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	<title>Bjp Archives - Samvaad India</title>
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	<title>Bjp Archives - Samvaad India</title>
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		<title>उत्तर प्रदेश वही है, लेकिन बीते 8 सालों में परसेप्शन पूरी तरह से बदल गया- सीएम योगी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 10:51:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
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		<category><![CDATA[but the perception has completely changed in the last 8 years - CM Yogi]]></category>
		<category><![CDATA[MYogiAdityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 24 मार्च। सरकार के 8 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/uttar-pradesh-is-the-same-but-the-perception-has-completely-changed-in-the-last-8-years-cm-yogi/">उत्तर प्रदेश वही है, लेकिन बीते 8 सालों में परसेप्शन पूरी तरह से बदल गया- सीएम योगी</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><em>लखनऊ, 24 मार्च।</em> सरकार के 8 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में अपनी सरकार के विकास कार्यों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान 8 वर्षों में यूपी में सरकार के कामकाज पर &#8220;एक झलक&#8221; रिपोर्ट कार्ड डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई और पुस्तिका का विमोचन किया गया। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों के समवेत प्रयास से आज यह उत्तर प्रदेश, भारत के &#8216;श्रम शक्ति पुंज से अर्थ शक्ति पुंज&#8217; बनने की ओर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश वही है, लेकिन बीते 8 वर्षों परसेप्शन पूरी तरह से बदल चुका है। सुरक्षा, सुशासन, समृद्धि और सनातन संस्कृति के क्षेत्र में जो पहचान बनी है उसका एहसास उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरा भारत कर रहा है। उन्होंने कहा कि 8 वर्ष पहले बीमारू राज्य की पहचान रखने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन और उनके विजनरी नेतृत्व में सेवा, सुरक्षा और सुशासन के 8 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने 25 करोड़ प्रदेशवासियों को 8 वर्ष की इस शानदार यात्रा के लिए बधाई दी और कहा कि डबल इंजन सरकार ने हर क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किया है। सीएम योगी ने कहा कि आगामी 25, 26 और 27 मार्च को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर तीन दिवसीय &#8216;विकास उत्सव&#8217; आयोजित होगा, जिसमें अन्नदाता किसानों, युवाओं, मातृशक्ति, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। यहां केंद्र सरकार के 10 व प्रदेश के 8 वर्षों की विकास यात्रा को जनता के समक्ष रखा जाएगा।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। यूपी नंबर दो की अर्थव्यवस्था है और जल्द नंबर एक बनेगा। उन्होंने पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मंत्रिमंडल के सहयोगियों और एनडीए के सभी घटक दलों का आभार जताया। सीएम योगी ने कहा कि यह 8 वर्ष की शानदार यात्रा टीम भावना, स्केल, स्किल और स्पीड का परिणाम है।</p>
<p><em>8 वर्ष पहले पहचान की संकट से जूझ रहा था उत्तर प्रदेश- सीएम योगी</em> सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 8 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश की पहचान संकट में थी। किसान आत्महत्या कर रहे थे, युवा अपनी पहचान के मोहताज थे, बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे। दंगों और अराजकता ने अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य माना जाता था और इसे देश के विकास में बाधक समझा जाता था। लेकिन 8 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस परसेप्शन को पूरी तरह बदल दिया। आज उत्तर प्रदेश देश के विकास का ब्रेकथ्रू बनकर हर सेक्टर में आगे बढ़ रहा है।</p>
<p><em>इन आठ वर्षों में प्रदेश की कृषि क्षेत्र में आई क्रांति, अन्नदाता की आय हुई दोगुनी- मुख्मयंत्री</em> सीएम योगी ने प्रदेश के कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से कृषि प्रधान रहा है। यहां उर्वर भूमि और जल संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं। लेकिन 2017 से पहले किसान आत्महत्या कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने इस स्थिति को बदला। 2017 में पहली कैबिनेट में ही 36,000 करोड़ रुपये की लागत से लघु और सीमांत किसानों की कर्ज माफी की गई। इसके परिणामस्वरूप 2016-17 में 557 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन करने वाला उत्तर प्रदेश 2023-24 में 668 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन तक पहुंच गया, जो 20% की वृद्धि दर्शाता है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.61 करोड़ से अधिक किसानों को 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि डीबीटी के जरिए दी गई। उन्होंने बताया कि 40 वर्षों से लंबित अर्जुन सहायक, बाणसागर और सरयू नहर जैसी परियोजनाओं को पूरा कर 23,000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र, नया ऋषि विश्वविद्यालय और टेक्नोलॉजी के उपयोग से धान, गेहूं, दलहन और श्री अन्न में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर पहुंच गया।</p>
<p>गन्ना किसानों के लिए किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2008-09 से 2017 तक गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये बकाया था। हमारी सरकार ने एक भी चीनी मिल बंद नहीं होने दी। तीन नई चीनी मिलें स्थापित कीं, छह का पुनः संचालन किया और 38 का विस्तार किया। उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक 2.80 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया, जो पिछली सरकारों के 22 वर्षों के भुगतान से 60,000 करोड़ रुपये अधिक है। एथेनॉल उत्पादन 42 करोड़ लीटर से बढ़कर 177 करोड़ लीटर तक पहुंच गया।</p>
<p><em>आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है- योगी</em> सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था में सुधार को सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 2017 से कि पहले हर तीसरे दिन दंगे होते थे। बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि 45 दिनों के इस आयोजन में कोई छेड़छाड़, लूटपाट या अपहरण की घटना नहीं हुई। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में 1.5 लाख पुलिस पद खाली थे। डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 1,56,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की और हाल ही में 60,200 नई भर्तियां की गईं। उन्होंने कहा कि 10 जनपदों में पुलिस लाइन नहीं थी। हमने सभी जगह पुलिस लाइन बनाईं। ट्रेनिंग क्षमता 6,000 से बढ़ाकर 60,244 कर दी गई। उन्होंने कहा कि पीएसी की 54 कंपनियां पिछली सरकारों ने खत्म कर दी थीं, जिन्हें बहाल किया गया। तीन महिला बटालियन और पांच नई पीएसी बटालियन गठित की गईं। साइबर थानों और हेल्प डेस्क की स्थापना की गई। पीआरबी 112 का रिस्पांस टाइम 25 मिनट 42 सेकंड से घटकर 7 मिनट 24 सेकंड हो गया। 11 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाकर सेफ सिटी की परिकल्पना को साकार किया गया।</p>
<p><em>नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन संपूर्ण समाज के स्वावलंबन का आधार- सीएम योगी</em> सीएम योगी ने कहा कि नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन संपूर्ण समाज के स्वावलंबन का आधार है। उन्होंने कहा कि 1947 से 2017 तक पुलिस बल में केवल 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं। लेकिन हाल की भर्ती में 12,000 और अब तक 25,000 से अधिक महिलाओं को पुलिस बल में शामिल किया गया। महिला वर्कफोर्स 14% से बढ़कर 35% से अधिक हो गई। मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुईं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत 22.11 लाख बेटियों को जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये की सहायता दी गई। सीएम योगी ने कहा कि 57,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी बैंकिंग सुविधा दे रही हैं। एक करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वावलंबी बनी हैं। उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह योजना में 4.76 लाख विवाह संपन्न हुए, और अब इसकी राशि 51,000 से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये करने की घोषणा की गई। स्वामित्व योजना में एक करोड़ महिलाओं को मालिकाना हक दिया गया। कामकाजी महिलाओं के लिए अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर छह शहरों में हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।</p>
<p><em>बीते आठ वर्षों में बेरोजगारी दर 19% से 3% पर- योगी</em> सीएम योगी ने युवाओं के लिए किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि 2016-17 में बेरोजगारी दर 19% थी, जो आज घटकर 3% रह गई है। उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं। एमएसएमई सेक्टर में 2 करोड़ से अधिक युवा स्वरोजगार से जुड़े। 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देकर डिजिटल सक्षम बनाया गया। 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स के साथ उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी है। सीएम योगी ने कहा कि वन जिला वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने परंपरागत उद्यमिता को बढ़ावा दिया। निर्यात 86,000 करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी स्कीम का जिक्र करते हुए कहा कि 31 मार्च तक 1 लाख नए युवा उद्यमी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त और गारंटी मुक्त लोन दिया जा रहा है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत हस्तशिल्पियों को स्किल डेवलपमेंट और टूलकिट्स दी गईं।</p>
