surrendering to America]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के टैरिफ कटौती के फैसले को लेकर दिए</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के टैरिफ कटौती के फैसले को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर अमेरिका के सामने झुकने और भारत के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टता की मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रहे हैं और इससे विश्व मंच पर भारत की स्थिति कमजोर हो रही है।</p>
<p>नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, &#8220;यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 140 करोड़ भारतीयों को उनकी सरकार की व्यापार नीति की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिल रही है। इससे बड़ा अपमान कुछ नहीं हो सकता।&#8221; उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिका के दबाव में आकर भारत के व्यापारिक हितों से समझौता कर रही है। खेड़ा ने कहा कि टैरिफ कटौती से भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों (MSME) और किसानों को भारी नुकसान होगा।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि उन्होंने भारत की पोल खोल दी है और भारत अब टैरिफ में कटौती के लिए सहमत हो गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि ऐसा लगता है मानो भारत को धमकाया गया हो और उसे झुकने के लिए मजबूर कर दिया गया हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति के सामने भारत के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं।</p>
<p>&#8220;जब अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी मौजूद थे, तब वहां भारत को &#8216;रेसिप्रोकल टैरिफ&#8217; के नाम पर धमकाया जा रहा था। लेकिन मोदी जी चुपचाप मुस्कुराते रहे।&#8221;खेड़ा ने कहा कि अमेरिका में मोदी सरकार की इस कमजोर स्थिति के कारण भारत की छवि को नुकसान पहुंचा है।</p>
<p><strong>भारत की मजबूत विदेश नीति को कमजोर कर रही है मोदी सरकार &#8211; कांग्रेस</strong></p>
<p>पवन खेड़ा ने भारत के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि भारत हमेशा अपनी संप्रभुता और आर्थिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहा है उन्होंने कहा 1971 के बांग्लादेश युद्ध के दौरान जब अमेरिका ने भारत को धमकाने के लिए सातवां बेड़ा भेजा था, तब भी भारत नहीं झुका। 1974 में पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाया, लेकिन भारत ने अपना निर्णय नहीं बदला। 1998 में पोखरण-दो परीक्षण के समय भी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अमेरिका की धमकियों के बावजूद भारत के आत्मनिर्भर रक्षा नीति को बनाए रखा।</p>
<p>खेड़ा ने कहा, &#8220;कनाडा और मैक्सिको जैसे देश पारस्परिक टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिका के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सकते हैं, तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता?&#8221;</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और भारत की आर्थिक संप्रभुता को कमजोर कर रही है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ नीति (Reciprocal Tariff Policy) से भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सबसे अधिक नुकसान होगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार, टैरिफ कटौती के कारण भारत को सालाना लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इससे किसानों को भी बड़ा झटका लगेगा। भारतीय कृषि को तीन स्तरों पर चुनौती का सामना करना पड़ेगा:</p>
<p style="padding-left: 40px;">1. सस्ते आयात के कारण भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम हो जाएगी।</p>
<p style="padding-left: 40px;">2. स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्यमियों की आय घटेगी।</p>
<p style="padding-left: 40px;">3. अमेरिकी उत्पादों की वजह से भारतीय बाजार में असंतुलन पैदा होगा।</p>
<p>खेड़ा ने अमेरिकी ब्रांड हार्ले-डेविडसन बाइक, बोरबॉन व्हिस्की और वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क कम करने का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार पहले से ही टैरिफ कम करने के संकेत दे रही थी।</p>
<p><strong>मोदी सरकार केवल बड़े पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है &#8211; कांग्रेस</strong></p>
<p>कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने कुछ पूंजीपति मित्रों के हितों की रक्षा कर रही है और देश के छोटे व्यापारियों व किसानों को अनदेखा कर रही है।</p>
<p>&#8220;मोदी सरकार की नीतियां केवल चंद बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। छोटे व्यापारी और किसान इस सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।&#8221;</p>
<p>कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मोदी सरकार अमेरिका को माकूल जवाब देती है और भारत के आर्थिक हितों की रक्षा करती है, तो कांग्रेस जिम्मेदार विपक्ष के रूप में सरकार के साथ खड़ी होगी।</p>
<p>पवन खेड़ा ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान देना चाहिए और देश को यह बताना चाहिए कि भारत के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए उनकी सरकार क्या कदम उठा रही है।</p>
<p><strong>मोदी सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल</strong></p>
<p>ट्रंप के बयान और टैरिफ कटौती को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>1. क्या मोदी सरकार अमेरिका के सामने झुक रही है?</p>
