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	<title>Yogi Adityanath Archives - Samvaad India</title>
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	<title>Yogi Adityanath Archives - Samvaad India</title>
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		<title>राम केवल उत्तर भारत में नहीं, दक्षिण के हर घर में विराजते हैं : निर्मला सीतारमण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Oct 2025 16:36:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अयोध्या का यह आयोजन उत्तर-दक्षिण की एकता का सजीव उदाहरण : निर्मला सीतरमण अयोध्या, 08 अक्टूबर। अयोध्या के</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>अयोध्या का यह आयोजन उत्तर-दक्षिण की एकता का सजीव उदाहरण : निर्मला सीतरमण</strong></p>
<p>अयोध्या, 08 अक्टूबर। अयोध्या के पवित्र बृहस्पति कुंड पर बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों श्री त्यागराज स्वामीगल, श्री पुरंदरदास और श्री अरुणाचल कवि की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर निर्मला सीतारमण का उद्बोधन भावनाओं और भक्ति से ओतप्रोत रहा। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में श्रीराम भक्ति केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा है।</p>
<p>निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण भारत के संतों के बारे में जिस विस्तार से बताया, वह अद्भुत है। उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और संस्कृत, सभी भाषाओं में कर्नाटक संगीत गाया जाता था, जो एकता का प्रतीक है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि त्यागराज स्वामी ने जीवनभर गरीबी में रहते हुए भी श्रीराम भक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने राजा के श्रेय में गीत गाने से इनकार कर केवल श्रीराम के लिए गीत गाये। उनकी भक्ति ऐसी थी कि हर गीत में श्रीराम की ऊर्जा प्रवाहित होती थी। लोग कहते हैं कि शायद हनुमान जी ने ही त्यागराज के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने बताया कि त्यागराज स्वामी का गीत &#8216;सीता कल्याण&#8217; दक्षिण भारत में हर विवाह समारोह में गाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी की शादी में भी वही गीत गाये गये थे।</p>
<p>निर्मला सीतारमण ने कहा कि “रामभक्ति केवल हिन्दी भाषी क्षेत्रों की नहीं है। केरल में आज भी पूरे सिंह मास (अषाढ़) में हर घर में शाम के समय दीप जलाकर भगवान श्रीराम की आराधना की जाती है। पूरे महीने वाल्मीकि रामायण पढ़ी जाती है। यह मूर्त रूप नहीं, बल्कि अमूर्त भक्ति की परंपरा है। यह हमारे देश की सच्ची आत्मा है। उन्होंने तमिल कवि अरुणाचल कवि का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रसिद्ध तमिल काव्य रामनाटकम् में माता सीता के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा था, एक लाख आंखों से सीता माता को देखो, उनसे सुंदर कोई नहीं।निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राम जन्मभूमि के लोकार्पण से पहले दक्षिण भारत के श्रीराम से जुड़े मंदिरों की यात्रा की थी। वे श्रीरंगम मंदिर में गए, जहां कंबरामायणम् की रचना हुई थी। यही नहीं, अरुणाचल कवि को भी श्रीराम ने सपने में आदेश दिया था कि वे श्रीरंगम में रामनाटकम् प्रस्तुत करें। वित्त मंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत में न केवल पुरुष संत ही नहीं बल्कि एक कुम्हार समुदाय की महिला ने भी तेलुगु में मोल्लरामायणम् लिखकर भक्ति की मिसाल कायम की। &#8216;तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है। यही भारत की आत्मा है।</p>
<p>अपने उद्बोधन के अंत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। जिन संतों की हर श्वास में ‘राम’ था, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ है। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यह भक्ति से जुड़ी एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया और कहा कि हमें लगा ही नहीं कि हम उत्तर भारत में हैं, ऐसा लगा जैसे अपने घर में समारोह कर रहे हों।</p>
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		<title>देश के विकास के लिए एकजुटता और सहयोग पर जोर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Oct 2024 15:55:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>चंडीगढ 17 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>चंडीगढ 17 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने देश के समग्र विकास, आर्थिक सुधारों, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति, और राज्यों के बीच आपसी सहयोग पर गहन चर्चा की। इस सम्मेलन में एनडीए से जुड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया और देश के विकास की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एनडीए सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया और आने वाले वर्षों में देश के समग्र विकास के लिए रोडमैप पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनडीए सरकार ने देश की विकास यात्रा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कड़ी मेहनत जारी रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि विकास की इस यात्रा में पूरे देश को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि देश का प्रत्येक नागरिक इस परिवर्तन का हिस्सा बन सके।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-613 size-full" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1046" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-300x123.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-1024x418.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-768x314.jpg 768w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>एनडीए सरकार की उपलब्धियां, एक दृष्टिकोण</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने, और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, एनडीए सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर जो सुधार किए हैं, वे देश को एक नई दिशा में ले जा रहे हैं। हमने जीडीपी को स्थिर किया है, महंगाई को नियंत्रित किया है, और वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने में सरकार ने लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि जब एनडीए ने सत्ता संभाली थी, तब देश की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन सरकार की कड़ी मेहनत और समर्पण से आज भारत आर्थिक स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने विभिन्न आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश की विकास दर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”</p>
<p><strong>इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: भविष्य की तैयारी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किए गए कामों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने देशभर में सड़कों, रेल नेटवर्क, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य में भी इसी तरह की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि देश की बुनियादी ढांचे की जरूरतें पूरी हो सकें और भारत वैश्विक मंच पर और भी अधिक सशक्त बन सके।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयारी करनी है। हम एक ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाले दशकों तक देश की जरूरतों को पूरा करेगा। सड़कें, रेल नेटवर्क और हवाई अड्डे न केवल आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये हमारे नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाते हैं। हमने बीते वर्षों में हाईवे निर्माण की गति को दोगुना किया है, जिससे देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंच सके।”</p>