<p><em>पहले नकल को जन्मसिद्ध अधिकार माना जाता था, आज हो रही नकल विहीन परीक्षाएं- मुख्यमंत्री</em> सीएम योगी ने शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को को पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि पहले नकल को जन्मसिद्ध अधिकार माना जाता था। आज नकल विहीन परीक्षाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 50 लाख से अधिक बच्चों की बढ़ोतरी हुई। सभी बच्चों को 1,200 रुपये यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते और स्वेटर के लिए दिए जा रहे हैं। स्कूलों में टॉयलेट, पेयजल, डिजिटल लाइब्रेरी और फ्लोरिंग की व्यवस्था की गई। माध्यमिक स्कूलों के लिए अलंकार योजना शुरू की गई। छह कमिश्नरियों में नए राज्य विश्वविद्यालय, मेडिकल यूनिवर्सिटी, आयुष विश्वविद्यालय और एक अतिरिक्त एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। 10 नए विश्वविद्यालय और 21 निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। प्रत्येक जनपद में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग शुरू की गई। अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 100% स्कॉलरशिप दी जा रही है।</p>
<p><em>बीते आठ वर्षों में 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा के ऊपर पहुंचे- मुख्यमंत्री</em> सीएम योगी ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में 6 करोड़ से अधिक गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया। उन्होंने बताया कि 15 करोड़ लोग पिछले 5 वर्षों से मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे हैं। 1.86 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए। होली और दीपावली पर मुफ्त सिलेंडर दिए जा रहे हैं। 9 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड दिए गए। 56 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए। सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले 55 लाख निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों को पेंशन मिलती थी। आज यह संख्या 1.06 करोड़ हो गई है। पेंशन राशि 300 से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 9.08 करोड़ लोगों को 1.10 लाख करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए दिए गए, जिससे 10,000 करोड़ रुपये की बचत हुई। नए वित्तीय वर्ष में जीरो पॉवर्टी का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार कृतसंकल्पित है।</p>
<p><em>आज यूपी एक्सप्रेसवे का पर्याय बन गया है- योगी आदित्यनाथ</em> सीएम योगी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हुई प्रगति को पत्रकारों के समक्ष रखते हुए कहा कि पहले कहा जाता था कि जहां गड्ढे शुरू हो जाएं, समझो उत्तर प्रदेश आ गया। आज यूपी एक्सप्रेसवे का पर्याय बन गया है। उन्होंने कहा कि यूपी में एक्प्रेसवे की प्रगति आप इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं, जवाब मिल जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि आज 6 एक्सप्रेसवे संचालित हैं और 11 पर काम चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद देश के 55% एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में होंगे। सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है। सीएम योगी ने कहा कि सर्वाधिक मेट्रो संचालन यूपी में हो रहा है। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच और पहला वॉटरवे हल्दिया-वाराणसी के बीच शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि वाराणसी से प्रयागराज और बलिया से अयोध्या तक वॉटरवे की सुविधा बढ़ाई जा रही है। हर जनपद मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। 2017 में 2 एयरपोर्ट क्रियाशील थे, आज 16 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 4 इंटरनेशनल हैं। जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जल्द शुरू होगा। सीएम योगी ने कहा कि लैंडलॉक्ड स्टेट से उत्तर प्रदेश मुक्त हो चुका है।</p>
<p><em>हर जिला मुख्यालय की नगर पालिका को बनाएंगे स्मार्ट सिटी- मुख्यमंत्री</em> सीएम योगी ने नगरीय विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के अंदर नगरीय विकास के क्षेत्र में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं। 2016-17 में देश के 10 सबसे गंदे शहर यूपी के थे। आज 17 म्युनिसिपल कॉरपोरेशन स्मार्ट सिटी बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार के बजट में हर जिला मुख्यालय की नगर पालिका को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना है। लखनऊ, वाराणसी और कानपुर को स्टेट डेवलपमेंट रीजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वाराणसी में देश की पहली रोप-वे सेवा जल्द शुरू होगी।</p>
<p><em>1.65 करोड़ गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए- सीएम योगी</em> सीएम योगी ने ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 से 2017 तक 1,28,494 मजरों तक बिजली पहुंची थी। हमने 8 वर्षों में 1,21,000 मजरों को बिजली दी। उन्होंने कहा कि 2012-17 में 8.44 लाख बिजली कनेक्शन दिए गए, जबकि 2017-24 में 1.65 करोड़ गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि पावर जेनरेशन में 6,000 मेगावाट से बढ़कर 33,000 मेगावाट की आपूर्ति हो रही है। सौर ऊर्जा में 228 मेगावाट से बढ़कर 2,653 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के जरिए 4,000 मेगावाट सोलर पावर की स्थापना हो रही है और अगले 5 वर्षों में 22,000 मेगावाट ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य है।</p>
<p><em>2017 से पहले इज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी 14वें स्थान पर था। आज टॉप अचीवर स्टेट है- सीएम योगी</em> सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि 2017 से पहले इज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी 14वें स्थान पर था। आज टॉप अचीवर स्टेट है। उन्होंने कहा कि 33 सेक्टोरियल पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 500 से अधिक एनओसी एक प्लेटफॉर्म पर दी जा रही हैं। 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं जमीनी धरातल पर उतारी गईं। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए ड्रीम डेस्टिनेशन बन गया है।</p>
<p><em>बीते आठ वर्षों में सुदृण हुई प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाएं- योगी</em> सीएम योगी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 से 2017 तक केवल 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। आज 80 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 44 सरकारी हैं। प्रदेश के अंदर इससे पहले नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थिति क्या थी ताले लटकते थे। ना इंफ्रास्ट्रक्चर था ना फैकल्टी थी, आज प्रदेश के अंदर हर मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज बनाने की कार्यवाही को तेजी के साथ आगे बढ़ने का कार्य हो रहा है। प्रदेश के अंदर हम लोगों ने जो 36 जनपद ऐसे थे जिनमें संचारित रोग में खास तौर पर इंसेफेलाइटिस थे, उत्तर प्रदेश के मासूम तड़प तड़प कर मरते थे आज उसे पर प्रभावी नियंत्रण करने में उत्तर प्रदेश में सफलता प्राप्त की है।मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि इंसेफेलाइटिस पर 85% और जापानी इंसेफेलाइटिस पर 99% नियंत्रण हासिल किया गया। डेंगू मृत्यु दर 95% और मलेरिया 56% कम हुआ। आयुष्मान भारत योजना में यूपी नंबर एक है। एमबीबीएस सीटें 1,990 से बढ़कर 5,250 और पीजी सीटें 741 से बढ़कर 1,871 हो गईं।</p>
<p><em>कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सुविधाओं के विकास ने पर्यटन को बढ़ावा दिया- मुख्यमंत्री</em> सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने टूरिज्म के क्षेत्र में भी एक लंबी चलांग लगाई है। यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों का असर यूपी के पर्यटन क्षेत्र में भी देखने को मिला है। “2017 से पहले 21 करोड़ पर्यटक आते थे, उसमें स्पिरिचुअल भी होता था इको टूरिज्म भी होता था हेरिटेज भी होता था और अन्य तमाम आयोजन के साथ भी जुड़ते थे आज यह संख्या बहुत बड़ी हो चुकी है। 2023 में 67 करोड़ पर्यटक आए। उन्होंने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में भी 67 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। योगी ने कहा, “आस्था अब अर्थव्यवस्था का सशक्त माध्यम बन गई है। कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सुविधाओं के विकास ने पर्यटन को बढ़ावा दिया। सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने काफी बड़े पैमाने पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास भी किया है। आज उसका परिणाम हम सभी के सामने है।</p>
<p><em>पिछले 8 वर्ष में हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की- मुख्यमंत्री</em> सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में बिना कुछ बोझ डाले जनता जनार्दन पर कोई भी बिना अतिरिक्त टैक्स लगाए बगैर पिछले 8 वर्ष में हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। इसके लिए भ्रष्टाचार पर प्रभावी प्रहार किया, लीकेज को रोकना, सोर्स ऑफ इनकम को बढ़ाकर हमने रेवेन्यू बढ़ाई हैं और परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश का एक रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। 2017 में यूपी की अर्थव्यवस्था 12.75 लाख करोड़ रुपये थी, जो आज 27.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। प्रति व्यक्ति आय 46,000 से बढ़कर 1,24,000 रुपये हो गई। उन्होंने बताया कि 2000 से 2017 तक 3,300 करोड़ रुपये का एफडीआई आया, जबकि 2017-24 में 14,808 करोड़ रुपये का एफडीआई आया। बैंकिंग व्यवसाय 12.30 लाख करोड़ से बढ़कर 29.66 लाख करोड़ रुपये हो गया। सीडी रेशियो 46% से बढ़कर 61% हो गया। सीएम योगी ने आरबीआई की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग के लिए फंड आकर्षित करने में 16.2 % हिस्सेदारी के साथ उत्तर प्रदेश से देश के अंदर शीर्ष स्थान पर है। मुंबई स्टॉक में 132 कंपनियों ने केवल उत्तर प्रदेश की है, जो जिन्होंने वहां पर पंजीकरण कराया और जिनका मार्केट कैपिटल 368162 करोड रुपए से अधिक का है। वह प्रदेश के अंदर 2017 तक कुछ 13000 फैक्ट्रियां आज इनकी संख्या इन 8 वर्ष इनकी संख्या बढ़कर के 26900 से अधिक है। यह संख्या बताती है कि उत्तर प्रदेश एक अच्छी दिशा में आगे बढ़ा है</p>
