<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Uproar over West Asia Crisis: Jairam Ramesh Launches Sharp Attack on Foreign Policy; Serious Questions Raised Against the Government Archives - Samvaad India</title>
	<atom:link href="https://www.samvaadindia.com/tag/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.samvaadindia.com/tag/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/</link>
	<description>Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें,Samvaad India</description>
	<lastBuildDate>Thu, 26 Mar 2026 06:48:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/03/cropped-samvad-1-32x32.png</url>
	<title>Uproar over West Asia Crisis: Jairam Ramesh Launches Sharp Attack on Foreign Policy; Serious Questions Raised Against the Government Archives - Samvaad India</title>
	<link>https://www.samvaadindia.com/tag/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पश्चिम एशिया संकट पर घमासान: जयराम रमेश का विदेश नीति पर तीखा हमला, सरकार पर उठे गंभीर सवाल</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/</link>
					<comments>https://www.samvaadindia.com/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 06:46:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका ईरान युद्ध]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[बिहार]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[Uproar over West Asia Crisis: Jairam Ramesh Launches Sharp Attack on Foreign Policy; Serious Questions Raised Against the Government]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.samvaadindia.com/?p=1154</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 26 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भारत की कूटनीति एक बार फिर राजनीतिक</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/">पश्चिम एशिया संकट पर घमासान: जयराम रमेश का विदेश नीति पर तीखा हमला, सरकार पर उठे गंभीर सवाल</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 26 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भारत की कूटनीति एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विस्तृत टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि भारत की कूटनीति कमजोर पड़ी है और इसके चलते पाकिस्तान जैसे देश को क्षेत्रीय मध्यस्थ की भूमिका में उभरने का अवसर मिल गया है।<br />
जयराम रमेश ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यह भारत के लिए “भारी शर्मिंदगी” की बात है कि पाकिस्तान जैसे देश को पश्चिम एशिया के संवेदनशील मुद्दे में मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने इसे भारत की कूटनीतिक विफलता बताते हुए कहा कि सरकार इस स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही है।<br />
उन्होंने पाकिस्तान के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि यह वही देश है जिसने दशकों तक आतंकवाद को प्रायोजित किया है। रमेश के अनुसार, पाकिस्तान की राज्य व्यवस्था लंबे समय से भारत सहित कई देशों में आतंकवाद फैलाने में संलिप्त रही है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वैश्विक आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में शरण मिली थी, जो इस देश की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">स्टाइलिश और लंबे समय से अनुभवी कहे जाने वाले विदेश मंत्री पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए बातचीत में पाकिस्तान के मध्यस्थ और पहलकर्ता के रूप में उभरने से भारत को हुई भारी शर्मिंदगी और क्षेत्रीय कूटनीति को लगे झटके को ढकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p>यह वास्तव…</p>
<p>&mdash; Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) <a href="https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/2037023204942708869?ref_src=twsrc%5Etfw">March 26, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>कांग्रेस नेता ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अब्दुल कादिर खान के नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार नियमों का उल्लंघन किया और अन्य देशों को परमाणु क्षमता हासिल करने में मदद की।<br />
रमेश ने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ ने भी इस नेटवर्क की भूमिका को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था। ऐसे देश को शांति प्रक्रिया में मध्यस्थ के रूप में स्वीकार करना वैश्विक स्तर पर एक गंभीर विरोधाभास है।<br />
उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने अफगानिस्तान में नागरिक ठिकानों पर हमले किए और अपने ही देश में बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में हिंसक कार्रवाइयाँ कीं। उनके अनुसार, धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ पाकिस्तान की नीतियाँ भी उसे किसी भी शांति प्रक्रिया के लिए अनुपयुक्त बनाती हैं।<br />
जयराम रमेश ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मध्यस्थ के रूप में उभरना “प्रधानमंत्री की कूटनीति की वास्तविकता” को उजागर करता है।<br />
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति बड़े-बड़े दावों और कमजोर क्रियान्वयन से चिह्नित रही है। रमेश ने कहा कि “विश्वगुरु” बनने के दावे के बावजूद भारत की वैश्विक स्थिति कमजोर हुई है और कूटनीतिक स्तर पर कई अवसर गंवाए गए हैं।<br />
कांग्रेस नेता ने 26/11 Mumbai attacks का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय की सरकार ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने में सफलता हासिल की थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उस दौर में भारत ने प्रभावी कूटनीति का प्रदर्शन किया था।<br />
रमेश के अनुसार, 2008 के हमलों के बाद भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया और उसे कूटनीतिक दबाव में ला दिया। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान स्थिति के बिल्कुल विपरीत है।<br />
उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान की भूमिका को लेकर पर्याप्त कूटनीतिक दबाव नहीं बनाया गया। रमेश ने पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बयानों को “सांप्रदायिक और उकसाने वाला” बताते हुए कहा कि इसके बावजूद भारत पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने में विफल रहा।<br />
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हालिया घटनाओं के बाद पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रासंगिकता बढ़ी है और वह एक “महत्वपूर्ण खिलाड़ी” के रूप में उभरा है।<br />
कांग्रेस नेता ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को अमेरिकी प्रशासन का समर्थन मिलता दिख रहा है। उन्होंने इसे भारत की कूटनीतिक कमजोरी का संकेत बताया।<br />
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा था कि भारत “कोई ब्रोकर देश नहीं है” और वह अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि यह बयान सही हो सकता है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।<br />
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की कूटनीति, वैश्विक संपर्क और नैरेटिव प्रबंधन में विफलताओं के कारण पाकिस्तान जैसे देश को “ब्रोकर” की भूमिका मिल गई है।<br />
रमेश ने “नैरेटिव मैनेजमेंट” पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज की वैश्विक राजनीति में केवल कूटनीतिक कदम ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय धारणा भी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत इस मोर्चे पर पीछे रह गया है।<br />
उनके अनुसार, भारत अपने पक्ष को प्रभावी तरीके से दुनिया के सामने रखने में असफल रहा है, जबकि पाकिस्तान ने इस अवसर का फायदा उठाया है।<br />
इस मुद्दे को लेकर देश की राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस जहां इसे सरकार की “कूटनीतिक विफलता” बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे “राजनीतिक बयानबाजी” करार दे सकता है।<br />
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया की जटिल परिस्थितियों में किसी भी देश की भूमिका को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। हालांकि, यह भी सच है कि भारत जैसे बड़े देश के लिए क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।<br />
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की विदेश नीति पर उठे सवाल आने वाले समय में और गहराने की संभावना है। जयराम रमेश के बयान ने इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या भारत अपनी पारंपरिक कूटनीतिक ताकत को बनाए रख पा रहा है या नहीं।<br />
एक तरफ सरकार अपने प्रयासों को सफल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे विफलता के रूप में पेश कर रहा है। ऐसे में सच्चाई क्या है, यह आने वाले कूटनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक समीकरणों से ही स्पष्ट हो पाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/">पश्चिम एशिया संकट पर घमासान: जयराम रमेश का विदेश नीति पर तीखा हमला, सरकार पर उठे गंभीर सवाल</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.samvaadindia.com/uproar-over-west-asia-crisis-jairam-ramesh-launches-sharp-attack-on-foreign-policy-serious-questions-raised-against-the-government/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