<p><strong>शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार: समावेशी विकास की दिशा में</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा और स्वास्थ्य को देश के विकास का आधार बताते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र तभी बन सकता है जब उसके नागरिक शिक्षित और स्वस्थ हों। मोदी ने कहा, “हमने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए अनेक पहल की हैं, जिसमें नई शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन शामिल है। यह नीति भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और इसमें विद्यार्थियों को उनके रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने की आजादी दी गई है।”</p>
<p>स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाखों गरीब नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है और यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में सफल रही है। “स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने अनेक पहल की हैं, जिनमें आयुष्मान भारत योजना एक मील का पत्थर है। हमने सुनिश्चित किया है कि गरीब से गरीब नागरिक को भी उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। हमारे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और भी बेहतर हो सके।”</p>
<p><strong>संसाधनों का सही उपयोग: विकास की कुंजी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए संसाधनों का सही तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और मानव संसाधनों का उचित प्रबंधन और वितरण ही देश को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे पास सीमित संसाधन हैं, लेकिन यदि हम उनका सही तरीके से उपयोग करें तो हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे संसाधनों का दुरुपयोग न हो और उनका समुचित उपयोग हो।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने जल, ऊर्जा और कृषि संसाधनों के सतत उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से इन क्षेत्रों में कई सुधार किए हैं, ताकि भविष्य में संसाधनों की कमी न हो और देश की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने जल और ऊर्जा के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जैसे ‘जल जीवन मिशन’ और ‘ऊर्जा सुरक्षा योजना’। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे देश की आने वाली पीढ़ियों को भी इन संसाधनों का लाभ मिल सके।</p>
<p><strong>सहयोग और एकजुटता की अपील: देश के विकास के लिए सामूहिक प्रयास</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन में मौजूद मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे अपने-अपने राज्यों के विकास के साथ-साथ देश के विकास के लिए भी एकजुट होकर काम करें। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र सरकार के बीच सहयोग और तालमेल ही देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए हर राज्य का समान रूप से योगदान जरूरी है। हमें अपने मतभेदों को भुलाकर देश के विकास के लिए काम करना होगा। हमारी सरकार का उद्देश्य केवल कुछ क्षेत्रों का विकास नहीं है, बल्कि पूरे देश का विकास करना है। इसके लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना होगा। यदि हम मिलकर काम करें, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।</p>
<p><strong>सम्मेलन में लिए गए प्रमुख निर्णय और मुख्यमंत्रियों के सुझाव</strong></p>
<p>इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच आपसी तालमेल और सहयोग को बढ़ावा देना था, ताकि देश के समग्र विकास में तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्रियों ने अपने क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी और भविष्य में किए जाने वाले सुधारों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार से कुछ विशेष परियोजनाओं और नीतियों पर सहयोग की मांग की। सम्मेलन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, औद्योगिक विकास, और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।</p>
<p><strong>सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार का विज़न केवल वर्तमान की समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत नींव तैयार करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की युवा पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और रोजगार के साधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करना है। हम देश के विकास की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और भविष्य में भी इसे जारी रखेंगे।</p>
<p><strong>एक नए भारत की दिशा में</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के विकास के लिए केंद्र और राज्यों के बीच आपसी सहयोग और तालमेल अत्यंत आवश्यक है।</p>
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		<title>कुछ विदेशी शक्तियां भारत को मजबूत देखने की नही हैं पक्षधर : डॉ दिनेश शर्मा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Aug 2024 14:43:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[Dr dinesh sharma]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra modi]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ/दिल्ली।उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष की भारत में अस्थिरता पैदा</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/some-foreign-powers-are-not-interested-in-seeing-india-strong-dr-dinesh-sharma/">कुछ विदेशी शक्तियां भारत को मजबूत देखने की नही हैं पक्षधर : डॉ दिनेश शर्मा</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ/दिल्ली।उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष की भारत में अस्थिरता पैदा करने का मंसूबा पूरा होनेवाला नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी शक्तियां भारत को मजबूत नही होने देना चाहती हैं।<br />
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के एक बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे भारत की सलामती नही चाहते। उन्हे जो दिन में सपना आ रहा है कि बांगला देश की घटनाओं की प्रतिक्रिया के रूप में भारत में हिंसा और लूटपाट होगी और इसके बाद सरकार उनकी पार्टी और अन्य विरोधी दल सरकार पर हमला करेंगे। विपक्ष का येन केन प्रकारेण अस्थिरता पैदा करने का सपना पूरा नही होगा।अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष जो सपना देख रहा है वह उनका सपना ही रहेगा।<br />