<p><em>केन्द्र की इन योजनाओं में टॉप पर है उत्तर प्रदेश</em> सीएम योगी ने कहा कि खाद्यान्न, गन्ना, आलू, इथेनॉल उत्पादन, इज ऑफ डूइंग बिजनेस, प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग, आयकर रिटर्न, जेम पोर्टल खरीद, कौशल विकास, एमएसएमई, पीएम आवास, उज्ज्वला, स्वामित्व, जन धन, सुरक्षा बीमा और जीवन ज्योति बीमा योजना में यूपी नंबर एक है। उन्होंने कहा कि यह टीम भावना और ईमानदार प्रतिबद्धता का परिणाम है।</p>
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		<title>दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/delhi-assembly-elections-2025-political-battle-between-aap-bjp-and-congress/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jan 2025 16:18:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi elections]]></category>
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		<category><![CDATA[Delhi Assembly Elections 2025: Political battle between AAP]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दिल्ली, 7 जनवरी। विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, और इस बार की लड़ाई तीन</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/delhi-assembly-elections-2025-political-battle-between-aap-bjp-and-congress/">दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली, 7 जनवरी। विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, और इस बार की लड़ाई तीन बड़े दलों- आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), और कांग्रेस के बीच बेहद दिलचस्प होने जा रही है। सत्तारूढ़ आप, जो पिछले 12 वर्षों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज है, अपने काम के दम पर लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने की कोशिश में है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दल आप को घेरने और अपनी जमीन मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।</p>
<p>इस चुनाव में कई प्रमुख मुद्दे और कद्दावर चेहरे चर्चा में हैं। जहां एक ओर आप पर भ्रष्टाचार और विवादों के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस अपने मजबूत उम्मीदवारों के साथ चुनावी रण में उतर चुके हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के प्रमुख मुद्दे</strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">1. मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाला</span></strong></p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाला। इस घोटाले में पार्टी के प्रमुख नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे बड़े नाम जेल जा चुके हैं।</p>
<p><strong>भाजपा और कांग्रेस का हमला:</strong> विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर आप सरकार पर लगातार निशाना साधा है। भाजपा ने दावा किया है कि आप ने दिल्ली के खजाने को लूटा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर आप को घेरते हुए इसे जनता के साथ धोखा करार दिया।</p>
<p><strong>आप का बचाव:</strong> आप ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है ताकि आप नेताओं की छवि खराब की जा सके।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">2. यमुना नदी की सफाई</span></strong></p>
<p>आप सरकार ने अपने शुरुआती कार्यकाल में वादा किया था कि यमुना नदी को इतना साफ किया जाएगा कि लोग उसमें डुबकी लगा सकें। हालांकि, 12 वर्षों के बाद भी यमुना की स्थिति जस की तस है।</p>
<p><strong>विपक्ष का आरोप:</strong> भाजपा और कांग्रेस का कहना है कि यमुना की सफाई के लिए आवंटित धनराशि को आप ने अपने प्रचार में खर्च कर दिया।</p>
<p><strong>सरकार का पक्ष:</strong> सरकार का कहना है कि उसने कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए हैं और यमुना की सफाई के लिए लगातार प्रयासरत है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>3. मुख्यमंत्री बंगले का रेनोवेशन (शीशमहल मुद्दा)</strong></span></p>
<p>मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बंगले के रेनोवेशन पर करीब 33 करोड़ रुपये खर्च होने का मामला इस चुनाव में आप के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।</p>
<p><strong>भाजपा का हमला:</strong> भाजपा ने इसे जनता के पैसे का दुरुपयोग बताते हुए आप सरकार को आड़े हाथों लिया है।</p>
<p><strong>आप का बचाव:</strong> आप का कहना है कि यह खर्च सरकारी अनुमोदन के बाद हुआ और इसे बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>4. महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं</strong></span></p>
<p>आम आदमी पार्टी ने महिलाओं के लिए सम्मान राशि योजना की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया गया है।</p>
<p><strong>विपक्ष का जवाब:</strong> कांग्रेस ने प्यारी दीदी योजना के तहत 2,500 रुपये देने का वादा किया है। भाजपा ने इसे जनता को गुमराह करने की रणनीति बताया है।</p>
<p><strong>प्रमुख चेहरे और सीटों का गणित</strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">1. अरविंद केजरीवाल (आप)</span></strong></p>
<p>नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं।</p>
<p><strong>चुनौती:</strong> भाजपा और कांग्रेस ने इस बार मजबूत उम्मीदवार उतारकर केजरीवाल को कड़ी टक्कर देने की तैयारी की है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>2. संदीप दीक्षित (कांग्रेस)</strong></span></p>
<p>नई दिल्ली सीट पर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा है।</p>
<p><strong>मजबूती:</strong> संदीप दीक्षित का राजनीतिक अनुभव और कांग्रेस की पुरानी पकड़ इस सीट पर मुकाबले को दिलचस्प बना रही है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>3. प्रवेश वर्मा (भाजपा)</strong></span></p>
<p>भाजपा ने प्रवेश वर्मा को नई दिल्ली सीट से उतारा है।</p>
<p><strong>रणनीति:</strong> भाजपा का लक्ष्य है कि केजरीवाल को उनके गढ़ में हराकर बड़ा संदेश दिया जाए।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">4. मनीष सिसोदिया (आप)</span></strong></p>
<p>पटपड़गंज सीट को छोड़कर इस बार मनीष सिसोदिया जंगपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>रणनीति:</strong> </span>जंगपुरा आप का गढ़ मानी जाती है, और सिसोदिया यहां से सुरक्षित जीत हासिल करना चाहते हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>5. आतिशी मर्लेना (आप)</strong></span></p>
<p>कालकाजी सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी मर्लेना चुनाव लड़ रही हैं।</p>
<p><strong>चुनौती:</strong> भाजपा ने उनके खिलाफ रमेश बिधूड़ी को मैदान में उतारा है, जो इस सीट पर कड़ी टक्कर दे सकते हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>6. अलका लांबा (कांग्रेस)</strong></span></p>
<p>अलका लांबा कालकाजी सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं।</p>
<p><strong>रणनीति:</strong> अलका लांबा का अनुभव और उनकी क्षेत्र में पकड़ कांग्रेस के लिए फायदेमंद हो सकती है।</p>
<p><strong>चुनावी प्रचार और संभावनाएं</strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">आप का प्रचार</span></strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी अपने काम को केंद्र में रखकर प्रचार कर रही है। मोहल्ला क्लीनिक, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, और बिजली-पानी की सस्ती दरों को आप अपने मुख्य उपलब्धियों के तौर पर पेश कर रही है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>भाजपा का अभियान</strong></span></p>
<p>भाजपा ने इस बार आप पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को मुख्य मुद्दा बनाया है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भुनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">कांग्रेस की रणनीति</span></strong></p>
<p>कांग्रेस अपने पुराने जनाधार को वापस पाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का फोकस महिलाओं, युवाओं और अल्पसंख्यकों पर है।</p>
<p><strong>सम्पादक विशेष</strong></p>
<p>दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ रहा है। जहां एक तरफ आप को अपने विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भाजपा और कांग्रेस भी आप को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p>इस चुनाव के परिणाम न केवल दिल्ली की राजनीति को बल्कि देश की राजनीति को भी नई दिशा दे सकते हैं। जनता किसे अपना नेता चुनती है, यह देखने के लिए 8 फरवरी 2025 का इंतजार करना होगा।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/delhi-assembly-elections-2025-political-battle-between-aap-bjp-and-congress/">दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव: अयोध्या की राजनीतिक तपिश में नया अध्याय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jan 2025 12:16:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Milkipur by election]]></category>
		<category><![CDATA[Sapa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 7 जनवरी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या हमेशा से एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है, और अब</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 7 जनवरी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या हमेशा से एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है, और अब इसकी मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव 2025 के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देने जा रहा है। यह सीट हाल ही में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता अवधेश प्रसाद के लोकसभा सांसद बनने के कारण खाली हुई है। चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव की तारीख 5 फरवरी तय की है, जबकि मतगणना 8 फरवरी को होगी।</p>
