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	<title>Manmohan singh Archives - Samvaad India</title>
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	<title>Manmohan singh Archives - Samvaad India</title>
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		<title>पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद: कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Dec 2024 15:14:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
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		<category><![CDATA[Dispute over funeral of former Prime Minister Manmohan Singh: Congress and BJP face to face]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 दिसंबर। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर को निधन हुआ। इसके बाद उनका अंतिम</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/dispute-over-funeral-of-former-prime-minister-manmohan-singh-congress-and-bjp-face-to-face/">पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद: कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 दिसंबर। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर को निधन हुआ। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस निर्णय पर सरकार की तीखी आलोचना करते हुए इसे &#8220;सिख समुदाय और भारत के महान सपूत&#8221; का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार विशेष स्मारक स्थलों पर किया गया है, जिससे आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।</p>
<p>राहुल ने लिखा, &#8220;मनमोहन सिंह जी ने भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने और वंचितों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया। उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर करना न केवल उनकी गरिमा का हनन है, बल्कि एक गलत परंपरा की शुरुआत है।&#8221;</p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे &#8220;जानबूझकर किया गया अपमान&#8221; बताते हुए कहा कि सरकार ने सिख समुदाय और भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री को सम्मान देने में असफलता दिखाई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है।</p>
<p>एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के…</p>
<p>&mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/1872952908502974976?ref_src=twsrc%5Etfw">December 28, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>भाजपा का पलटवार और सरकार का स्पष्टीकरण </strong></p>
<p>राहुल गांधी के आरोपों के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, &#8220;पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर राजनीति करना कांग्रेस की असंवेदनशीलता को दिखाता है। भाजपा और सरकार का मानना है कि मृत्यु के समय गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए।&#8221;</p>
<p>पात्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही मनमोहन सिंह के परिवार और कांग्रेस पार्टी को सूचित किया था कि उनकी स्मृति में एक स्मारक स्थल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, &#8220;अंतिम संस्कार के समय देरी नहीं की जा सकती। स्मारक के लिए प्रक्रिया चल रही है। लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया।&#8221;</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">BJP National Spokesperson Dr. <a href="https://twitter.com/sambitswaraj?ref_src=twsrc%5Etfw">@sambitswaraj</a> addresses press conference in Bhubaneswar, Odisha. <a href="https://t.co/hN9Iazj63e">https://t.co/hN9Iazj63e</a></p>
<p>&mdash; BJP (@BJP4India) <a href="https://twitter.com/BJP4India/status/1872971452833787982?ref_src=twsrc%5Etfw">December 28, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>गृह मंत्रालय ने भी एक बयान में कहा कि कैबिनेट बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और स्वर्गीय मनमोहन सिंह के परिवार को सूचित किया गया था कि स्मारक के लिए जगह आवंटित की जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्मारक के लिए ट्रस्ट का गठन और स्थान आवंटन एक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।</p>
<p><strong>विपक्ष और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, &#8220;डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए सरकार 1,000 गज जमीन भी आवंटित नहीं कर सकी। यह शर्मनाक है। उन्होंने भारत का नाम वैश्विक मंच पर ऊंचा किया और उनकी इस तरह से उपेक्षा करना बेहद गलत है।&#8221;</p>
<p>अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना ने इसे एक बड़े नेता का अपमान बताते हुए भाजपा की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।</p>
<p><strong>मनमोहन सिंह की विरासत और स्मारक पर विवाद का असर</strong></p>
<p>मनमोहन सिंह को उनके कार्यकाल के दौरान आर्थिक सुधारों के लिए याद किया जाता है। उन्होंने उदारीकरण, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और सामाजिक कल्याण योजनाओं के जरिए भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।</p>
<p>उनकी मृत्यु के बाद स्मारक को लेकर हुआ विवाद उनकी विरासत पर चर्चा को नया आयाम देता है। जहां एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक अपमान बता रही है, वहीं भाजपा इसे संवेदनशील विषय पर राजनीति कह रही है।</p>
<p>सरकार की ओर से स्मारक की घोषणा के बावजूद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है। यह विवाद भविष्य में भी सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच टकराव का कारण बन सकता है।</p>
<p>मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और स्मारक को लेकर विवाद ने भारतीय राजनीति के नए आयाम को उजागर किया है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि संवेदनशील मुद्दे भी राजनीतिक बहस में तब्दील हो सकते हैं। मनमोहन सिंह का योगदान उनकी नीतियों और कृतित्व में अमर रहेगा, लेकिन यह विवाद उनकी विरासत को अनावश्यक विवादों में घसीटता हुआ प्रतीत होता है।</p>