सांसद शर्मा ने कहा कि पहले भी कुछ आंदोलन जब चले थे उसमें विपक्षी दलों ने बांगला देश जैसी स्थिति विदेशी शक्तियों की सहायता से पैदा करने की कोशिश की थी। शेख हसीना ने यदि बांगला देश में मोदी की तरह संयम से काम किया होता तो शायद वे हिंसा पर काबू पा सकती थी किंतु जब वहां पर बल प्रयोग हुआ तो स्थिति और खराब हो गई।उन्होंने कहा कि इसी प्रकार के हालात विपक्षी पार्टियां यहां भी तथा अन्य एक आंदोलन मैं पैदा करना चाहती थीं। बनी प्रधानमंत्री जी के दिशा निर्देशन में गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल नेतृत्व में शांतिपूर्वक स्थित पर नियंत्रण किया गया बाद में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई। डॉ शर्मा ने कहा की सलमान और उनकी कांग्रेस पार्टी को भारत की एकता अखंडता की चिंता करना चाहिए ना की गड़बड़ी पैदा करने के लिए जनता के सामने उन्माद पूर्ण भाषण । उन्होंने कहा कि चाहे यमन हो यूक्रेन हो फिलिस्तीन हो या कहीं भी युद्ध की स्थितियां रही हो भारत में अपने नागरिकों को बहादुर के साथ अपने देश वापस लाया है उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर आरोप लगाया बांग्लादेश में क्योंकि अल्पसंख्यक हिंदू है इसलिए उनके उत्पीड़न की चिंता इन सबको नहीं है और यह भारत में भी अस्थिरता की संभावनाएं जताकर विध्वंस पैदा करना चाहते हैं मोदी जी के प्रधानमंत्री रहते विपक्षियों का यह सपना भारत में पूरा होने वाला नहीं है।</p>
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		<item>
		<title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पर दी अपनी प्रतिक्रिया</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/chief-minister-yogi-adityanath-gave-his-reaction-on-the-budget/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2024 10:00:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 23 जुलाई। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में मा. केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती @nsitharaman जी</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 23 जुलाई। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में मा. केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती @nsitharaman जी द्वारा आज प्रस्तुत सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी, विकासोन्मुखी आम बजट 2024-25, 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और अमृतकाल के सभी संकल्पों को सिद्ध करने वाला है।</p>
<p>आम बजट 2024-25 &#8216;विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत&#8217; के निर्माण का आर्थिक दस्तावेज है। इसमें अंत्योदय की पावन भावना, विकास की असीम संभावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि है।</p>
<p>इस बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला, नौजवान समेत समाज के सभी तबकों के समग्र विकास का संकल्प, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दृष्टि और वंचित को वंचना से मुक्त कराने का रोडमैप है।</p>
<p>मध्यम वर्ग को बड़ी राहत प्रदान करते हुए प्रत्यक्ष कर प्रणाली के संबंध में नए प्राविधानों की घोषणा स्वागत योग्य है।</p>
<p>&#8216;नए भारत&#8217; को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और विश्व का ग्रोथ इंजन बनाने का मार्ग प्रशस्त करते इस लोक-कल्याणकारी बजट के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार एवं मा. केंद्रीय वित्त मंत्री जी का अभिनंदन</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>https://x.com/myogiadityanath/status/1815657093585903904</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/chief-minister-yogi-adityanath-gave-his-reaction-on-the-budget/">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पर दी अपनी प्रतिक्रिया</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<item>
		<title>योगी सरकार में धार्मिक आस्था के साथ-साथ निवेश का भी प्रतीक बन रहे अयोध्या, मथुरा और काशी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2024 09:56:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Kashi Vishwanath]]></category>
		<category><![CDATA[Mathura]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 23 जुलाई। भगवान राम की नगरी अयोध्या, श्रीकृष्ण का जन्मस्थान मथुरा और भगवान शिव का धाम काशी</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 23 जुलाई। भगवान राम की नगरी अयोध्या, श्रीकृष्ण का जन्मस्थान मथुरा और भगवान शिव का धाम काशी (वाराणसी) देश की आस्था के साथ-साथ अब निवेश के बड़े गंतव्य का भी प्रतीक बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसी वर्ष फरवरी माह में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी 4.0) के माध्यम से इन धार्मिक स्थलों में जिन निवेश की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया था, 5 माह के अंदर उनमें से 6.5 हजार करोड़ की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि जीबीसी 4.0 के दौरान इन तीनों धार्मिक स्थलों के लिए पीएम मोदी ने करीब 50 हजार करोड़ रुपए की 11 हजार परियोजनाओं का शुभारंभ किया था। इनमें से योगी सरकार 5 माह के अंदर अब तक 6578 करोड़ रुपए की 277 परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रही है। यह शुभारंभ हुईं कुल परियोजनाओं का 13 प्रतिशत से ज्यादा है।</p>
<p><strong>मूर्त रूप ले चुकीं 6578 करोड़ रुपए की परियोजनाएं</strong><br />
अयोध्या, काशी और मथुरा, ये तीनों स्थल न सिर्फ उत्तर प्रदेश में बल्कि देश भर में हिंदु समाज के आस्था के सबसे बड़े केंद्र के रूप में देखे जाते हैं। ऐसे में योगी सरकार यहां पर्यटन से लेकर नागरिक सुविधाओं में बड़े पैमाने पर इजाफा कर रही है। इसी क्रम में यहां व्यापक स्तर पर विकास परियोजनाओं को शुरू किया जा रहा है, जिसके लिए देश-विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने योगी सरकार के साथ एमओयू किया है। 5 माह पूर्व फरवरी में पीएम मोदी ने इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया और 5 माह में ही इन तीनों स्थलों पर 6578 करोड़ रुपए की परियोजनाएं मूर्त रूप ले चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाएं भी तेजी से प्रगति कर रही हैं और जल्द ही ये भी साकार होंगी जिससे बड़े पैमाने पर यहां युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा और वे दूसरे जनपदों या राज्यों में नहीं भटकेंगे। इन तीनों ही स्थलों पर खासतौर पर टूरिस्ट्स फैसिलिटी सेंटर, वेलनेस सेंटर और होटल्स की शुरुआत हो रही है, जिसमें व्यापक स्तर पर लोगों को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे।</p>
<p><strong>अयोध्या में धरातल पर उतरीं 88 परियोजनाएं</strong><br />
भगवान राम की नगरी अयोध्या की बात करें तो योगी सरकार ने यहां बड़े पैमाने पर विकास किया है। 22 जनवरी 2024 को यहां भगवान राम के नव विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा से पहले और बाद में यहां लगातार विकास कार्य प्रगति पर है। चौड़ी चौड़ी सड़कें, ब्रिज, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन समेत इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए महत्वपूर्ण बदलावों ने निवेशकों को अयोध्या में अपनी परियोजनाएं शुरू करने के लिए आकर्षित किया है। जीबीसी 4.0 के दौरान यहां 13,421 करोड़ की 376 परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया था, जिसमें से अब तक 993 करोड़ रुपए की 88 परियोजनाओं ने मूर्त रूप ले लिया है। बाकी परियोजनाओं का भी इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन जल्द शुरू होने की संभावना है। अयोध्या में खासतौर पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने निवेश में अपनी रुचि दिखाई थी, जिनमें अभिनंदन लोढ़ा हाउस, पीकेएच वेंचर्स लि.,पक्का लिमिटेड, द इनोवेटर्स डिजिटल एड्स प्रा. लि. और क्रेसकेंडो इंटीरियर्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं।</p>