<p><strong>मिल्कीपुर उपचुनाव: क्यों है यह खास?</strong></p>
<p>मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका असर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। इस क्षेत्र का जातीय समीकरण, राजनीतिक ध्रुवीकरण, और मुद्दों की विविधता इसे उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल करता है।</p>
<p>2022 में सपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले अवधेश प्रसाद ने यहां भाजपा के मजबूत गढ़ को तोड़ा था। इसके बाद, 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लल्लू सिंह को हराकर सांसद बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह उपचुनाव जरूरी हो गया।</p>
<p><strong>चुनाव कार्यक्रम और नामांकन की प्रक्रिया</strong></p>
<p>चुनाव आयोग के अनुसार, मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 18 जनवरी को होगी, और प्रत्याशियों को 20 जनवरी तक नाम वापस लेने का समय दिया जाएगा। इसके बाद, चुनाव प्रचार का दौर तेज होगा, जो 5 फरवरी के मतदान तक चलेगा।</p>
<p><strong>2022 के विधानसभा चुनाव में सपा की जीत</strong></p>
<p>मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में सपा ने बड़ी जीत दर्ज की थी। सपा के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया। इस जीत में उनकी क्षेत्रीय पकड़, जमीनी मुद्दों पर फोकस, और सपा की जनहितकारी छवि ने अहम भूमिका निभाई।</p>
<p>अवधेश प्रसाद ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे के विकास के वादों के साथ मतदाताओं का भरोसा जीता। उनकी लोकप्रियता ने सपा को यह सीट सौंपी, जिसे भाजपा ने पहले से ही एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र मान लिया था।</p>
<p><strong>लोकसभा चुनाव 2024: सपा का अयोध्या में दमदार प्रदर्शन</strong></p>
<p>2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर एक साहसिक कदम उठाते हुए अवधेश प्रसाद को उतारा। यह सीट लंबे समय से भाजपा के पास थी और पार्टी के दिग्गज नेता लल्लू सिंह का यहां गहरा प्रभाव था।</p>
<p>अवधेश प्रसाद ने व्यापक जनसंपर्क और प्रभावी रणनीति के माध्यम से भाजपा को हराया और सपा के लिए एक बड़ी जीत दर्ज की। हालांकि, उनके सांसद बनने के बाद मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन गई, जिसे सपा हर हाल में जीतना चाहेगी।</p>
<p><strong>राजनीतिक दलों की तैयारियां और संभावित उम्मीदवार</strong></p>
<p>मिल्कीपुर के इस उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।</p>
<p><strong>1. समाजवादी पार्टी (सपा):</strong></p>
<p>सपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल है। पार्टी किसी ऐसे उम्मीदवार को उतारना चाहेगी, जो अवधेश प्रसाद की विरासत को आगे बढ़ा सके और भाजपा के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सके। अखिलेश यादव खुद इस चुनाव प्रचार में सक्रिय रह सकते हैं, जिससे सपा समर्थकों में उत्साह बढ़ेगा।</p>
<p><strong>2. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा):</strong></p>
<p>भाजपा इस सीट को फिर से जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर भाजपा जनता के बीच जाएगी और राम मंदिर निर्माण को भी अपने प्रचार का अहम हिस्सा बनाएगी।</p>
<p><strong>3. बहुजन समाज पार्टी (बसपा):</strong></p>
<p>बसपा का प्रभाव पिछले कुछ वर्षों में कम हुआ है, लेकिन यह चुनाव उनके लिए एक अवसर हो सकता है। पार्टी दलित और ओबीसी वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश करेगी।</p>
<p><strong>4. कांग्रेस:</strong></p>
<p>कांग्रेस के पास इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत कमजोर संगठन है, लेकिन यह चुनाव उनके लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का मौका हो सकता है।</p>
<p><strong>क्षेत्रीय मुद्दे जो करेंगे चुनाव को प्रभावित</strong></p>
<p>मिल्कीपुर के उपचुनाव में मतदाताओं के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दे हैं, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p><strong>1. सड़क और बुनियादी ढांचा:</strong></p>
<p>क्षेत्र में सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे की कमी एक बड़ा मुद्दा है। ग्रामीण इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी की मांग तेज हो रही है।</p>
<p><strong>2. शिक्षा और स्वास्थ्य:</strong></p>
<p>सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारने की जरूरत पर जनता का ध्यान केंद्रित है।</p>
<p><strong>3. कृषि और सिंचाई:</strong></p>
<p>किसानों की फसल के उचित दाम और सिंचाई के बेहतर साधन सुनिश्चित करना प्रमुख मांगों में शामिल है।</p>
<p><strong>4. रोजगार:</strong></p>
<p>युवाओं में रोजगार की कमी और स्वरोजगार के अवसरों की मांग प्रमुख मुद्दे हैं।</p>
<p><strong>जातीय समीकरण और मतदाता वर्गीकरण</strong></p>
<p>मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यहां ओबीसी, अनुसूचित जाति, और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या प्रमुख है।</p>
<p><strong>ओबीसी मतदाता:</strong></p>
<p>यह वर्ग सपा और भाजपा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों दल इस वर्ग को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।</p>
<p><strong>अनुसूचित जाति:</strong></p>
<p>बसपा इस वर्ग पर फोकस करेगी, जबकि भाजपा और सपा भी इसे साधने की कोशिश करेंगी।</p>
<p><strong>मुस्लिम मतदाता:</strong></p>
<p>मुस्लिम मतदाता सपा के पारंपरिक समर्थक रहे हैं, लेकिन कांग्रेस भी इसे अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर सकती है।</p>
<p><strong>चुनावी प्रचार और रणनीतियां</strong></p>
<p>उपचुनाव के प्रचार में सभी दल अपने प्रमुख नेताओं और स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखेंगे।</p>
<p><strong>सपा:</strong> अवधेश प्रसाद की लोकसभा जीत और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को प्रमुखता देगी।</p>
<p><strong>भाजपा:</strong> केंद्र सरकार की योजनाओं, राम मंदिर निर्माण, और विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी।</p>
<p><strong>बसपा और कांग्रेस:</strong> स्थानीय मुद्दों और कमजोर वर्गों के हितों को लेकर प्रचार करेंगी।</p>
<p><strong>चुनाव परिणाम का प्रभाव</strong></p>
<p>मिल्कीपुर का उपचुनाव राज्य की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।</p>
<p><strong>1. सपा की प्रतिष्ठा:</strong> सपा के लिए यह सीट जीतना उसकी ताकत को साबित करने का अवसर है।</p>
<p><strong>2. भाजपा की मजबूती:</strong> भाजपा के लिए यह चुनाव राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका होगा।</p>
<p><strong>3. बसपा और कांग्रेस का भविष्य:</strong> छोटे दलों के लिए यह चुनाव उनकी प्रासंगिकता को परखने का अवसर है।</p>
<p>मिल्कीपुर विधानसभा का उपचुनाव 2025 उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। यह चुनाव न केवल स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं को उजागर करेगा, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीति की दिशा को प्रभावित करेगा। सभी राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव अपनी ताकत और रणनीतियों को परखने का एक बड़ा मंच साबित होगा। अब सबकी नजरें 8 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी रहेंगी।</p>
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			</item>
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		<title>पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद: कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/dispute-over-funeral-of-former-prime-minister-manmohan-singh-congress-and-bjp-face-to-face/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Dec 2024 15:14:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Dispute over funeral of former Prime Minister Manmohan Singh: Congress and BJP face to face]]></category>
		<category><![CDATA[Manmohan singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 दिसंबर। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर को निधन हुआ। इसके बाद उनका अंतिम</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/dispute-over-funeral-of-former-prime-minister-manmohan-singh-congress-and-bjp-face-to-face/">पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद: कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 दिसंबर। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर को निधन हुआ। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस निर्णय पर सरकार की तीखी आलोचना करते हुए इसे &#8220;सिख समुदाय और भारत के महान सपूत&#8221; का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार विशेष स्मारक स्थलों पर किया गया है, जिससे आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।</p>
<p>राहुल ने लिखा, &#8220;मनमोहन सिंह जी ने भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने और वंचितों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया। उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर करना न केवल उनकी गरिमा का हनन है, बल्कि एक गलत परंपरा की शुरुआत है।&#8221;</p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे &#8220;जानबूझकर किया गया अपमान&#8221; बताते हुए कहा कि सरकार ने सिख समुदाय और भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री को सम्मान देने में असफलता दिखाई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है।</p>
<p>एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के…</p>
<p>&mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/1872952908502974976?ref_src=twsrc%5Etfw">December 28, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>भाजपा का पलटवार और सरकार का स्पष्टीकरण </strong></p>