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		<title>पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देश में शोक: सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 07:22:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
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		<category><![CDATA[The country mourns the death of Prime Minister Dr. Manmohan Singh: Seven days of national mourning declared]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 26 दिसंबर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देशभर</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/the-country-mourns-the-death-of-prime-minister-dr-manmohan-singh-seven-days-of-national-mourning-declared/">पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देश में शोक: सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 26 दिसंबर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने डॉ. सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके आवास पर जाकर उन्हें अंतिम श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से हम सभी बेहद दुखी हैं। उनका जीवन भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने ईमानदारी, सादगी और बौद्धिकता से समाज और राष्ट्र की सेवा की। एक अर्थशास्त्री और नेता के रूप में उनका योगदान अतुलनीय है। वे सुधारों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे और देश की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाई।”</p>
<p>डॉ. सिंह के जीवन की कहानी भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र के इतिहास में अद्वितीय है। 26 सितंबर 1932 को ब्रिटिश भारत के पंजाब (अब पाकिस्तान) के गाह में जन्मे डॉ. सिंह ने शुरुआती जीवन में ही गरीबी और कठिनाइयों का सामना किया। लेकिन उनकी दृढ़ता और अध्ययन के प्रति समर्पण ने उन्हें उच्च शैक्षिक और राजनीतिक मुकाम तक पहुंचाया।<br />
उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की। 1970 के दशक में वे भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बने और देश की मौद्रिक नीतियों को मजबूत किया। 1991 में, जब भारत गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने उन्हें वित्त मंत्री नियुक्त किया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-844 size-full" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1732" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-300x203.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-1024x693.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-768x520.jpg 768w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-1536x1039.jpg 1536w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/7274447-2048x1386.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>डॉ. सिंह ने आर्थिक सुधारों का मार्ग प्रशस्त किया, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की दिशा में अग्रसर किया। उनके नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की। उनकी नीति-निर्माण क्षमता और दूरदर्शिता ने देश को स्थायित्व और विकास का मार्ग दिखाया।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक योगदान और निजी व्यक्तित्व</strong></p>
<p>2004 में, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों में विजय प्राप्त की, डॉ. मनमोहन सिंह को देश का 14वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। यह पहली बार था जब एक गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके नेतृत्व में यूपीए सरकार ने कई महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक नीतियां लागू कीं।</p>
<p>डॉ. सिंह ने अपने कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में कई सुधार किए। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे कानून उनकी दूरदृष्टि का परिणाम थे। उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान मिली।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी और ईमानदारी का प्रतीक था। उनके पास हर किसी के लिए समय और सहानुभूति थी। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब उनसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मेरी खुली चर्चाएं होती थीं। उन चर्चाओं और उनके नेतृत्व से बहुत कुछ सीखने को मिला।”</p>
<p>डॉ. सिंह के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सौम्यता और बौद्धिकता थी। वे विवादों से दूर रहने वाले नेता थे, जिनका ध्यान हमेशा देश की प्रगति पर केंद्रित रहा। वे राजनीति में एक दुर्लभ उदाहरण थे, जिन्होंने उच्च पदों पर रहते हुए भी सादगी और नैतिकता को बनाए रखा।</p>
<p>उनका निधन भारतीय राजनीति में एक युग का अंत है। देश ने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिसने अपनी सादगी और दूरदर्शिता से भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में गहरी छाप छोड़ी। आज उनकी अनुपस्थिति देश को गहरा आघात पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “डॉ. सिंह का योगदान और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। वे हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।”</p>
<p>इस कठिन समय में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है। डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन और उनकी सेवाएं भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/the-country-mourns-the-death-of-prime-minister-dr-manmohan-singh-seven-days-of-national-mourning-declared/">पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देश में शोक: सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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