<p>2. क्या टैरिफ कटौती से भारतीय व्यापारियों और किसानों को नुकसान होगा?</p>
<p>3. क्या सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के हितों के लिए काम कर रही है?</p>
<p>इन सवालों के जवाब मांगते हुए कांग्रेस ने मोदी सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्टता देने और भारतीय हितों की रक्षा करने की मांग की है।</p>
<p>अब यह देखना होगा कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या भारत अमेरिकी टैरिफ नीति के सामने मजबूती से खड़ा हो पाएगा या नहीं।</p>
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		<title>अखिलेश यादव का कटाक्ष: मुख्यमंत्री आवास के नीचे भी हो सकता है शिवलिंग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Dec 2024 15:48:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav's sarcasm: There could be a Shivling under the Chief Minister's residence too]]></category>
		<category><![CDATA[My]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
		<category><![CDATA[pmo india]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 29 दिसंबर । उत्तर प्रदेश में जारी पुरातात्विक खुदाई को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/akhilesh-yadavs-sarcasm-there-could-be-a-shivling-under-the-chief-ministers-residence-too/">अखिलेश यादव का कटाक्ष: मुख्यमंत्री आवास के नीचे भी हो सकता है शिवलिंग</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 29 दिसंबर । उत्तर प्रदेश में जारी पुरातात्विक खुदाई को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, &#8220;मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री के आवास के नीचे भी एक शिवलिंग हो सकता है। चूंकि खुदाई का दौर चल रहा है, हमें मुख्यमंत्री आवास की खुदाई के लिए भी तैयार रहना चाहिए।&#8221;</p>
<p>लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यादव ने यह बात मजाकिया लहजे में कही। हालांकि, उनके इस बयान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठहाके जरूर लगे, लेकिन यह बयान सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। यादव ने व्यंग्य करते हुए मीडिया और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी गतिविधियों से जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।</p>
<p><strong>संभल में खुदाई: पुरातात्विक महत्व और विवाद</strong></p>
<p>यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के संभल जिले में चल रहे उत्खनन कार्य के नौवें दिन आई। संभल के चंदौसी क्षेत्र में एक प्राचीन बावड़ी का पता लगाने के लिए खुदाई चल रही है। यह बावड़ी 46 वर्षों से बंद पड़े एक शिव-हनुमान मंदिर के आस-पास स्थित है।</p>
<p>स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बावड़ी के साथ एक कुएं और उससे जुड़ी संरचना का पता चला है। खुदाई के दौरान मिली संरचनाओं से यह संकेत मिलता है कि यह स्थान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि संरचना के चारों ओर खुदाई कार्य निर्बाध रूप से पूरा हो सके।</p>
<p>चंदौसी नगर पालिका के एक अधिकारी ने बताया, &#8220;हमने सड़क के बीचों-बीच एक कुएं की खोज की है, जो शायद इस प्राचीन संरचना का केंद्र है। इस संरचना के चारों ओर बनी अवैध निर्माणों को हटाना आवश्यक है।&#8221;</p>
<p><strong>पुरातात्विक महत्व और इतिहास</strong></p>
<p>संभल जिले की इस बावड़ी का ऐतिहासिक महत्व क्या है, इस पर अभी शोध चल रहा है। लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यह संरचना सैकड़ों वर्षों पुरानी है और इसे धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>खुदाई का यह कार्य पुरातात्विक विभाग की देखरेख में हो रहा है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि खुदाई कार्य के दौरान संरचना को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही आसपास के निर्माण कार्यों को भी रोका जा रहा है।</p>
<p><strong>सियासी माहौल गर्म</strong></p>
<p>अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनावी सरगर्मियां तेज होने की संभावना है। सपा प्रमुख ने इसे सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने का अवसर बताया। उन्होंने कहा, &#8220;सरकार जनता के असली मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कार्य कर रही है। खुदाई के नाम पर दिखावटी राजनीति की जा रही है।&#8221;</p>
<p><strong>खुदाई में मिले संरचनाओं की जानकारी</strong></p>
<p>संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र में खुदाई के दौरान एक प्राचीन बावड़ी और उससे जुड़ी अन्य संरचनाओं का पता चला है। यह संरचना लगभग चार दशकों से बंद पड़ी थी। खुदाई कार्य के दौरान एक कुआं भी मिला है, जो बावड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि यह संरचना काफी जर्जर अवस्था में है, और इसे संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, &#8220;ऐतिहासिक महत्व वाली संरचना को संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है। अतिक्रमण हटाने के बाद इसे एक दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।&#8221;</p>
<p><strong>स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>खुदाई के इस कार्य ने स्थानीय लोगों के बीच जिज्ञासा और उत्सुकता बढ़ा दी है। लोग बड़ी संख्या में खुदाई स्थल पर इकट्ठा हो रहे हैं। कुछ का मानना है कि यह धार्मिक स्थल है, जबकि अन्य इसे पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं।</p>
