चंडीगढ 17 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने देश के समग्र विकास, आर्थिक सुधारों, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति, और राज्यों के बीच आपसी सहयोग पर गहन चर्चा की। इस सम्मेलन में एनडीए से जुड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया और देश के विकास की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एनडीए सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया और आने वाले वर्षों में देश के समग्र विकास के लिए रोडमैप पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनडीए सरकार ने देश की विकास यात्रा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कड़ी मेहनत जारी रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि विकास की इस यात्रा में पूरे देश को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि देश का प्रत्येक नागरिक इस परिवर्तन का हिस्सा बन सके।

एनडीए सरकार की उपलब्धियां, एक दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने, और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, एनडीए सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर जो सुधार किए हैं, वे देश को एक नई दिशा में ले जा रहे हैं। हमने जीडीपी को स्थिर किया है, महंगाई को नियंत्रित किया है, और वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने में सरकार ने लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि जब एनडीए ने सत्ता संभाली थी, तब देश की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन सरकार की कड़ी मेहनत और समर्पण से आज भारत आर्थिक स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने विभिन्न आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश की विकास दर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: भविष्य की तैयारी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किए गए कामों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने देशभर में सड़कों, रेल नेटवर्क, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य में भी इसी तरह की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि देश की बुनियादी ढांचे की जरूरतें पूरी हो सकें और भारत वैश्विक मंच पर और भी अधिक सशक्त बन सके।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयारी करनी है। हम एक ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाले दशकों तक देश की जरूरतों को पूरा करेगा। सड़कें, रेल नेटवर्क और हवाई अड्डे न केवल आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये हमारे नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाते हैं। हमने बीते वर्षों में हाईवे निर्माण की गति को दोगुना किया है, जिससे देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंच सके।”
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार: समावेशी विकास की दिशा में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा और स्वास्थ्य को देश के विकास का आधार बताते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र तभी बन सकता है जब उसके नागरिक शिक्षित और स्वस्थ हों। मोदी ने कहा, “हमने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए अनेक पहल की हैं, जिसमें नई शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन शामिल है। यह नीति भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और इसमें विद्यार्थियों को उनके रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने की आजादी दी गई है।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाखों गरीब नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है और यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में सफल रही है। “स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने अनेक पहल की हैं, जिनमें आयुष्मान भारत योजना एक मील का पत्थर है। हमने सुनिश्चित किया है कि गरीब से गरीब नागरिक को भी उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। हमारे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और भी बेहतर हो सके।”
संसाधनों का सही उपयोग: विकास की कुंजी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए संसाधनों का सही तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और मानव संसाधनों का उचित प्रबंधन और वितरण ही देश को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे पास सीमित संसाधन हैं, लेकिन यदि हम उनका सही तरीके से उपयोग करें तो हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे संसाधनों का दुरुपयोग न हो और उनका समुचित उपयोग हो।”
प्रधानमंत्री ने जल, ऊर्जा और कृषि संसाधनों के सतत उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से इन क्षेत्रों में कई सुधार किए हैं, ताकि भविष्य में संसाधनों की कमी न हो और देश की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने जल और ऊर्जा के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जैसे ‘जल जीवन मिशन’ और ‘ऊर्जा सुरक्षा योजना’। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे देश की आने वाली पीढ़ियों को भी इन संसाधनों का लाभ मिल सके।
सहयोग और एकजुटता की अपील: देश के विकास के लिए सामूहिक प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन में मौजूद मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे अपने-अपने राज्यों के विकास के साथ-साथ देश के विकास के लिए भी एकजुट होकर काम करें। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र सरकार के बीच सहयोग और तालमेल ही देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए हर राज्य का समान रूप से योगदान जरूरी है। हमें अपने मतभेदों को भुलाकर देश के विकास के लिए काम करना होगा। हमारी सरकार का उद्देश्य केवल कुछ क्षेत्रों का विकास नहीं है, बल्कि पूरे देश का विकास करना है। इसके लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना होगा। यदि हम मिलकर काम करें, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
सम्मेलन में लिए गए प्रमुख निर्णय और मुख्यमंत्रियों के सुझाव
इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच आपसी तालमेल और सहयोग को बढ़ावा देना था, ताकि देश के समग्र विकास में तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्रियों ने अपने क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी और भविष्य में किए जाने वाले सुधारों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार से कुछ विशेष परियोजनाओं और नीतियों पर सहयोग की मांग की। सम्मेलन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, औद्योगिक विकास, और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार का विज़न केवल वर्तमान की समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत नींव तैयार करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की युवा पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और रोजगार के साधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करना है। हम देश के विकास की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और भविष्य में भी इसे जारी रखेंगे।
एक नए भारत की दिशा में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के विकास के लिए केंद्र और राज्यों के बीच आपसी सहयोग और तालमेल अत्यंत आवश्यक है।