<p>राहुल गांधी के आरोपों के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, &#8220;पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर राजनीति करना कांग्रेस की असंवेदनशीलता को दिखाता है। भाजपा और सरकार का मानना है कि मृत्यु के समय गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए।&#8221;</p>
<p>पात्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही मनमोहन सिंह के परिवार और कांग्रेस पार्टी को सूचित किया था कि उनकी स्मृति में एक स्मारक स्थल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, &#8220;अंतिम संस्कार के समय देरी नहीं की जा सकती। स्मारक के लिए प्रक्रिया चल रही है। लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया।&#8221;</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">BJP National Spokesperson Dr. <a href="https://twitter.com/sambitswaraj?ref_src=twsrc%5Etfw">@sambitswaraj</a> addresses press conference in Bhubaneswar, Odisha. <a href="https://t.co/hN9Iazj63e">https://t.co/hN9Iazj63e</a></p>
<p>&mdash; BJP (@BJP4India) <a href="https://twitter.com/BJP4India/status/1872971452833787982?ref_src=twsrc%5Etfw">December 28, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>गृह मंत्रालय ने भी एक बयान में कहा कि कैबिनेट बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और स्वर्गीय मनमोहन सिंह के परिवार को सूचित किया गया था कि स्मारक के लिए जगह आवंटित की जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्मारक के लिए ट्रस्ट का गठन और स्थान आवंटन एक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।</p>
<p><strong>विपक्ष और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, &#8220;डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए सरकार 1,000 गज जमीन भी आवंटित नहीं कर सकी। यह शर्मनाक है। उन्होंने भारत का नाम वैश्विक मंच पर ऊंचा किया और उनकी इस तरह से उपेक्षा करना बेहद गलत है।&#8221;</p>
<p>अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना ने इसे एक बड़े नेता का अपमान बताते हुए भाजपा की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।</p>
<p><strong>मनमोहन सिंह की विरासत और स्मारक पर विवाद का असर</strong></p>
<p>मनमोहन सिंह को उनके कार्यकाल के दौरान आर्थिक सुधारों के लिए याद किया जाता है। उन्होंने उदारीकरण, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और सामाजिक कल्याण योजनाओं के जरिए भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।</p>
<p>उनकी मृत्यु के बाद स्मारक को लेकर हुआ विवाद उनकी विरासत पर चर्चा को नया आयाम देता है। जहां एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक अपमान बता रही है, वहीं भाजपा इसे संवेदनशील विषय पर राजनीति कह रही है।</p>
<p>सरकार की ओर से स्मारक की घोषणा के बावजूद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है। यह विवाद भविष्य में भी सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच टकराव का कारण बन सकता है।</p>
<p>मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और स्मारक को लेकर विवाद ने भारतीय राजनीति के नए आयाम को उजागर किया है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि संवेदनशील मुद्दे भी राजनीतिक बहस में तब्दील हो सकते हैं। मनमोहन सिंह का योगदान उनकी नीतियों और कृतित्व में अमर रहेगा, लेकिन यह विवाद उनकी विरासत को अनावश्यक विवादों में घसीटता हुआ प्रतीत होता है।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/dispute-over-funeral-of-former-prime-minister-manmohan-singh-congress-and-bjp-face-to-face/">पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद: कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>कांग्रेस का पलटवार—आंबेडकर और अदाणी मुद्दे पर सरकार को घेरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Dec 2024 13:47:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 19 दिसंबर। संसद भवन में धक्का-मुक्की के विवाद के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा पलटवार</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/congresss-counter-attack-cornered-the-government-on-ambedkar-and-adani-issue/">कांग्रेस का पलटवार—आंबेडकर और अदाणी मुद्दे पर सरकार को घेरा</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 19 दिसंबर। संसद भवन में धक्का-मुक्की के विवाद के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा पलटवार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा, डॉ. भीमराव आंबेडकर और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला कर रही है।</p>
<p><strong>आंबेडकर पर गृह मंत्री के बयान से शुरू हुआ विवाद</strong></p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने आंबेडकर पर टिप्पणी करते हुए तथ्यात्मक गलतियां कीं। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा,</p>
<p><strong>&#8220;गृह मंत्री ने कल जो बयान दिया, वह तथ्यों से परे था। यह आंबेडकर और नेहरू दोनों का अपमान है। भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। हमारी मांग है कि अमित शाह देश से माफी मांगें और अपने पद से इस्तीफा दें।</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Delhi: On Union HM&#39;s speech in RS during Constitution debate, Rajya Sabha LoP and Congress president Mallikarjun Kharge says, &quot;The statements that the government and especially the Prime Minister and Union Home Minister Amit Shah are making about Dr BR Ambedkar are very… <a href="https://t.co/BRdGhkKjyC">pic.twitter.com/BRdGhkKjyC</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1869703595320631694?ref_src=twsrc%5Etfw">December 19, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>कांग्रेस का कहना है कि भाजपा का रवैया संविधान विरोधी है। खरगे ने कहा,</p>
<p>&#8220;<strong>प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बार-बार संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेकर उनकी विरासत को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। यह बेहद दुखद और चिंताजनक है।&#8221;</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Delhi: Congress president Mallikarjun Kharge says, &quot;&#8230;They (BJP MPs) stopped us at the door and did this to show their muscle power. They forcefully attacked us. I am not in a position to push anyone, but they pushed me. Now they are accusing us that we pushed them&#8230;So… <a href="https://t.co/01rRE3GaGt">pic.twitter.com/01rRE3GaGt</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1869710807266930920?ref_src=twsrc%5Etfw">December 19, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>अदाणी मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा संसद में अदाणी विवाद पर चर्चा से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर आंबेडकर का मुद्दा उठाकर ध्यान भटकाने का प्रयास किया। राहुल गांधी ने कहा</p>
<p>&#8220;<strong>अदाणी के खिलाफ अमेरिका में मामला दर्ज हुआ है। भाजपा इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करने से भाग रही है। यह उनकी पुरानी रणनीति है कि एक मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए दूसरा विवाद खड़ा किया जाए।&#8221;</strong></p>
<p><strong>मकर द्वार पर धक्का-मुक्की का मामला</strong></p>
<p>कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जब वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तब भाजपा सांसदों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। खरगे ने कहा,</p>
<p>&#8220;<strong>हम हर दिन संसद परिसर में प्रदर्शन करते हैं, लेकिन आज हमारे साथ धक्का-मुक्की की गई। भाजपा सांसदों ने मुझे और हमारी महिला सांसदों को धक्का दिया।&#8221;</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Delhi: Congress MP and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, &quot;A few days before the Parliament session, the Adani case came up in America and the BJP tried to stop the discussion on it. The basic strategy of the BJP was that there should be no discussion on the Adani case, it… <a href="https://t.co/4LW2tRX45L">pic.twitter.com/4LW2tRX45L</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1869706416354939023?ref_src=twsrc%5Etfw">December 19, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>राहुल गांधी ने इसे भाजपा का &#8220;तानाशाही रवैया&#8221; करार दिया और कहा कि इस घटना से साबित होता है कि भाजपा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं करती।</p>
<p><strong>देशव्यापी प्रदर्शन की योजना</strong></p>
<p>मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस इस घटना को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा,</p>
<p>&#8220;<strong>यह केवल कांग्रेस पर हमला नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र पर हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और देशभर में भाजपा की नीतियों और उनके झूठ का पर्दाफाश करेंगे।&#8221;</strong></p>
<p><strong>राहुल गांधी ने गृह मंत्री का इस्तीफा मांगा</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने भाजपा पर आंबेडकर के विचारों के खिलाफ होने का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा:</p>
<p>&#8220;<strong>गृह मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने न केवल आंबेडकर का अपमान किया है, बल्कि देश की जनता के साथ भी अन्याय किया है।&#8221;</strong></p>
<p><strong>भाजपा की प्रतिक्रिया: &#8220;अहंकार और झूठ की राजनीति&#8221;</strong></p>