<p>स्थानीय निवासी रामेश्वर सिंह ने कहा, &#8220;यह स्थान हमारे लिए आस्था का केंद्र है। हमें गर्व है कि सरकार इसे संरक्षित करने के लिए प्रयास कर रही है।&#8221; वहीं, कुछ लोगों ने खुदाई के दौरान मिले संरचनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और उचित देखभाल की मांग की।</p>
<p><strong>अतिक्रमण और कानूनी विवाद</strong></p>
<p>पुरातात्विक विभाग ने स्पष्ट किया है कि बावड़ी के चारों ओर बनी संरचनाएं अवैध हैं और इन्हें हटाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस कदम को लेकर स्थानीय लोगों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।</p>
<p>एक अधिकारी ने बताया, &#8220;हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ऐतिहासिक महत्व वाली संरचना को कोई नुकसान न हो। अतिक्रमण हटाने के बाद इस स्थल को साफ और संरक्षित किया जाएगा।&#8221;</p>
<p><strong>धार्मिक और पर्यटन संभावनाएं</strong></p>
<p>संभल की इस बावड़ी और उससे जुड़े स्थल को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। पुरातात्विक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस स्थल का उचित रखरखाव किया जाए, तो यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि राज्य के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।</p>
<p><strong>सरकार की भूमिका और भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार ने इस स्थल को संरक्षित करने और इसके विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। हालांकि, अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं का मानना है कि सरकार इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।</p>
<p>इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है कि प्रदेश में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, &#8220;ऐतिहासिक धरोहरें हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन करना हमारा कर्तव्य है।&#8221;</p>
<p>संभल जिले की यह खुदाई केवल पुरातात्विक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए राजनीति और धार्मिक मुद्दे भी उभरकर सामने आए हैं। जहां एक ओर सरकार इसे सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में सुधार का कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बता रहा है।</p>
<p>अखिलेश यादव के बयान से जहां राजनीति में गर्माहट आई है, वहीं खुदाई कार्य ने स्थानीय लोगों और पुरातात्विक विशेषज्ञों के बीच नए उत्साह और संभावनाओं को जन्म दिया है। अब देखना यह होगा कि यह स्थल भविष्य में कैसे विकसित होता है और इससे जुड़े राजनीतिक विवाद कैसे सुलझते हैं।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/akhilesh-yadavs-sarcasm-there-could-be-a-shivling-under-the-chief-ministers-residence-too/">अखिलेश यादव का कटाक्ष: मुख्यमंत्री आवास के नीचे भी हो सकता है शिवलिंग</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>सुप्रीम कोर्ट के कोटा विद इन कोटा के फैसले ने क्या खोला जातीय जनगणना का रास्ता?</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/did-the-supreme-courts-decision-on-quota-with-these-quotas-open-the-way-for-caste-census/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Aug 2024 09:52:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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		<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme court of India]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ का फैसला भारत के अलग-अलग राजनीतिक दलों के लिए</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/did-the-supreme-courts-decision-on-quota-with-these-quotas-open-the-way-for-caste-census/">सुप्रीम कोर्ट के कोटा विद इन कोटा के फैसले ने क्या खोला जातीय जनगणना का रास्ता?</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ का फैसला भारत के अलग-अलग राजनीतिक दलों के लिए एक कैच 22 की स्थिति पैदा कर दिया है भारतीय जनता पार्टी की सरकार की तरफ से संविधान पीठ के सामने एससी एसटी के अंदर उप वर्गीकरण का सुझाव दिया गया था संविधान पीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में एससी-एसटी के अंदर कोटा विद इन कोटा या हम कहें कि क्रीमी लेयर का फार्मूला लागू करने का सुझाव दिया है संविधान पीठ ने साफ कर दिया है कि आजादी के इतने साल बाद भी एससी एसटी जातियों में अभी भी छुआछूत बरकरार है और एससी एसटी वर्ग के अंदर तमाम ऐसी जातियां हैं जो उसी वर्ग के दूसरी जातियों के साथ में छुआछूत में विश्वास रखती है भेदभाव करती है इसलिए जो जातियां अती दलित है अति कमजोरी है उनको वरीयता दी जानी चाहिए और उनका एक वर्गीकरण करके आरक्षण की सुविधा सबसे पहले उनको दी जानी चाहिए सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले का तमिलनाडु, तेलंगाना राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्वागत किया है लेकिन बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस फैसले का विरोध किया है उनका कहना है कि एससी एसटी वर्ग में अभी भी सामाजिक आर्थिक पिछलापन ज्यादा है इसलिए कोटा विद इन कोटा व्यवस्था लागू नहीं किया जाना चाहिए उनका कहना है कि संविधान पीठ का फैसला व्यावहारिक नहीं है अब मायावती के अपने तर्क हो सकते हैं उनके अपने पॉलिटिकल कंपल्शन हो सकते हैं इसी तरह के पॉलिटिकल कंपल्शन बाकी राजनीतिक दलों का भी हो सकता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार की तरफ से और सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की तरफ वर्गीकरण का फैसला आ गया है और सरकार ने भी कहा है की सुप्रीम कोर्ट के फैसले को माननें में उनको कोई एतराज नहीं है लेकिन अब देखना है की किस तरह से ये फैसला लागू होगा।