<p><strong>मथुरा में 120 परियोजनाओं ने लिया आकार</strong><br />
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा की बात करें तो योगी सरकार के लिए यह भी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां लाखों पर्यटकों की आवाजाही रहती है। जीबीसी 4.0 में यहां 16,948 करोड़ रुपए की 428 परियोजनाओं को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी और 5 माह में यहां 3837 करोड़ की 120 परियोजनाओं को मूर्त रूप दे दिया गया है। जीबीसी के दौरान के आंकड़ों को देखें तो मथुरा में शीर्ष 5 प्रोजेक्ट्स से ही 11 हजार से अधिक नौकरियां मिलने की संभावना जताई गई थी। इसके अनुसार, एयर लिक्विड नॉर्थ इंडिया प्रा. लि., द बेनिसन, केशव पब्लिकेशन प्रा. लि., आईएफपी पेट्रो प्रोडक्ट्स और अवदी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने बड़ी परियोजनाएं शुरू करने के लिए सरकार से हाथ मिलाया है।</p>
<p><strong>काशी में 69 परियोजनाओं का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन शुरू</strong><br />
इसी तरह, बाबा विश्वनाथ की धरती वाराणसी का विकास भी योगी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण इस जनपद का विकास और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसे देखते हुए यहां कई बड़ी कंपनियों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। जीबीसी 4.0 में वाराणसी के लिए 19,295 करोड़ रुपए की 279 परियोजनाओं का श्रीगणेश हुआ था। 5 माह में वाराणसी में 1748 करोड़ रुपए की 69 परियोजनाएं ने कार्य शुरू कर दिया है और जल्द ही शेष परियोजनाएं भी धरातल पर उतरती नजर आएंगी जिनसे हजारों लोगों को लाभ होगा। यहां भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (भेल), रोमा बिल्डर्स और प्रमोटर्स प्रा. लि., अंश निर्माण प्रा. लि. और जेएस रेजिडेंसी प्रा. लि.जैसी कंपनियां अपनी परियोजनाओं को मूर्त रूप दे रही हैं।</p>
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		<title>देश की परीक्षा प्रणाली अमीरों के हाथों में बिक चुकी है- राहुल गांधी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2024 23:55:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[country]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 22 जुलाई, लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट समेत अन्य परीक्षाओं</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/the-countrys-examination-system-has-been-sold-into-the-hands-of-the-rich-rahul-gandhi/">देश की परीक्षा प्रणाली अमीरों के हाथों में बिक चुकी है- राहुल गांधी</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 22 जुलाई, लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट समेत अन्य परीक्षाओं में हो रही धांधलियों का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि देश में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने सरकार से पूछा कि वह इस समस्या को व्यवस्थित स्तर पर ठीक करने के लिए क्या कर रही है।</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा, लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं, तो आप हिंदुस्तान की परीक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं और विपक्ष के रूप में हम भी यही महसूस करते हैं। इस देश में लाखों छात्र हैं जो इस बात से बेहद चिंतित हैं कि क्या हो रहा है और उन्हें यकीन है कि देश की परीक्षा प्रणाली एक फ्रॉड है।</p>
<p>उन्होंने कहा, यह पूरे देश के लिए बिल्कुल स्पष्ट है कि हमारी परीक्षा प्रणाली में बहुत गंभीर समस्या है। यह सिर्फ नीट का सवाल नहीं है, बल्कि बड़ी परीक्षाओं का भी सवाल है। मंत्री ने खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराया है।</p>
<p>इसके बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शिक्षा मंत्री को नीट के मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। मंत्री जी ने सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री की बात की, लेकिन वे यह नहीं बता पा रहे हैं कि वो नीट के मुद्दे पर क्या कर रहे हैं। देश के युवाओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हम चाहते हैं कि सरकार इसपर चर्चा करे, लेकिन वो तैयार नहीं हैं। हम ये मुद्दा उठाते रहेंगे और सरकार पर दबाव बनाते रहेंगे।</p>
<p>बाद में राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि शिक्षा मंत्री देश की जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं, वे दावा करते हैं कि पिछले सात सालों में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई यह है कि देश की परीक्षा प्रणाली अमीरों के हाथों में बिक चुकी है, जिससे लाखों छात्र परेशान हैं।</p>
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		<title>उत्तर प्रदेश में अब नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jul 2024 16:09:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[Amit shah]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra modi]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) बीजेपी हाई कमान  ने गंभीर सोच विचार के बाद यह तय किया है की उपचुनाव तक</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/there-will-be-no-change-of-leadership-in-uttar-pradesh-now/">उत्तर प्रदेश में अब नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div>(वसिंद्र मिश्र) बीजेपी हाई कमान  ने गंभीर सोच विचार के बाद यह तय किया है की उपचुनाव तक उत्तर प्रदेश में यथा स्थिति बनाई रखी जाएगी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरी तरह से फ्री हैंड देने का निर्णय लिया गया है ऐसी स्थिति में योगी आदित्यनाथ का विरोध कर रहे केशव प्रसाद मौर्य और उनके गुटके बाकी नेताओं और विधायकों के लिए बेहद मुश्किल का दौर आने वाला है।</div>
<div>
<div dir="auto">
<div dir="auto">इसकी शुरुआत हो गयीं है अभी प्रारंभिक तौर पर योगी आदित्यनाथ ने उपचुनाव के प्रबंधन और तैयारी के लिए जो कमेटी बनाई है उसमें केशव प्रसाद मौर्य और उनके करीबियों को जिम्मेदारी नहीं सौंप गई है जो लोग योगी आदित्यनाथ को जानते हैं उनको कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली बहुत ही स्वतंत्र रूप से कार्य करने की रही है वे अपने कामकाज में बहुत लंबे समय तक बाहरी दखलअंदाजी पसंद नहीं करते हैं और अगर उनकी मर्जी के खिलाफ कोई निर्णय होता है तो वह उस फैसले को दिल से स्वीकार नहीं करते हैं।</div>
<div dir="auto">उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कुछ साल पहले हुई दुर्गा शंकर मिश्रा की नियुक्ति है दुर्गा शंकर मिश्रा की नियुक्ति पार्टी वाला कमान ने  योगी आदित्य नाथ की इच्छा के विरुद्ध किया था और योगी की इच्छा के विरुद्ध उनको सेवा विस्तार भी दिया जाता रहा लेकिन योगी आदित्यनाथ ने कभी भी दुर्गा शंकर मिश्र पर भरोसा नहीं किया उनके रिटायरमेंट के बाद अपने सबसे भरोसेमंद अधिकारी मनोज कुमार सिंह को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की कुर्सी सौंप दी योगी आदित्यनाथ 2017 में भी केंद्र सरकार की कार्यशैली से नाराज होकर दिल्ली से गोरखपुर चले गए थे और वे लखनऊ तब आए जब उनको यह आश्वासन दिया गया की मुख्यमंत्री के पद पर उन्हीं को तैनात किया जा रहा है</div>