<p>भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे &#8220;अहंकार और झूठ की राजनीति&#8221; बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस केवल अदाणी मामले का बहाना लेकर भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p><strong>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,</strong></p>
<p>&#8220;कांग्रेस का रवैया अराजकता फैलाने वाला है। राहुल गांधी ने जानबूझकर हमारे सांसदों को उकसाया और गुंडागर्दी की। भाजपा इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी।&#8221;</p>
<p><strong>अदाणी और आंबेडकर विवाद: राजनीतिक खेल या वैचारिक संघर्ष?</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि अदाणी और आंबेडकर मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह भारतीय राजनीति में बढ़ती वैचारिक खाई का संकेत भी है।</p>
<p>संसद परिसर में हुई यह घटना भारतीय राजनीति के लिए चिंताजनक है। आंबेडकर और अदाणी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र के लिए घातक है।</p>
<p>आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस विवाद से जुड़े मुद्दों पर कोई समाधान निकलेगा या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।</p>
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		<title>राहुल गांधी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नाटकीय घटनाक्रम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Dec 2024 13:22:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Shivraj]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली 19 दिसंबर। भारतीय राजनीति में एक बार फिर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संसद</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/dramatic-turn-of-events-between-rahul-gandhi-and-bjp/">राहुल गांधी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नाटकीय घटनाक्रम</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 19 दिसंबर। भारतीय राजनीति में एक बार फिर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संसद के भीतर और बाहर हालिया घटनाओं ने न केवल लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा को प्रभावित किया है, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच गहराते वैचारिक और व्यक्तिगत मतभेदों को भी उजागर किया है।</p>
<p><strong>घटना का प्रारंभ</strong></p>
<p>यह विवाद गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी से शुरू हुआ, जिसे कांग्रेस ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के अपमान से जोड़कर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन में विरोध मार्च निकालते हुए गृह मंत्री से माफी और इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे का उपयोग करते हुए उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका में दर्ज मामलों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।</p>
<p><strong>भाजपा का पक्ष: राहुल गांधी पर गुंडागर्दी का आरोप</strong></p>
<p>भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जानबूझकर मकर द्वार पर प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसदों के पास जाकर उकसाने वाले व्यवहार का प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:</p>
<p>&#8220;<strong>राहुल गांधी ने गुंडागर्दी की। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से हमारे सांसदों के साथ हाथापाई की, जिससे प्रताप सारंगी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह व्यवहार सभ्य समाज के लिए अकल्पनीय है।&#8221;</strong></p>
<p>प्रताप सारंगी, जिन्हें इस विवाद के दौरान चोटें आईं, आईसीयू में भर्ती हैं। भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है और इस मुद्दे पर &#8220;उचित कार्रवाई&#8221; की बात कही है।</p>
<p><strong>कांग्रेस का पक्ष: अडानी मुद्दे पर चर्चा से बचने की रणनीति</strong></p>
<p>राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे &#8220;<strong>ध्यान भटकाने की रणनीति&#8221; बताया। राहुल गांधी ने कहा कि यह विवाद अमित शाह के &#8220;संविधान-विरोधी और आंबेडकर-विरोधी&#8221; बयान पर हो रहे विरोध को दबाने के लिए भाजपा का प्रयास है।</strong></p>
<p><strong>&#8220;अडानी और अंबेडकर दोनों मुद्दों पर भाजपा चर्चा से भाग रही है। वे डॉ. आंबेडकर का अपमान कर रहे हैं और नरेंद्र मोदी भारत को अडानी को बेच रहे हैं।&#8221;</strong></p>
<p>कांग्रेस ने भाजपा पर &#8220;संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को दबाने&#8221; का आरोप लगाया और अमित शाह से माफी व इस्तीफे की मांग की।</p>
<p><strong>मकर द्वार पर झड़प और आरोप-प्रत्यारोप</strong></p>
<p>मकर द्वार पर हुई झड़प के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के सांसदों ने एक-दूसरे पर हिंसा का आरोप लगाया। भाजपा ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जानबूझकर भाजपा सांसदों को उकसाया और धक्का-मुक्की की। इसके विपरीत, कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सांसदों ने डंडे लेकर उनका रास्ता रोका और उन्हें संसद में प्रवेश करने से रोका।</p>
<p><strong>विवाद के निहितार्थ और राजनीतिक रणनीतियां</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा अडानी के खिलाफ अमेरिका में दर्ज मामलों पर चर्चा से बचने के लिए आंबेडकर के नाम पर नया विवाद खड़ा कर रही है।</p>
<p>&#8220;वे (भाजपा) अंबेडकर जी की यादों और योगदान को मिटाना चाहते हैं। यह उनका असली उद्देश्य है।&#8221;</p>
<p>अडानी मामले पर चर्चा से बचना और आंबेडकर के नाम पर भावनाओं को भड़काना, दोनों ही मुद्दों ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है।</p>
<p><strong>भाजपा की रणनीति और कांग्रेस की जवाबी कार्रवाई</strong></p>
<p>भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को &#8220;अहंकारी&#8221; और &#8220;झूठा&#8221; करार दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस केवल अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस प्रकार के हंगामे कर रही है।</p>
<p>&#8220;राहुल गांधी का व्यवहार उनके अहंकार को दर्शाता है। वे माफी मांगने के बजाय झूठे आरोप लगा रहे हैं।&#8221;</p>
<p>दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे भाजपा की &#8220;तानाशाही सोच&#8221; का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।</p>
<p><strong>राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव</strong></p>
<p>इस घटना ने भाजपा और कांग्रेस के बीच की वैचारिक खाई को और गहरा कर दिया है। यह विवाद आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। भाजपा जहां इस घटना को कांग्रेस की &#8220;अराजकता और असभ्यता&#8221; के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की &#8220;अडानी को बचाने और संविधान पर हमला करने&#8221; की रणनीति के रूप में प्रचारित कर रही है।</p>
<p><strong>जनता और मीडिया की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>मीडिया और जनता ने इस विवाद पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ इसे भारतीय राजनीति का &#8220;नया निम्न स्तर&#8221; कह रहे हैं, तो कुछ इसे वैचारिक संघर्ष के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस जारी है।</p>
<p>संसद भवन में हुई इस अप्रिय घटना ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को झकझोर दिया है। अडानी मामले से लेकर आंबेडकर की विरासत तक, यह विवाद कई जटिल मुद्दों को उजागर करता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ता यह टकराव भारतीय राजनीति के भविष्य के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p>आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस विवाद से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी, या यह केवल आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बनकर रह जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/dramatic-turn-of-events-between-rahul-gandhi-and-bjp/">राहुल गांधी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नाटकीय घटनाक्रम</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में तुष्टीकरण की होड़: डॉ. दिनेश शर्मा</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/samajwadi-party-and-congress-are-competing-for-appeasement-dr-dinesh-sharma/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2024 14:51:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Dr dinesh sharma]]></category>
		<category><![CDATA[pmo india]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 3 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी (सपा)</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/samajwadi-party-and-congress-are-competing-for-appeasement-dr-dinesh-sharma/">समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में तुष्टीकरण की होड़: डॉ. दिनेश शर्मा</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 3 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दोनों दल तुष्टीकरण की राजनीति में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हुए हैं। उन्होंने इन दोनों दलों पर अल्पसंख्यकों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि तुष्टीकरण के खेल में दोनों दल समाज को अशांत करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>डॉ. शर्मा ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे एक पत्रकार ने सपा के आरोपों के बारे में पूछा। सपा ने पुलिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम करने का आरोप लगाया था और कहा था कि यह मुद्दा सदन में उठाया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि सपा का यह पुराना तरीका है। उन्होंने कहा, “संभल में धारा 144 लागू है। इसके बावजूद सपा वहां जाने का नाटक कर रही है। कांग्रेस भी यही कर रही है। यह एक राजनीतिक ड्रामा है, ताकि टीवी और अखबारों में उनकी चर्चा बनी रहे। ये दल केवल समाज में अशांति फैलाना चाहते हैं।&#8221;</p>