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राज्यों को अधिकार दिया है कि वह अपने-अपने राज्यों में सामाजिक स्थिति का आकलन करके कास्ट और सब कास्ट के एक रिपोर्ट तैयार करें और उस आधार पर अपने अपने राज्यों में एससी एसटी के अंदर कोटा विद इन कोटा लागू करें हम सब जानते हैं कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने कई साल पहले महादलित और अति पिछड़ों को लेकर एक वर्गीकरण किया था और उस आधार पर बिहार में आरक्षण की व्यवस्था की थी कहा जाता है नीतीश कुमार का यही ट्रंप कार्ड था जिसके चलते हुए लगातार बिहार के राजनीतिक में रेलीवेंट बने हुए हैं और जब-जब चुनाव होता है तो उनको दलित समाज का अति पिछड़ा या अति गरीब कहिए या महा दलित कहिए नितेश कुमार को वोट देता है और पिछड़ों में भी जो अति पिछड़ा है वह नीतीश कुमार को वोट देता है भारत में कोटा विद इन कोटा लागू करने की शुरुआत 1975 में पंजाब की सरकार ने किया था और उसके देखा देखी आंध्र प्रदेश की सरकार ने भी लागू करने की कोशिश की थी लेकिन इन दोनों राज्य सरकारों के उसे निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने 2004 में पांच जज की पीठ ने पंजाब और आंध्र प्रदेश सरकार के उसे कोटा विद इन कोटा या वर्गीकरण करने संबंधी फैसले को खारिज कर दिया था और इस तरह से जो पुरानी व्यवस्था थी एससी एसटी पूरे समुदाय को आरक्षण देने की वह अभी तक चली आ रही थी उसके बाद प्रकरण संविधान पीठ के सामने गया और संविधान पीठ ने कई वर्षों तक सुनवाई करने के बाद 1 अगस्त को अपना फैसला सुनाया है सात जजों की संविधान पीठ में से 6 न्यायाधीशों ने कोटा विद इन कोटा या हम कहें क्रीमी लेयर जातियों के वर्गीकरण और उप वर्गीकरण का फैसला सुनाया है और साथ जज में से एक जज जस्टिस वेला त्रिवेदी ने मेजोरिटी फैसले के खिलाफ अपने राय जाहिर की भारत के मुख्य न्यायाधीश डिवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में गठित इस संविधान पीठ ने अपने फैसले में 1917 और 1932 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान एससी-एसटी को लेकर कराए गए सर्वे और उन सर्वे रिपोर्ट्स का हवाला दिया डिवाई चंद्रचूड़ ने अपने विस्तृत फैसले में लिखा है कि ब्रिटिश टाइम में भी जो रिपोर्ट पेश हुई थी उसमें एससी एसटी के अंदर छुआ छुआ और जातियों के अंदर भेदभाव की पुष्टि की गई तो 1917 और 1932 की दो रिपोर्ट और उसके बाद के जितने भी विभिन्न डाटा आज अवेलेबल है उसके आधार पर संविधान पीठ ने फैसला सुनाया है कि क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए जातियों के अंदर वर्गीकरण की व्यवस्था लागू होनी चाहिए और एससी-एसटी के अंदर जो सबसे ज्यादा कमजोर है जो पिछड़े हैं उनको आरक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए संविधान पीठ के एक जज ने तो यह भी सुझाव दिया है कि एक बार जिस परिवार को आरक्षण की सुविधा मिल गई हो उसको दोबारा इसकी सुविधा नहीं मिलनी चाहिए अब इस तरह का फैसला आने के बाद जो आरक्षण विरोधी तत्व रहे हैं जो शुरू से आरक्षण का विरोध करते रहे हैं जातीय आधार पर उनको एक नया तर्क मिल गया है अपनी बात और मजबूती से रखने के लिए और जब ओबीसी के अंदर क्रीमी लेयर का फार्मूला लागू करने का जजमेंट आया था तब भी और अब एससी एसटी के अंदर जब क्रीमी लेयर और वर्गीकरण के फैसले को लागू करने का सुझाव आया है तब भी ऐसी ताकत है जो आरक्षण का विरोध करती है उनको एक नई एनर्जी मिली है एक नई ऊर्जा मिली है समाज के अंदर अपनी बात करने के लिए। लेकिन अगर संविधान पीठ के फैसले पर गंभीरता से स्टडी किया जाए उसे पर विचार किया जाए तो एक बात सबसे जो महत्वपूर्ण निकलकर आ रही है कि संविधान पीठ ने कहा है कि पता लगाइए जनगणना कराकर एससी एसटी के अंदर एक वर्गीकरण किया जाना चाहिए भारत सरकार पिछले कई वर्षों से जातीय जनगणना को टाल रही है पहले कोविड का सहारा लेकर जनगणना को टाल दिया गया था और अब जब गैर भाजपा सभी पार्टियां जाति आधार पर जनगणना की मांग कर रही है राहुल गांधी अखिलेश यादव तेजस्वी यादव सहित इंडिया एलायंस के ज्यादातर घटक दलों की तरफ से जातीय जनगणना को लेकर चुनाव में भी मुद्दा बनाया गया था और चुनाव परिणाम आने के बाद भी संसद के अंदर और बाहर मुद्दा बनाने की बात की जा रही है तो अब सरकार ऐसी स्थिति में क्या फैसला लेती है यह देखने की बात है क्योंकि भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित संविधान पीठ का फैसला अगर सरकार लागू करना चाहेगी तो उसे स्थिति में उसको सभी कमजोर वर्गों को पता लगाने के लिए एक सर्वे करना पड़ेगा एक जनगणना करना पड़ेगा और वह जनगणना तभी हो सकता है जब जातीय जनगणना पूरे देश में कराई जाए जिसकी मांग इंडिया एलायंस के सभी दल कर रहे हैं तो अब देखना है कि पहली बात यह की संविधान पीठ के इस फैसले का देश के कौन-कौन से राजनीतिक दल खुले तौर पर सपोर्ट कर रहे हैं कौन-कौन से राजनीतिक दल इसमें अपनी अलग राय रखता है और दूसरा अगर सरकार जिस तरह से कोर्ट के अंदर उप वर्गीकरण का वकालत कर चुकी है अगर इस स्टैंड पर कायम रहती है तो फिर उसकी जातिय जनगणना के दिशा में पहल करनी पड़ेगी और अगर वह जाति जनगणना की दिशा में पहल करती है तो राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव का जो पॉलीटिकल स्टैंड है कि वह जाति जनगणना को इसी संसद में पारित कराने की कोशिश करेंगे उनके इस दावे को बल मिलेगा और उसका पॉलीटिकल माइलेज इंडिया एलायंस की पार्टियां लेने की कोशिश करेंगी।</p>