<div dir="auto"> 2022 के विधानसभा के चुनाव में भी योगी आदित्यनाथ ने अपने शर्तों पर मुख्यमंत्री का पद हासिल किया योगी आदित्यनाथ इंडिपेंडेंट माइंडसेट से काम करते हैं और खास तौर से दागी और संदिग्ध छवि वाले नेताओं और अधिकारियों से दूरी बनाए रखने की कोशिश करते हैं।</div>
<div dir="auto"> शायद यही कारण है कि उनके मंत्री मण्डल में शामिल कुछ नेता और उनकी सरकार में शामिल कुछ अधिकारी पिछली कल्याण सिंह की सरकार की तरह उनके खिलाफ भी समय-समय पर साजिश करने की कोशिश करते रहते हैं भारतीय राजनीति में इस तरह की घटनाएं इसके पहले भी कई बार होती रही हैं जब केंद्रीय नेतृत्व राज्य नेतृत्व के खिलाफ जो जोर आजमाइस करता रहा</div>
<div dir="auto">हाल के वर्षों में अगर देखा जाए तो विश्वनाथ प्रताप सिंह हेमवती नंदन बहुगुणा और कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने समय-समय पर अपने राज्य नेतृत्व के खिलाफ विफल कोशिश की थी कांग्रेस पार्टी छोड़कर जन मोर्चा बनाने वाले विश्वनाथ प्रताप सिंह ने चौधरी अजीत सिंह को मुलायम सिंह के मुकाबले मुख्यमंत्री का चुनाव लड़ा दिया था लेकिन ऐन वक्त पर परिस्थितियों का आकलन करने के बाद उन्होंने अपने घटक दल के पांच विधायकों को अजीत सिंह के बजाय मुलायम सिंह के पक्ष में समर्थन देने का निर्देश दे दिया परिणाम स्वरूप मुलायम सिंह चौधरी अजीत सिंह को शिकस्त देने में कामयाब रहे और पहली बार मुख्यमंत्री बन गए यह अलग बात रही की विश्वनाथ प्रताप सिंह और मुलायम सिंह के बीच में हमेशा से 36 का रिश्ता रहा जब विश्वनाथ प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो कांग्रेस पार्टी में उनके विरोधी लोगों ने मुलायम सिंह की मदद से उनके कथित दहिया ट्रस्ट में हुए घोटाले का मुद्दा उछाला था।</div>
<div dir="auto">दूसरी घटना हेमवती नंदन बहुगुणा और राज मंगल पांडे के दौर में हुई राज मंगल पांडे, हेमवती नंदन बहुगुणा के करीबी माने जाते थे लेकिन जब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के चयन के समय राज मंगल पांडे और उनके विरोधी के बीच में शक्ति परीक्षण हुआ तो बहुगुणा ने राज मंगल पांडे का साथ नहीं दिया कांग्रेस पार्टी विधानमंडल के नेता के रूप में प्रमोद तिवारी की नियुक्ति के समय इस तरह की घटनाएं तो कई बार हुई नरेश अग्रवाल खुद को कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता के दावेदार मानते थे और उनकी कोशिश रहती थी की प्रमोद तिवारी के बजाएं नेता विधानमंडल दल की जिम्मेदारी उनको दी जाए लेकिन जब-जब नेता विधान मंडल दल के चयन की स्थिति पैदा हुई तो उसे समय कांग्रेस पार्टी आला कमान  की तरफ से नरेश अग्रवाल के मुकाबले प्रमोद तिवारी को सपोर्ट किया गया</div>
<div dir="auto">इसकी शुरुआत नवल किशोर शर्मा से हुई और उनके बाद जीतेन्द्र प्रसाद सत्यव्रत चतुर्वेदी दिग्विजय सिंह जितने भी केंद्रीय पर्यवेक्षक और प्रभारी उत्तर प्रदेश में आए सभी ने नरेश अग्रवाल के मुकाबले प्रमोद तिवारी को सपोर्ट किया।</div>
<div dir="auto">नरेश अग्रवाल नव कांग्रेस पार्टी में अपना करियर समाप्त होता देखकर उन्होंने कांग्रेस विधानमंडल दल को तोड़ दिया और लगभग 22 विधायकों के साथ उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार को समर्थन दे दिया था और कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में शामिल हो गए तब से लेकर अब तक कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने सर्वाइवल के लिए संघर्ष कर रही है।</div>
<div dir="auto">केशव प्रसाद मौर्य के साथ इस समय जो कुछ हुआ है भारतीय राजनीति में यह कोई पहली घटना नहीं है जब केंद्रीय नेतृत्व अपने चहेते नेताओं को आगे करके अपने विरोधियों को कमजोर करने की हो और कामयाबी नहीं मिलने की स्थिति में यू टर्न ले लिया जो नेता उसके इशारे पर विरोध के स्वर बुलंद करते रहे उन्ही को डंप कर दिया मौजूदा राजनीति इस समय ओबीसी दलित और अति पिछड़ों की राजनीति है देश की सभी पार्टियों इन वर्गों को अपने पक्ष में जुटाने के लिए कोशिश में लगे हैं जनता पार्टी के अंदर भी सामाजिक समीकरण और जातीय समीकरण बनाने की कोशिश चल रही है और इसी कोशिश के तहत उत्तर प्रदेश में भी सत्ता और संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश जारी है लेकिन योगी आदित्यनाथ के बढ़त कद और पापुलैरिटी के सामने पार्टी आला कमान अपने मिशन को कुछ समय के लिए स्थगित करने के मूड में दिखाई दे रहा है यही कारण है की योगी विरोधियों को कुछ समय के लिए शांत रहने के संकेत दे दिए गए हैं।</div>
<div dir="auto">इस माह के अंत में उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है और उम्मीद की जा रही है की उपचुनाव की तारीख भी इसी माह मे घोषित हो जाएगी ऐसी स्थिति में पार्टी नेतृत्व संगठन और सरकार को बेहतर तालमेल बनाकर उपचुनाव में जीत हासिल करने के निर्देश दिए हैँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही दावा कर चुके हैं कि भारतीय जनता पार्टी उपचुनाव में सर्वाधिक सीटे जीतेगी  भारतीय जनता पार्टी और सरकार के अंदर उठा बवंडर अब उपचुनाव के परिणाम आने तक शांत रहने वाला है।</div>
<div dir="auto"></div>
</div>
</div>
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		<title>क्या कल्याण सिंह की तरह योगी आदित्यनाथ के खिलाफ हो रही है साजिश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jul 2024 13:25:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[Amit shah]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Moti singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) क्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कल्याण सिंह का दौर वापस आ गया</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) क्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कल्याण सिंह का दौर वापस आ गया है? क्या उत्तर प्रदेश में एक बार फिर जिस तरीके से कल्याण सिंह के खिलाफ पार्टी के अंदर एक विद्रोह की स्थिति पैदा की गई और उसके बाद उनको बहुत ही संयोजित तरीके से मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था उसी तरह का माहौल बनता जा रहा है? मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ क्या एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सरकार और भारतीय जनता पार्टी और उसका संगठन उसके नेता उसके विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ होते जा रहे हैं?<br />
यह तमाम ऐसे सवाल है जो पिछले 4 जून के लोकसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद से लेकर लगातार सार्वजनिक तौर पर पूछे जा रहे हैं और बताए जा रहे हैं कुछ लोगों का लगातार यह मानना रहा है कि अब उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन महज एक औपचारिकता बची है और किसी भी दिन उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है और मुख्यमंत्री के रूप में किसी दूसरे व्यक्ति की ताजपोशी हो सकती है लेकिन क्या आज के हालात में मौजूदा मुख्यमंत्री को बदलने से भारतीय जनता पार्टी को फायदा होने वाला है आने वाले 2027 के चुनाव में या जिस तरीके से कल्याण सिंह को बदलने में कुछ चुनिंदा नेताओं का अहम जरूर शांत हो गया वह खुश हो गए लेकिन लेकिन लंबे समय के बाद बीजेपी का बहुत ही ज्यादा नुकसान हुआ था क्या ठीक उसी तरीके से मौजूदा नेतृत्व के बदलने से भारतीय जनता पार्टी को दीर्घकालीन उसका नुकसान उठाना पड़ेगा राजनीतिक तौर पर यह तमाम ऐसे सवाल हैं जिसका उत्तर खोजना जरूरी है।</p>