<p>डॉ. शर्मा ने कहा कि संभल अब शांत है और वहां कोई नई घटना नहीं हुई है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि हालिया उपचुनावों में मिली करारी हार के बाद वे संभल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा, &#8220;संभल तो संभल गया, लेकिन उपचुनावों में करारी हार के बाद विरोधी दल अब तक संभल नहीं पाए हैं। यह सारा नाटक इसी हताशा का परिणाम है।&#8221;</p>
<p>सपा और कांग्रेस के बीच मतभेद पर उन्होंने कहा कि ये अब छिपे नहीं हैं। सपा अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक को कांग्रेस में जाने से रोकने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस सपा के वोट बैंक पर सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक क्षेत्रीय पार्टी से भी छोटी बनकर रह गई है। उसके पास न तो स्पष्ट एजेंडा है और न ही जनाधार। अब वह सपा के अल्पसंख्यक मतों पर डाका डालने की कोशिश कर रही है।&#8221;</p>
<p>डॉ. शर्मा ने सपा और कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सभी नागरिकों को समान रूप से अधिकार दिए हैं, इसलिए अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा की ओर आकर्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर और कुंदरकी जैसे क्षेत्रों में, जहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है, लोगों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया और भाजपा ने वहां की सीटें जीतीं। इससे यह साफ हो गया है कि सपा और कांग्रेस को अल्पसंख्यकों के हितों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, &#8220;ये दल केवल वोट बैंक के लालच में अल्पसंख्यकों का उपयोग करते हैं। चाहे झूठे भ्रम फैलाना हो या दंगे कराना, वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।&#8221;</p>
<p>संभल की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहां किसी भी दल को जाने की अनुमति नहीं है और यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग गठित किया है, जो इस मामले की जांच कर रहा है। आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।</p>
<p>डॉ. शर्मा ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भाजपा पर आरोप लगाने के अलावा कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि वे भाजपा से हारे हैं। उन्होंने कहा, &#8220;अखिलेश यादव कुंदरकी जैसी सीटों पर भी हार गए, जहां अल्पसंख्यक मतदाता 65 प्रतिशत हैं। वे कांग्रेस या बसपा पर आरोप नहीं लगाएंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि इन दलों पर आरोप लगाने से कोई फायदा नहीं है। लेकिन भाजपा पर आरोप लगाकर वे चर्चा में बने रह सकते हैं।&#8221;</p>
<p>बांग्लादेश की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि वहां अराजकता का माहौल है। बांग्लादेश कट्टरपंथियों, तालिबानियों और पाकिस्तानियों के चंगुल में फंस गया है। उन्होंने कहा कि वहां इस्कॉन के शांतिप्रिय लोगों और अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने बांग्लादेश में हो रहे अत्याचार पर एक शब्द भी नहीं कहा।</p>
<p>डॉ. शर्मा ने कहा, &#8220;कांग्रेस और सपा अफगानिस्तान, फिलिस्तीन, बेरूत और लेबनान की बात तो कर सकते हैं, लेकिन बांग्लादेश के हिंदुओं की बात नहीं कर सकते, क्योंकि वहां अल्पसंख्यक हिंदू उनका वोट बैंक नहीं हैं। यही कारण है कि सपा, बसपा, कांग्रेस और वाम दल अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।&#8221;</p>
<p>डॉ. शर्मा ने अंत में कहा कि सपा और कांग्रेस के पास अब मुद्दों की कमी हो गई है। यही कारण है कि वे झूठे आरोप लगाकर और तुष्टीकरण की राजनीति करके चर्चा में बने रहना चाहते हैं। लेकिन जनता इनकी चालों को समझ चुकी है और भाजपा की नीतियों में भरोसा जता रही है।</p>
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		<title>देश के विकास के लिए एकजुटता और सहयोग पर जोर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Oct 2024 15:55:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
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		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>चंडीगढ 17 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>चंडीगढ 17 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने देश के समग्र विकास, आर्थिक सुधारों, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति, और राज्यों के बीच आपसी सहयोग पर गहन चर्चा की। इस सम्मेलन में एनडीए से जुड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया और देश के विकास की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एनडीए सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया और आने वाले वर्षों में देश के समग्र विकास के लिए रोडमैप पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनडीए सरकार ने देश की विकास यात्रा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कड़ी मेहनत जारी रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि विकास की इस यात्रा में पूरे देश को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि देश का प्रत्येक नागरिक इस परिवर्तन का हिस्सा बन सके।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-613 size-full" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1046" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-300x123.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-1024x418.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/10/6959938-1-768x314.jpg 768w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>एनडीए सरकार की उपलब्धियां, एक दृष्टिकोण</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने, और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, एनडीए सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर जो सुधार किए हैं, वे देश को एक नई दिशा में ले जा रहे हैं। हमने जीडीपी को स्थिर किया है, महंगाई को नियंत्रित किया है, और वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने में सरकार ने लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि जब एनडीए ने सत्ता संभाली थी, तब देश की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन सरकार की कड़ी मेहनत और समर्पण से आज भारत आर्थिक स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने विभिन्न आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश की विकास दर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”</p>
<p><strong>इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: भविष्य की तैयारी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किए गए कामों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने देशभर में सड़कों, रेल नेटवर्क, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य में भी इसी तरह की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि देश की बुनियादी ढांचे की जरूरतें पूरी हो सकें और भारत वैश्विक मंच पर और भी अधिक सशक्त बन सके।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयारी करनी है। हम एक ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाले दशकों तक देश की जरूरतों को पूरा करेगा। सड़कें, रेल नेटवर्क और हवाई अड्डे न केवल आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये हमारे नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाते हैं। हमने बीते वर्षों में हाईवे निर्माण की गति को दोगुना किया है, जिससे देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंच सके।”</p>
<p><strong>शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार: समावेशी विकास की दिशा में</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा और स्वास्थ्य को देश के विकास का आधार बताते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र तभी बन सकता है जब उसके नागरिक शिक्षित और स्वस्थ हों। मोदी ने कहा, “हमने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए अनेक पहल की हैं, जिसमें नई शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन शामिल है। यह नीति भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और इसमें विद्यार्थियों को उनके रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने की आजादी दी गई है।”</p>
<p>स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाखों गरीब नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है और यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में सफल रही है। “स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने अनेक पहल की हैं, जिनमें आयुष्मान भारत योजना एक मील का पत्थर है। हमने सुनिश्चित किया है कि गरीब से गरीब नागरिक को भी उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। हमारे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और भी बेहतर हो सके।”</p>
<p><strong>संसाधनों का सही उपयोग: विकास की कुंजी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए संसाधनों का सही तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और मानव संसाधनों का उचित प्रबंधन और वितरण ही देश को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे पास सीमित संसाधन हैं, लेकिन यदि हम उनका सही तरीके से उपयोग करें तो हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे संसाधनों का दुरुपयोग न हो और उनका समुचित उपयोग हो।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने जल, ऊर्जा और कृषि संसाधनों के सतत उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से इन क्षेत्रों में कई सुधार किए हैं, ताकि भविष्य में संसाधनों की कमी न हो और देश की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने जल और ऊर्जा के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जैसे ‘जल जीवन मिशन’ और ‘ऊर्जा सुरक्षा योजना’। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे देश की आने वाली पीढ़ियों को भी इन संसाधनों का लाभ मिल सके।</p>