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		<title>संसद के अंदर अनुराग ठाकुर का बयान उनकी सोच को दर्शाता है &#8211; इंडिया गठबंधन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Jul 2024 10:40:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एक बार फिर से विवादों में है। दिल्ली विधानसभा</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एक बार फिर से विवादों में है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में आयोजित एक पॉलीटिकल रैली में देश के गद्दारों को गोली मारो कहकर पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थी और अब इस बार 30 जुलाई को संसद के अंदर जातीय जनगणना की मांग करने वाले नेताओं की जाति पूछ कर उन्होंने एक बार फिर हैडलाइन बना दिया है खास बात यह है की अनुराग ठाकुर के संसद में दिए गए इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया। सवाल उठता है की संसद के अंदर नेता प्रतिपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं को नियमावली और संसद की मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाले बीजेपी के नेता खुद बोलते समय संसद की मर्यादा और उसकी परंपरा का कितना ध्यान रखते हैं अनुराग ठाकुर के इस हालिया बयान से जाहिर हो गया। हंगामा होने पर अनुराग ठाकुर ने संसद के अंदर ही सफाई देते हुए कहा कि हमने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है लेकिन उनका इशारा बिल्कुल साफ था और वह संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को देखकर ही बोल रहे थे राहुल गांधी ने तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक बार फिर जातीय जनगणना को लेकर अपने दल और इंडिया गठबंधन की प्रतिबद्धता को दोहराया, उनका कहना था कि एनडीए और बीजेपी के नेता उनको चाहे जितना अपमानित करें लेकिन वह जातीय जनगणना के सवाल को कभी नहीं छोड़ेंगे और संसद में जनगणना करने संबंधी कानून बनवाकर ही दम लेंगे।<br />
राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव खुलकर सामने आ गए और उन्होंने अनुराग ठाकुर को अपना बयान फिर से दोहराने की चुनौती दे डाली अखिलेश यादव सहित इंडिया गठबंधन के नेताओं के तीखे तेवर को देखते हुए पूरे देश में एक नया राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया और जाति जनगणना के समर्थक नेताओं और दलों का दावा है कि वह आने वाले समय में जाति जनगणना करवा कर ही दम लेंगे इंडिया गठबंधन की पार्टियां बीजेपी को पिछड़ा वर्ग विरोधी साबित करने में जुटी हुई हैं उनका कहना है की अनुराग ठाकुर का बयान उनकी पॉलिटिकल ग्रूमिंग और उनकी सोच को दर्शाता है। अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव सहित तमाम नेताओं ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर के द्वारा दिए गए बयान की तीखी आलोचना की। 31 जुलाई को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में भी अनुराग ठाकुर के बयान की निंदा की आज सदन के कार्रवाई शुरू होते ही एक बार फिर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के लिए अनुराग ठाकुर और बीजेपी के खिलाफ हंगामा हुआ और सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा अब देखना है कि भारतीय जनता पार्टी और इंडिया गठबंधन की तरफ से बनाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी मुद्दे को काउंटर करने के लिए क्या रणनीति बनाती है लेकिन शुरुआती दौर में अनुराग ठाकुर के बयान ने इंडिया गठबंधन के नेताओं के बीच में मजबूत एकता बनाने में मदद की। कांग्रेस पार्टी की तरफ से अनुराग ठाकुर के जवाब में राहुल गांधी की जाति बताते हुए दावा किया कि गांधी परिवार की जाति शहादत है गांधी परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए कुर्बानियां दी है और वही कुर्बानी गांधी परिवार की जाति है कांग्रेस पार्टी ऐसा लगता है कि इस मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के साथियों के साथ जल्दी ही एक देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। अनुराग ठाकुर पिछली सरकार में मंत्री थे लेकिन इस बार उनको मंत्री मंडल में जगह नहीं मिली है अखिलेश यादव का आरोप है कि अनुराग ठाकुर फिर से मंत्री बनने के लिए बीजेपी आला कमान को खुश करने में लगे हैं इसलिए वे सदन के अंदर और सदन के बाहर विवादित बयानबाजी करके पार्टी आला कमान का भरोसा हासिल करना चाहते हैं राजनीतिक तौर पर भले ही अनुराग ठाकुर और बीजेपी इस तरह का बयान देकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर हावी होने की कोशिश किए हो लेकिन संसद की मर्यादा के मध्य किसी भी सदस्य के द्वारा दिया गया इस तरह का बयान किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता है।</p>
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		<title>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से की अपील</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 May 2024 11:13:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
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		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
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		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