<p>हम शुरुआत करते हैं कि उत्तर प्रदेश में क्या एक बार फिर कल्याण सिंह का दौर वापस आ गया है क्या जिस तरह से कल्याण सिंह के दौर में केंद्र की सरकार और केंद्र का पार्टी नेतृत्व और उत्तर प्रदेश की सरकार और उत्तर प्रदेश का पार्टी नेतृत्व एक दूसरे के खिलाफ काम कर रहा था क्या जिस तरीके से कल्याण सिंह के वक्त में उत्तर प्रदेश भाजपा के उत्तर प्रदेश सरकार में शामिल तमाम महत्वाकांक्षी नेताओं ने कल्याण सिंह के खिलाफ काम किया था और उनको हटाने में अपनी भूमिका निभाई थी क्या ठीक उसी तरीके की स्थिति इस समय उत्तर प्रदेश में बनती दिखाई नहीं दे रही है जिस तरीके के रिएक्शन संगठन से लेकर पार्टी कि नेताओं की तरफ से पहले देवरिया फिर गोरखपुर फिर प्रतापगढ़ फिर जौनपुर इन तमाम जनपदों से जिस तरीके के रिएक्शन पार्टी के नेताओं के द्वारा एक के बाद एक देखने और पढ़ने को मिल रहा है जिस तरीके से नेताओं की तरफ से लगातार यह आरोप लगाया जा रहा है की नौकरशाही बेलगाम हो गई है नौकरशाही पार्टी के कार्यकर्ताओं का अनादर कर रही है नौकरशाह पार्टी के नेताओं का अनादर कर रही है पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं कर रही है नौकरशाही में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार बढ़ गया है तमाम ऐसे सवाल हैं जो इनडायरेक्ट मौजूद मुख्यमंत्री की कार्य शैली पर सवाल खड़े करते हैं यह सवाल कोई और नहीं उठा रहा है बल्कि बीजेपी के जिम्मेदार नेता उठा रहे हैं चाहे डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हों या उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोती सिंह हो या उत्तर प्रदेश भाजपा के विधायक रमेश मिश्रा हों या इस तरीके के तमाम और नेता हैं जो संगठन के अंदर और संगठन के बाहर चाहे बीजेपी के गोरखपुर के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह इन सभी लोगों की तरफ से उत्तर प्रदेश की सरकार और नौकरशाही को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।</p>
<p>मैं एक-एक करके आप लोगों के सामने उन हालातो का विश्लेषण करने जा रहा हूं किस तरीके से धीरे-धीरे योगी सरकार और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हो रही है मैं एक बार फिर आप लोगों को इतिहास की तरफ ले जाने की कोशिश करता हूं कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री काल के दौरान उनके कैबिनेट मंत्री में शामिल कलराज मिश्रा लाल जी टंडन सरीखे नेता उनके खिलाफ दबी जुबान से काम करते थे उस समय पार्टी संगठन भी कल्याण सिंह के खिलाफ था इन लोगों की कोशिश थी कि कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटवा कर मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाई जाए इसलिए हर रोज कल्याण सिंह की सरकार पर नौकरशाही के बेलगाम होने का नौकरशाही का भ्रष्टाचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगने लगे और आरोप लगाने में बाकी मीडिया तो पीछे रही जो आरएसएस से जुड़े हुए मुखपत्र थे पब्लिकेशन थे ऑर्गेनाइजर थे उन लोगों ने बहुत बढ चढ़कर हिस्सा लिया यहां तक कि उस समय के प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री नृपेंद्र मिश्रा उस समय के डीजी पुलिस प्रकाश सिंह के बीच में शीत युद्ध चल रहा था बताया जा रहा था कि प्रकाश सिंह और नृपेंद्र मिश्रा एक दूसरे को सीधे तौर पर देखना नहीं चाहते हैं एक दूसरे से बेहतर समन्वय और तालमेल नहीं है नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ उस समय आरएसएस के मुखपत्रों में रोज खबरें छपती थी और कहा जाता था कि नृपेंद्र मिश्रा मुख्यमंत्री को अपने हिसाब से समझाते हैं और मुख्यमंत्री उन्हीं की सलाह से काम करते हैं नतीजन पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है इसी बीच लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा को लेकर एक रिपोर्ट तैयार हुई थी कि उत्तर प्रदेश के गृह विभाग की तरफ से उत्तर प्रदेश के अभिसूचना विभाग की तरफ से और उसे रिपोर्ट को डीजी पुलिस प्रकाश सिंह की तरफ से मुख्यमंत्री को कॉन्फिडेंसिली भेजा गया था उस रिपोर्ट में तमाम ऐसे बिंदुओं की ओर इशारा किया गया था जिसको लेकर बाद में तूफान खड़ा हो गया उस रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया था कि अगर आडवाणी जी की यात्रा उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश की सीमा में आएगी तो उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की संभावना है यह रिपोर्ट पूरी तरीके से गोपनीय और अति गोपनीय थी उसे रिपोर्ट को डीजीपी कार्यालय और डीजी इंटेलिजेंस की तरफ से मुख्यमंत्री को भेजा गया था लेकिन वह रिपोर्ट किन्हीं कारणों से कुछ चुनिंदा अखबारों में छपवा दी गई रिपोर्ट के छपने के बाद बवाल मच गया पार्टी का शीर्श नेतृत्व और संघ परिवार इस बात को लेकर काफी नाराजगी जताई और कहा गया कि यह रिपोर्ट अपने ही सरकार में कैसे बनाई गई और कैसे लीक हुई परिणाम यह हुआ उसकी जांच के लिए तत्कालीन डीजी पुलिस प्रकाश सिंह ने ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक मुकदमा कायम करा दिया अज्ञात लोगों के खिलाफ अब उस मुकदमा के कायम होने के बाद जो शीत युद्ध तत्कालीन प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा और डीजी पुलिस प्रकाश कुमार के बीच चल रहा था वह और तेज हो गया और इन दो शीर्ष अधिकारियों के आपसी खींचतान को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने डीजी पुलिस और उनकी टीम को बदल दिया प्रकाश सिंह को डीजी होमगार्ड बनाकर भेज दिया गया प्रकाश सिंह ने विरोध के तौर पर डीजी होमगार्ड का पद नहीं संभाला और वह छुट्टी चले गए प्रकाश सिंह उस समय के संघ प्रमुख राजू भैया के करीबी माने जाते थे और राजू भैया का उनको संरक्षण हासिल था प्रकाश सिंह के लिए रज्जू भैया ने सिफारिश किया और कुछ दिनों के बाद प्रकाश सिंह को फिर से डीजे पुलिस बना दिया गया और प्रकाश सिंह ने उस समय के अपने चाहते एसपी शैलजा कांत मिश्रा को फिर से एसएसपी लखनऊ बनवाया वही शैलजा कांत मिश्रा जो इस समय मथुरा तीर्थ विकास क्षेत्र के बड़े पद पर कार्यरत हैं योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के दिन से और फिर नृपेंद्र मिश्रा को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के पद से हटाकर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में इलाहाबाद भेज दिया गया बहुत ही महत्वहीन पद पर नृपेंद्र मिश्रा कुछ दिन उस पद पर रहे बाद में वह अपने तरीके से चीजों को मैनेज किया और फिर कुछ दिन में वापसी हो गई उसके बाद यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ता रहा और अंत में कल्याण सिंह को हटाने का फैसला हो गया और कल्याण सिंह को तैयार करके राम प्रकाश गुप्ता को उनका सक्सेसर अपॉइंट कर दिया गया लेकिन जो महत्वाकांक्षी नेता उस समय सरकार में थे चाहे वह कलराज मिश्रा हों लाल जी टंडन हो यह सभी लोग चैन से नहीं बैठे लगातार राम प्रकाश गुप्ता के खिलाफ भी मुहिम चलाते रहे और अंत में फिर एक बार उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हुआ राम प्रकाश गुप्ता की जगह राजनाथ सिंह को मुख्यमंत्री बना दिया गया यह अलग बात है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव हुआ तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी की शर्मनाक हार हुई और लगभग एक दशक तक उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर रही आज कमोबेश वही स्थिति है योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री से लेकर कुछ विधायक सक्रिय है उनको केंद्रीय नेतृत्व से संरक्षण हासिल है वह केंद्रीय नेतृत्व के संरक्षण में रोज योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कुछ ना कुछ कस्तानी कारनामें करते रहते हैं इसकी शुरुआत 4 जून के बाद ज्यादा तेजी से देखने को मिल रही है जब उत्तर प्रदेश में कार्यकर्ता अभिनंदन सम्मेलन के जरिये जिलों जिलों में उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ और नौकरशाही के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं हद तो तब हो गई जब जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रतापगढ़ से मोती सिंह ने कार्यकर्ता अभिनंदन सम्मेलन में इस बात पर गंभीर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के नौकरशाही में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है नौकरशाही बेलगाम है उन्होंने यह भी दावा किया तो उनके 40 साल के राजनीतिक जीवन में इस लेवल का भ्रष्टाचार इसके पहले उन्होंने कभी नहीं देखा था कमोवेश इसी तरह का आरोप जौनपुर से बीजेपी के एमएलए रमेश मिश्रा ने लगाया और उसके बाद जब अभी कार्य समिति की बैठक हुई थी तो उसमें डिप्टी चीफ मिनिस्टर केशव प्रसाद मौर्य ने भी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया और उन्होंने कहा संगठन सरकार से बड़ा है संगठन सरकार से ज्यादा महत्वपूर्ण है और सरकार की तुलना में संगठन और कार्यकर्ताओं को ज्यादा तरजीह मिलना चाहिए ज्यादा महत्व मिलना चाहिए।<br />
मैं अब आपको एक बार फिर से इतिहास में ले जाना चाहता हूं जब कल्याण सिंह के खिलाफ मुहिम शुरू हुई थी धीरे-धीरे उसे समय भी ब्राह्मण बिरादरी के 55 विधायकों ने कल्याण सिंह के खिलाफ दुर्गा प्रसाद मिश्रा जो उस समय देवरिया के बीजेपी के विधायक थे उनकी रहनुमाई में एक प्रेशर ग्रुप बनाया और कल्याण सिंह की सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाया था और उस समय भी दुर्गा प्रसाद मिश्र और उन विधायकों के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने के बजाय केंद्रीय नेतृत्व ने बीच बचाव का रास्ता अपनाया दोनों तरफ शांत करा कर एक तरफ कल्याण सिंह को और दूसरी तरफ दुर्गा प्रसाद मिश्रा और उनके लगभग 50-55 विधायकों को शांत कराया ठीक उसी तरीके से सिनेरियो एक बार फिर बनता दिखाई दे रहा है इस बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पार्टी के कार्य समिति में कार्यकर्ता के उपेक्षाओं के गंभीर आरोप लगाए गए और जगह-जगह जो कार्यकर्ता अभिनंदन सम्मेलन हो रहे हैं उसमें भी बेलगाम नौकरशाही, नौकरशाही में व्याप्त भ्रष्टाचार उसको लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं पढ़ने को मिल रहे हैं देखने को मिले हैं तो क्या माना जाए एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह का दौर वापस आ गया है क्या यह माना जाए एक बार फिर जिस तरीके से कल्याण सिंह के खिलाफ राजनीतिक साजिश करके उनको मजबूर किया गया कुर्सी से इस्तीफा देने के लिए पद से इस्तीफा देने के लिए और अपने पसंदीदा किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनने के लिए ठीक उसी तरीके से स्थिति इस तरीके की हालत योगी आदित्यनाथ के साथ पैदा करने की कोशिश हो रही है और अगर ऐसा होता है तो क्या बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व नें कल्याण सिंह के वक्त में हुई उसे राजनीतिक चूक से सबक नहीं लिया क्या वहीं घटना फिर से रिपीट होती है और उसी तरीके के फैसले फिर दोहराए जाते हैं तो यह तय नहीं है कि 2027 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ के हटाये जाने का खामियाजा पार्टी और नेताओं को भुगतना पड़ सकता है महज नेताओं के आपसी अहंकार आपसी खींचतान का नतीजा क्या लॉन्ग टर्म में बीजेपी, बीजेपी का शीर्श नेतृत्व बीजेपी के और उससे जुड़े हुए महत्वपूर्ण नेता उठाने के लिए और भुगतने के लिए तैयार हैं यह तो पार्टी को तय करना है पार्टी के नेतृत्व को तय करना है।</p>
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		<title>पहले ताजिया के नाम पर घर तोड़ दिये जाते थे, सड़कें सूनी हो जाती थीं, तार तोड़ दिये जाते थे- योगी आदित्यनाथ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Jul 2024 16:51:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra modi]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 14 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में 10 सीटों पर होने जा रहे</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 14 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में 10 सीटों पर होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी को अभी से सक्रिय होना होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा सांसद के साथ ही विधायकगण, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन और पार्षद सभी लोग आज से ही 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। हमें एक बार फिर प्रदेश में भाजपा का परचम लहराना है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सुपर एक्टिव होना होगा और किसी भी प्रकार की अफवाहों का तत्काल खंडन करना होगा। सीएम योगी रविवार को डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p><strong>अति आत्मविश्वास ने हमारी अपेक्षाओं को चोट पहुंचाई</strong></p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने यूपी में 2014, 2017, 2019 और 2022 में बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए विपक्ष पर लगातार दबाव बनाए रखा था। 2014 और उसके बाद के चुनावों में जितना मत प्रतिशत भाजपा के पक्ष में था, 2024 में भी भाजपा उतना वोट पाने में सफल रही है, लेकिन वोटों की शिफ्टिंग और अति आत्मविश्वास ने हमारी अपेक्षाओं को चोट पहुंचाई है। जो विपक्ष पहले हार मान के बैठ गया था, वो आज फिर से उछल-कूद मचा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>किसी भी स्थिति में बैकफुट पर आने की आवश्यकता नहीं</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में विपक्ष चुनाव के बाद मारपीट पर उतारू हो गया था। तब हमारे सभी कार्यकर्ताओं को ये लगा कि वास्तव में हमारी सरकार का माफिया मुक्त यूपी का विहान इन्हीं गुंडों के लिए है। आज आपके सहयोग से हमें यूपी को माफिया मुक्त करने में सफलता मिली है। इसके अलावा अयोध्या में श्रीरामलला अपने मंदिर में विराजमान हुए तो 500 वर्षों का इंतजार भी समाप्त हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को किसी भी स्थिति में बैकफुट पर आने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपने कार्य किया है। जब आप विपक्ष में थे तब जनता के मुद्दों को लेकर लड़ते थे, जब सरकार में हैं तो यूपी में सुरक्षा का वातावरण देखने को मिल रहा है।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि कभी मोहर्रम में सड़कें सूनी हो जाती थीं। आज मोहर्रम हो रहा है ये पता भी नहीं चलता। ताजिया के नाम पर घर तोड़े जाते थे, पीपल के पेड़ काटे जाते थे, सड़कों के तार हटाए जाते थे। आज कहा जाता है कि गरीब की झोपड़ी नहीं तोड़ेंगे, तार नहीं तोड़ेंगे। हमारा स्पष्ट तौर पर निर्देश है कि पर्व और त्योहार मनाना है तो नियमों के अंतर्गत मनाओ, वरना घर में बैठ जाओ। भाजपा ने पूरे देश में विधि और सुशासन की सरकार चला के दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल की चर्चा करते हुए कहा कि तब प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा ही संगठन का मंत्र दिया था। उस वक्त भी भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर जनता की सेवा कर रहे थे, मगर अन्य कोई राजनीतिक दल तब नहीं दिखा।</p>
<p><strong>यूपी में कभी इन्फ्रास्ट्रक्चर कल्पना थी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जाति, मत, मजहब के नाम पर भेदभाव नहीं करते। 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन किसी की जाति, धर्म देखकर नहीं मिल रहा। कोरोना काल में भी भूख से मौत और आत्महत्या नहीं होने दिया गया। उस कालखंड में भी हमारे कार्यकर्ता अपनी जान की परवाह किये बगैर लगातार कार्य करते रहे। जिस कोरोना के सामने दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें नतमस्तक हो गई, उसे पीएम मोदी के नेतृत्व में समाप्त करने का कार्य हम सबने मिलकर किया। सीएम योगी ने इन्सेफेलाइटिस का मामला सामने रखते हुए कहा कि जब जेपी नड्डा जी देश के स्वास्थ्य मंत्री बने थे तब मैं एक सांसद के नाते उनसे मिला था। इन्सेफेलाइटिस को हमारी सरकार ने प्राथमिकता पर रखा और 40 साल से ज्यादा समय से पूर्वांचल में आतंक मचाने वाली इस बीमारी को हमने जड़ से समाप्त कर दिया। सीएम योगी ने कहा कि आज गोरखपुर में एम्स शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि यूपी में कभी इन्फ्रास्ट्रक्चर कल्पना थी, आज कहीं जाइए आपको फोरलेन कनेक्टिविटी मिलेगी।</p>
<p><strong>समाजवादियों ने राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को लहुलुहान किया</strong></p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि हमने बुंदेलखंड को डकैत मुक्त बनाने का संकल्प लिया था जो कि पूरा हो चुका है। प्रदेश माफिया मुक्त हो चुका है। उन्होंने डॉ लोहिया को याद करते हुए कहा कि लोहिया जी ने कहा था कि जबतक भारत में राम, कृष्ण और शिव की पूजा होगी भाारत को कोई समाप्त नहीं कर सकता। मगर इन समाजवादियों ने राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को लहुलुहान किया था। सीएम योगी ने कहा कि जब प्रयागराज में राजू पाल और उमेश पाल की हत्या होती है, तब क्या ये लोग पिछड़ी जाति के नहीं थे। कृष्णानंद राय के साथ रमेश पटेल और रमेश यादव भी मौत के घाट उतार दिये गये, क्या ये पिछड़ी जातियों के नहीं थे। आज माफिया के लिए फातिहा पढ़ने वाले फिर से चिल्ला-चिल्ला कर चुनौती देने की स्थिति में आ गये हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>समाजवादी पार्टी हमेशा से दलित चिंतकों और महापुरुषों का अपमान करती रही</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर था। सपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उसका नाम बदल दिया। हमारी सरकार आने के बाद हमने फिर से बाबा साहब के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण किया। समाजवादी पार्टी हमेशा से दलित चिंतकों और महापुरुषों का अपमान करती रही है। इन लोगों ने अनुसूचित जाति के आरक्षण में सेंध लगाने का कार्य किया। एससी के स्कॉलरशिप को रोकने का काम किया। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी जी ने बाबा साहब के पंच तीर्थ बनाए गये। संविधान को सिर माथे रखकर नई संसद में स्थापित किया। भाजपा संविधान को सर्वोच्च सम्मान देने वाली पार्टी है। मगर अफवाह और भ्रम फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।</p>
<p><strong>हम राष्ट्रवादी मिशन वाले लोग हैं</strong></p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि दुनिया जानती है कि हमारा समाज बिखरा होगा तो आसानी से शिकार हो जाएगा, मगर एकजुट होगा तो बड़ी-बड़ी ताकतें भी इसके सामने धराशाई हो जाएंगी। जाति के नाम पर विभाजित और शक्ति को छिन्न-भिन्न करने का जो पाप इस चुनाव में हुआ है, हमें इससे सतर्क और सावधान होना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना होगा। इसी सोशल मीडिया का उपयोग करके षड्यंत्र के साथ विरोधी ताकतें और विदेशी लगे थे, जिसमें वो सफल हो गये। हम राष्ट्रवादी मिशन वाले लोग हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को ये देखना होगा कि सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है। हमें अफवाहों का तत्काल खंडन करना होगा। अनुसूचित जाति के महापुरुषों के बारे में भाजपा के विचारों को सबके सामने लाना होगा। 2019 में हमने इसी प्रदेश में सबसे बड़े गठबंधन को धराशाई किया था।</p>
<p><strong>एक-एक व्यक्ति को जुटना होगा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नगर निकाय चुनाव में सभी 17 मेयर सीटें जीतीं, सर्वाधिक नगर निकायों की सीट हम जीते। प्रदेश में सर्वाधिक चेयरमैन और पार्षद हमारे हैं। आजमगढ़ और रामपुर के उपचुनाव में हमने जीत दर्ज की। आने वाले सभी 10 विधानसभाओं के उपचुनाव में भी भाजपा का परचम लहराएगा। इसके लिए हमें अभी से जुट जाना है। यही हमारा संकल्प आज से होना चाहिए। जिले में मेयर से लेकर पार्षद तक हमारा है। एक-एक व्यक्ति को जुटना होगा, ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन, महापौर, जिला पंचायत सदस्य, विधायक, एमएलसी, राज्यसभा सांसद और लोकसभा सांसद को मिलकर संकल्प को पूरा करना है। जिन लोगों को आज उछल कूद करने का अवसर मिला है, वो दोबारा उछल कूद नहीं कर पाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवनिर्वाचित सांसदों को उनके उज्जवल भविष्य और अच्छे कार्यकाल के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इससे पहले सुबह के सत्र में उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का स्वागत किया और पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एवं केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, अरुण सिंह, संगठन महामंत्री धर्मपाल, राष्ट्रीय मंत्री सुरेन्द्र नागर सहित प्रदेशभर से आए हुए भाजपा के पदाधिकारीगण, प्रदेश सरकार में मंत्रीगण, क्षेत्रीय पदाधिकारी, सांसद, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, चेयरमैन, मंडल प्रमुख आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>मनुस्मृति पढ़ाए जाने का प्रस्ताव रद्द किए जाने का फैसला स्वागत योग्य- मायावती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Jul 2024 13:42:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi university]]></category>
		<category><![CDATA[Mayawati]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि के छात्रों को मनुस्मृति पढ़ाये</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/the-decision-to-cancel-the-proposal-to-teach-manu-smriti-is-welcome-mayawati/">मनुस्मृति पढ़ाए जाने का प्रस्ताव रद्द किए जाने का फैसला स्वागत योग्य- मायावती</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि के छात्रों को मनुस्मृति पढ़ाये जाने के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। मायावती ने एक्स पोस्ट में कहा कि भारतीय संविधान के मान-सम्मान व मर्यादा तथा इसके समतामूलक एवं कल्याणकारी उद्देश्यों के विरुद्ध जाकर दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि विभाग में मनुस्मृति पढ़ाए जाने के प्रस्ताव का तीव्र विरोध स्वाभाविक है। इस प्रस्ताव को रद्द किए जाने का फैसला स्वागत योग्य है।</p>
<p>डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने ख़ासकर उपेक्षितों व महिलाओं के आत्मसम्मान व स्वाभिमान के साथ ही मानवतावाद एवं धर्मनिरपेक्षता को मूल में रखकर भारतीय संविधान की संरचना की, जो मनुस्मृति से कतई मेल नहीं खाता है। अतः ऐसा कोई प्रयास कतई उचित नहीं।</p>
<p>https://x.com/Mayawati/status/1811631156426580063?t=GQXBxB-RgLUxIz-yYh0KMg&#038;s=19</p>
<p>&nbsp;</p>
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