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		<category><![CDATA[Samajwadi party]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 31 मई। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने पार्टी के</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 31 मई। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और प्रत्याशियों से अपील की है। अखिलेश यादव ने अपील में कहा है कि मैं आज आपसे एक बेहद ज़रूरी अपील कर रहा हूँ। आप सब कल वोटिंग के दौरान भी और वोटिंग के बाद के दिनों में भी, मतगणना ख़त्म होने और जीत का सर्टिफिकेट मिलने तक पूरी तरह से सजग, सतर्क, सचेत और सावधान रहिएगा और किसी भी प्रकार के भाजपाई बहकावे में न आइएगा।</p>
<p>दरअसल ये अपील हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि भाजपावालों ने ये योजना बनायी है कि कल शाम को चुनाव ख़त्म होते ही, वो अपनी ‘मीडिया मंडली’ से विभिन्न चैनलों पर ये कहलवाना शुरू करेंगे कि भाजपा को लगभग 300 सीटों के आसपास बढ़त मिली हुई है, जो कि पूरी तरह से झूठ है। ऐसे में आपके मन में ये सवाल उठेगा कि भाजपा को इस दो-तीन दिन का झूठ बोलने से क्या मिलेगा, जबकि ‘इंडिया गठबंधन’ की सरकार बनने जा रही है। इसके जवाब में हम आपको बता दें कि ऐसा झूठ फैलाकर भाजपा वाले आप सबका मनोबल गिराना चाहते हैं, जिससे आपका उत्साह कम हो जाए और आप लोग मतगणना के दिन सावधान और सक्रिय न रहें, जिसका फ़ायदा उठाते हुए भाजपा कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से मतगणना में धांधली कर सके। ध्यान रहे जो भाजपाई चंडीगढ़ के मेयर के चुनाव में कोर्ट द्वारा लगवाए गये कैमरों के सामने धांधली करने का बेशर्म दुस्साहस कर सकते हैं, वो चुनाव जीतने के लिए कोई भी घपला-घोटाला करने के लिए उतारू हो सकते हैं, इसीलिए ये सजगता ज़रूरी है।</p>
<p>इसीलिए आप लोगों से ये विशेष अपील है कि आप लोग किसी भी भाजपाई ‘एक्जिट पोल’ के बहकावे में नहीं आएं और पूरी तरह से चौकन्ना रहते हुए, अपना आत्मविश्वास बनाए रखते हुए डटे रहें और जीत के अपने मूल-मंत्र ‘मतदान भी सावधान भी’ को याद रखते हुए, जीत का प्रमाण-पत्र लेकर ही संविधान, लोकतंत्र और देश की जनता की जीत का उत्सव है</p>
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		<title>कांग्रेस देश में शरीया कानून लागू करके तालीबानी विध्वंस का समर्थन करना चाहती है : योगी</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/congress-wants-to-support-taliban-destruction-by-implementing-sharia-law-in-the-country-yogi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Apr 2024 09:19:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[cm office]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 24 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/congress-wants-to-support-taliban-destruction-by-implementing-sharia-law-in-the-country-yogi/">कांग्रेस देश में शरीया कानून लागू करके तालीबानी विध्वंस का समर्थन करना चाहती है : योगी</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 24 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इनकी मंशा एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण में डकैती डालने की है। सीएम योगी ने कहा कि यूपीए सरकार अपने शासनकाल में पूर्व चीफ जस्टिस एवं कांग्रेस सांसद रंगनाथ मिश्रा कमीशन सिफारिशों को लागू करना चाहती थी। बता दें कि रंगनाथ मिश्रा कमीशन के तहत ओबीसी को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में छह प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय को देने की बात कही गई थी। सीएम योगी बुधवार को बीजेपी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पाटी कार्यालय में मीडिया सेंटर का उद्घाटन भी किया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-343" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-240x300.jpg" alt="" width="240" height="300" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-240x300.jpg 240w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-819x1024.jpg 819w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-768x960.jpg 768w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-1229x1536.jpg 1229w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-1638x2048.jpg 1638w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008-1024x1280.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240424-WA0008.jpg 2048w" sizes="(max-width: 240px) 100vw, 240px" /></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मंशा एससी, एसटी के अधिकारों में भी घुसपैठ करने की है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यूपीए सरकार में आई सच्चर कमेटी की रिपोर्ट है, जिसे भाजपा के भारी विरोध के कारण उन्हें वापस लेना पड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने घोषणात्र में संपत्ति का सर्वे कराने की बात कर रही है। वे लोग उसके बाद संपत्ति का अपने अनुसार बंदरबांट करेंगे। यूपीए सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस बात का उल्लेख भी किया था कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने देश में चार जातियों की बात की है, गरीब, किसान, युवा और महिला। इसमें किसी जाति, मत-मजहब की बात नहीं है।</p>
<ul>
<li><strong>कांग्रेस की मंशा एससी, एसटी, ओबीसी के आरक्षण में कटौती कर अल्पसंख्यकों को देने की : योगी आदित्यनाथ</strong></li>
<li><strong>बीजेपी कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong></li>
<li><strong>कहा, कांग्रेस की मंशा बहुसंख्यक समाज को छिन्न-भिन्न करके आपस में विभाजित करने की</strong></li>
<li><strong>महिलाओं पर बर्बर अत्याचार करने वाले तालिबानी प्रवृत्ति को भारत में लागू करना चाहती है कांग्रेस : योगी</strong></li>
</ul>
<p>सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को देश की कीमत पर येन केन प्रकारेण सत्ता चाहिए। वह महिलाओं पर बर्बर अत्याचार करने वाले तालिबानी प्रवृत्ति को भारत में लागू करना चाहती है। ये लोग तीन तलाक का समर्थन करते हैं। कांग्रेस देश में शरीया कानून लागू करके तालीबानी विध्वंस की समर्थक है। उनके घोषणापत्र में आधी आबादी के अपमान के इरादे साफ दिखाई देते हैं। ये देश की सुरक्षा, संप्रभुता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिसमें कांग्रेस की मंशा स्पष्ट उजागर होती है। इसके कारण 1947 में देश का विभाजन हुआ, देश आतंकवाद और उग्रवाद की चपेट में आया। सभी संस्थाएं भ्रष्टाचार में डूब गई थीं। देश में अविश्वास का माहौल खड़ा हो गया था। कांग्रेस फिर से देश को उधर लेकर जाना चाहती है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि 1970 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था। गरीबी नहीं हट पाई, क्योंकि उनके पास इसे लेकर कोई ठोस कार्यक्रम नहीं थे। उनके 19-20 सूत्रीय कार्यक्रम फाइलों में रह जाते थे। योजनाएं कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाते थे। चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ देने की प्रवृत्ति जो उस समय प्रारंभ हुई थी वो यूपीए के शासनकाल में हमें और विभत्स रूप में देखने को मिला था। 65 साल तक शासन करने के बाद भी उनका पॉलिटिक्स परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं बन पाया। इनकी योजनाएं पिक एंड चूज की थीं, चेहरे देखकर योजनाओं का लाभ देने का कार्य किया जाता था। अब एक बार फिर दादी के दिये नारे को पोते के द्वारा किस प्रकार से तोता रटंत किया जा रहा है कि हम गरीबी हटाएंगे। ये कैसे करेंगे, इसे इनके घोषणा पत्र में देखा जा सकता है, ये खतरनाक भी है और हास्यास्पद भी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि ये जनता को तय करना है, क्योंकि देश आपका है, सुरक्षा आपकी है, जीवन आपका है और वोट भी आपका है। आपका एक वोट आतंकवाद के पुराने दौर को वापस ला सकता है। वहीं भाजपा को वोट जाने का मतलब आतंकवाद को सीमापार ही निपटाना। भाजपा को मिलने वाला एक-एक वोट हर व्यक्ति की सुरक्षा, सुशासन और संप्रभुता को सुनिश्चित करता है। भारतीय जनता पार्टी भारत को विकसित भारत के रूप में स्थापित करने की संकल्पना को लेकर आगे बढ़ रही है।</p>
<p>इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मंत्री असीम अरुण, मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित, महामंत्री अनूप गुप्ता, हरीश श्रीवास्तव, हिमांशु दुबे सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।</p>
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		<title>केंद्र में कांग्रेस सरकार आने पर सभी गारंटी पूरी की जाएंगी- खरगे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Apr 2024 06:47:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 अप्रैल । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस संसदीय</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/all-guarantees-will-be-fulfilled-if-congress-government-comes-to-power-at-the-centre-kharge/">केंद्र में कांग्रेस सरकार आने पर सभी गारंटी पूरी की जाएंगी- खरगे</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 अप्रैल । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के न्याय घोषणा पत्र को जारी कर विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को जोरदार तरीके से निशाने पर लिया।</p>
<p>जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, कांग्रेस महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।</p>
<p>जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ से गदगद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस पांच न्याय के तहत 25 गारंटी दे रही है। कांग्रेस की सरकार आई तो सभी गारंटियां पूरी की जाएंगी। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में गारंटियां दी थीं। कांग्रेस ने अपनी सभी गारंटियां लागू कीं। जबकि मोदी की गारंटी, कुछ न देने और झूठ बोलने की है। मोदी बगैर काम किए सिर्फ क्रेडिट लेते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ने कांग्रेस के गारंटी शब्द को चुराया है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान में किसान परेशान हैं। हजारों लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी यहां आकर कहते हैं कि अनुच्छेद 370 हटा दिया, इस बात का यहां के लोगों से क्या वास्ता है। मोदी बताएं कि उन्होंने किसानों के लिए क्या किया।</p>
<p>चीन की घुसपैठ पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए खरगे ने कहा कि इंदिरा गांधी जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे और बांग्लादेश को आजाद कराया था। आज यहां चीन हमारी जमीन पर धीरे-धीरे कब्जा कर रहा है। हमारे गांवों के नाम बदल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर खामोश रहते हैं।<br />
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है। मोदी और आरएसएस के लोग संविधान को बदलना चाहते हैं। भाजपा नेता कहते हैं कि हमें दो-तिहाई बहुमत दो, संविधान बदल देंगे। इसलिए सभी को लोकतंत्र बचाने के लिए, लोगों के अधिकारों के लिए लड़ना होगा।</p>
<p><strong>मोदी की गारंटी कुछ न देने और झूठ बोलने की है</strong></p>
<p><strong>सोनिया गांधी बोलीं- मोदी खुद को महान मानकर देश और लोकतंत्र की मर्यादा का चीरहरण कर रहे हैं</strong></p>
<p><strong>प्रियंका बोलीं- कांग्रेस के न्याय पत्र में देश की जनता को आवाज दी गई</strong></p>
<p><strong>कांग्रेस नेताओं ने जयपुर में न्याय घोषणा पत्र को जारी कर विशाल जनसभा को संबोधित किया </strong></p>
<p>वहीं कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आज चारों ओर अन्याय का अंधकार बढ़ा है। मोदी सरकार ने देश में बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक संकट, असमानता और अत्याचार को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह देश सिर्फ चंद लोगों की जागीर नहीं है। यह देश हम सबका है। इसे हमारे पुरखों ने अपने खून से सींचा है। इसलिए कांग्रेस के साथी न्याय के दीपक को अपने सीने की आग से जलाएंगे और हजार आंधियों में उसे संभालकर आगे बढ़ेंगे।</p>
<p>सोनिया गांधी ने कहा कि कोई भी देश से बड़ा नहीं हो सकता है। जो ऐसा सोचता है, उसे देश की जनता सबक सिखा देती है। दुर्भाग्य से आज हमारे देश में ऐसे नेता सत्ता में विराजमान हैं। प्रधानमंत्री मोदी खुद को महान मानकर देश और लोकतंत्र की मर्यादा का चीरहरण कर रहे हैं। आज हमारे देश का लोकतंत्र खतरे में हैं। विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने, भाजपा में शामिल कराने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक सत्ता के हथियार से बर्बाद किया जा रहा है। यही नहीं, हमारे संविधान को बदलने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। पूरे तंत्र में भय बैठाया जा रहा है। यह सब तानाशाही है और हम सब इसका जवाब देंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस के बहादुर और मेहनती साथी अपना फर्ज निभाते हुए न्याय पत्र के एक-एक संकल्प और एक-एक गारंटी को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।</p>
<p>वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आज बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया। मोदी सरकार अग्निवीर योजना लाई, इससे युवाओं की आशाएं टूट गईं। नौजवान मेहनत से पढ़ाई करता है, लेकिन पेपर लीक हो जाते हैं। महंगाई चरम पर है, महिलाओं के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है। किसान आंदोलन करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी सुनवाई नहीं करते हैं। हर चीज पर जीएसटी है, पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं।</p>
<p>प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से देश की संपत्ति को बड़े-बड़े उद्योगपतियों को सौंपा जा रहा है। उद्योगपतियों के करोड़ों  रुपयों के कर्ज को माफ कर दिया जाता है, लेकिन गरीबों का एक रुपया भी माफ नहीं किया जाता है। आज देश में जितनी भी योजनाएं बन रही हैं, वह केवल बड़े-बड़े उद्योगपतियों के लिए हैं। मोदी सरकार आज पूरे विपक्ष पर हमला कर रही है। दो मुख्यमंत्री जेल में हैं। मोदी कहते हैं कि यह भ्रष्टाचार पर वार है, लेकिन सारे भ्रष्टाचारियों को अपनी पार्टी में इकट्ठा कर रहे हैं। जैसे ही भ्रष्टाचारी भाजपा में जाते हैं, वो पाक-साफ हो जाते हैं। आज देश में संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश के किसी वर्ग की सुनवाई नहीं है। इसीलिए कांग्रेस के न्याय पत्र में देश की जनता को आवाज दी गई।</p>
<p><strong>कांग्रेस ने विभिन्न वर्गों के लिए किए हैं कई वादे </strong></p>
<p>कांग्रेस द्वारा जारी किए गए न्याय घोषणा पत्र में युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय शामिल हैं। कांग्रेस ने वादा किया है कि केंद्र में सरकार बनने पर युवा न्याय के तहत हर शिक्षित युवा की पहली नौकरी पक्की और एक लाख रुपये सालाना स्टाइपैंड मिलेगा। 30 लाख सरकारी नौकरियां भरी जाएंगी। पेपर लीक रोकने के लिए कानून और नीतियां बनाई जाएंगी। गिग श्रमिकों के लिए बेहतर काम-काजी नियम बनाए जाएंगे और संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा दी जाएगी। नारी न्याय के तहत गरीब परिवार की महिला को सालाना एक लाख रूपये की मदद दी जाएगी। केंद्र सरकार की नई नौकरियों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण दिया जाएगा। आंगनवाड़ी,आशा और मिड डे मील वर्कर को ज्यादा वेतन मिलेगा, केंद्र सरकार का योगदान दोगुना होगा। किसान न्याय के तहत किसानों की कर्ज माफी और एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाएगी। फसल नुकसान पर 30 दिन के अंदर सीधे खाते में पैसा ट्रांसफर होगा। किसानी के लिए जरूरी हर चीज से जीएसटी हटेगी। श्रमिक न्याय के तहत मनरेगा में 400 रुपये रोज न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। ⁠सबको स्वास्थ्य अधिकार के तहत गरीबों को 25 लाख रुपये का हेल्थ-कवर मुफ्त में दिया जाएगा। शहरी रोजगार गारंटी में शहरों के लिए भी मनरेगा जैसी नई योजना लाई जाएगी। ⁠सामाजिक सुरक्षा के तहत असंगठित मजदूरों के लिए जीवन और दुर्घटना बीमा दिया जाएगा। ⁠सुरक्षित रोजगार के तहत मुख्य सरकारी कार्यों में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम मजदूरी बंद होगी। हिस्सेदारी न्याय के तहत सामाजिक-आर्थिक समानता के लिए जातीय जनगणना होगी। संवैधानिक संशोधन द्वारा 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा हटाकर एससी, एसटी, ओबीसी को आरक्षण का पूरा हक दिया जाएगा। इनके अलावा भी कांग्रेस ने कई वादे किए हैं।</p>
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