<p><strong>सहयोग और एकजुटता की अपील: देश के विकास के लिए सामूहिक प्रयास</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन में मौजूद मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे अपने-अपने राज्यों के विकास के साथ-साथ देश के विकास के लिए भी एकजुट होकर काम करें। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र सरकार के बीच सहयोग और तालमेल ही देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए हर राज्य का समान रूप से योगदान जरूरी है। हमें अपने मतभेदों को भुलाकर देश के विकास के लिए काम करना होगा। हमारी सरकार का उद्देश्य केवल कुछ क्षेत्रों का विकास नहीं है, बल्कि पूरे देश का विकास करना है। इसके लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना होगा। यदि हम मिलकर काम करें, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।</p>
<p><strong>सम्मेलन में लिए गए प्रमुख निर्णय और मुख्यमंत्रियों के सुझाव</strong></p>
<p>इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच आपसी तालमेल और सहयोग को बढ़ावा देना था, ताकि देश के समग्र विकास में तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्रियों ने अपने क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी और भविष्य में किए जाने वाले सुधारों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार से कुछ विशेष परियोजनाओं और नीतियों पर सहयोग की मांग की। सम्मेलन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, औद्योगिक विकास, और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।</p>
<p><strong>सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार का विज़न केवल वर्तमान की समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत नींव तैयार करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की युवा पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और रोजगार के साधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करना है। हम देश के विकास की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और भविष्य में भी इसे जारी रखेंगे।</p>
<p><strong>एक नए भारत की दिशा में</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के विकास के लिए केंद्र और राज्यों के बीच आपसी सहयोग और तालमेल अत्यंत आवश्यक है।</p>
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		<title>सुप्रीम कोर्ट के कोटा विद इन कोटा के फैसले ने क्या खोला जातीय जनगणना का रास्ता?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Aug 2024 09:52:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ का फैसला भारत के अलग-अलग राजनीतिक दलों के लिए</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ का फैसला भारत के अलग-अलग राजनीतिक दलों के लिए एक कैच 22 की स्थिति पैदा कर दिया है भारतीय जनता पार्टी की सरकार की तरफ से संविधान पीठ के सामने एससी एसटी के अंदर उप वर्गीकरण का सुझाव दिया गया था संविधान पीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में एससी-एसटी के अंदर कोटा विद इन कोटा या हम कहें कि क्रीमी लेयर का फार्मूला लागू करने का सुझाव दिया है संविधान पीठ ने साफ कर दिया है कि आजादी के इतने साल बाद भी एससी एसटी जातियों में अभी भी छुआछूत बरकरार है और एससी एसटी वर्ग के अंदर तमाम ऐसी जातियां हैं जो उसी वर्ग के दूसरी जातियों के साथ में छुआछूत में विश्वास रखती है भेदभाव करती है इसलिए जो जातियां अती दलित है अति कमजोरी है उनको वरीयता दी जानी चाहिए और उनका एक वर्गीकरण करके आरक्षण की सुविधा सबसे पहले उनको दी जानी चाहिए सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले का तमिलनाडु, तेलंगाना राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्वागत किया है लेकिन बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस फैसले का विरोध किया है उनका कहना है कि एससी एसटी वर्ग में अभी भी सामाजिक आर्थिक पिछलापन ज्यादा है इसलिए कोटा विद इन कोटा व्यवस्था लागू नहीं किया जाना चाहिए उनका कहना है कि संविधान पीठ का फैसला व्यावहारिक नहीं है अब मायावती के अपने तर्क हो सकते हैं उनके अपने पॉलिटिकल कंपल्शन हो सकते हैं इसी तरह के पॉलिटिकल कंपल्शन बाकी राजनीतिक दलों का भी हो सकता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार की तरफ से और सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की तरफ वर्गीकरण का फैसला आ गया है और सरकार ने भी कहा है की सुप्रीम कोर्ट के फैसले को माननें में उनको कोई एतराज नहीं है लेकिन अब देखना है की किस तरह से ये फैसला लागू होगा।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राज्यों को अधिकार दिया है कि वह अपने-अपने राज्यों में सामाजिक स्थिति का आकलन करके कास्ट और सब कास्ट के एक रिपोर्ट तैयार करें और उस आधार पर अपने अपने राज्यों में एससी एसटी के अंदर कोटा विद इन कोटा लागू करें हम सब जानते हैं कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने कई साल पहले महादलित और अति पिछड़ों को लेकर एक वर्गीकरण किया था और उस आधार पर बिहार में आरक्षण की व्यवस्था की थी कहा जाता है नीतीश कुमार का यही ट्रंप कार्ड था जिसके चलते हुए लगातार बिहार के राजनीतिक में रेलीवेंट बने हुए हैं और जब-जब चुनाव होता है तो उनको दलित समाज का अति पिछड़ा या अति गरीब कहिए या महा दलित कहिए नितेश कुमार को वोट देता है और पिछड़ों में भी जो अति पिछड़ा है वह नीतीश कुमार को वोट देता है भारत में कोटा विद इन कोटा लागू करने की शुरुआत 1975 में पंजाब की सरकार ने किया था और उसके देखा देखी आंध्र प्रदेश की सरकार ने भी लागू करने की कोशिश की थी लेकिन इन दोनों राज्य सरकारों के उसे निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने 2004 में पांच जज की पीठ ने पंजाब और आंध्र प्रदेश सरकार के उसे कोटा विद इन कोटा या वर्गीकरण करने संबंधी फैसले को खारिज कर दिया था और इस तरह से जो पुरानी व्यवस्था थी एससी एसटी पूरे समुदाय को आरक्षण देने की वह अभी तक चली आ रही थी उसके बाद प्रकरण संविधान पीठ के सामने गया और संविधान पीठ ने कई वर्षों तक सुनवाई करने के बाद 1 अगस्त को अपना फैसला सुनाया है सात जजों की संविधान पीठ में से 6 न्यायाधीशों ने कोटा विद इन कोटा या हम कहें क्रीमी लेयर जातियों के वर्गीकरण और उप वर्गीकरण का फैसला सुनाया है और साथ जज में से एक जज जस्टिस वेला त्रिवेदी ने मेजोरिटी फैसले के खिलाफ अपने राय जाहिर की भारत के मुख्य न्यायाधीश डिवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में गठित इस संविधान पीठ ने अपने फैसले में 1917 और 1932 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान एससी-एसटी को लेकर कराए गए सर्वे और उन सर्वे रिपोर्ट्स का हवाला दिया डिवाई चंद्रचूड़ ने अपने विस्तृत फैसले में लिखा है कि ब्रिटिश टाइम में भी जो रिपोर्ट पेश हुई थी उसमें एससी एसटी के अंदर छुआ छुआ और जातियों के अंदर भेदभाव की पुष्टि की गई तो 1917 और 1932 की दो रिपोर्ट और उसके बाद के जितने भी विभिन्न डाटा आज अवेलेबल है उसके आधार पर संविधान पीठ ने फैसला सुनाया है कि क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए जातियों के अंदर वर्गीकरण की व्यवस्था लागू होनी चाहिए और एससी-एसटी के अंदर जो सबसे ज्यादा कमजोर है जो पिछड़े हैं उनको आरक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए संविधान पीठ के एक जज ने तो यह भी सुझाव दिया है कि एक बार जिस परिवार को आरक्षण की सुविधा मिल गई हो उसको दोबारा इसकी सुविधा नहीं मिलनी चाहिए अब इस तरह का फैसला आने के बाद जो आरक्षण विरोधी तत्व रहे हैं जो शुरू से आरक्षण का विरोध करते रहे हैं जातीय आधार पर उनको एक नया तर्क मिल गया है अपनी बात और मजबूती से रखने के लिए और जब ओबीसी के अंदर क्रीमी लेयर का फार्मूला लागू करने का जजमेंट आया था तब भी और अब एससी एसटी के अंदर जब क्रीमी लेयर और वर्गीकरण के फैसले को लागू करने का सुझाव आया है तब भी ऐसी ताकत है जो आरक्षण का विरोध करती है उनको एक नई एनर्जी मिली है एक नई ऊर्जा मिली है समाज के अंदर अपनी बात करने के लिए। लेकिन अगर संविधान पीठ के फैसले पर गंभीरता से स्टडी किया जाए उसे पर विचार किया जाए तो एक बात सबसे जो महत्वपूर्ण निकलकर आ रही है कि संविधान पीठ ने कहा है कि पता लगाइए जनगणना कराकर एससी एसटी के अंदर एक वर्गीकरण किया जाना चाहिए भारत सरकार पिछले कई वर्षों से जातीय जनगणना को टाल रही है पहले कोविड का सहारा लेकर जनगणना को टाल दिया गया था और अब जब गैर भाजपा सभी पार्टियां जाति आधार पर जनगणना की मांग कर रही है राहुल गांधी अखिलेश यादव तेजस्वी यादव सहित इंडिया एलायंस के ज्यादातर घटक दलों की तरफ से जातीय जनगणना को लेकर चुनाव में भी मुद्दा बनाया गया था और चुनाव परिणाम आने के बाद भी संसद के अंदर और बाहर मुद्दा बनाने की बात की जा रही है तो अब सरकार ऐसी स्थिति में क्या फैसला लेती है यह देखने की बात है क्योंकि भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित संविधान पीठ का फैसला अगर सरकार लागू करना चाहेगी तो उसे स्थिति में उसको सभी कमजोर वर्गों को पता लगाने के लिए एक सर्वे करना पड़ेगा एक जनगणना करना पड़ेगा और वह जनगणना तभी हो सकता है जब जातीय जनगणना पूरे देश में कराई जाए जिसकी मांग इंडिया एलायंस के सभी दल कर रहे हैं तो अब देखना है कि पहली बात यह की संविधान पीठ के इस फैसले का देश के कौन-कौन से राजनीतिक दल खुले तौर पर सपोर्ट कर रहे हैं कौन-कौन से राजनीतिक दल इसमें अपनी अलग राय रखता है और दूसरा अगर सरकार जिस तरह से कोर्ट के अंदर उप वर्गीकरण का वकालत कर चुकी है अगर इस स्टैंड पर कायम रहती है तो फिर उसकी जातिय जनगणना के दिशा में पहल करनी पड़ेगी और अगर वह जाति जनगणना की दिशा में पहल करती है तो राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव का जो पॉलीटिकल स्टैंड है कि वह जाति जनगणना को इसी संसद में पारित कराने की कोशिश करेंगे उनके इस दावे को बल मिलेगा और उसका पॉलीटिकल माइलेज इंडिया एलायंस की पार्टियां लेने की कोशिश करेंगी।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/did-the-supreme-courts-decision-on-quota-with-these-quotas-open-the-way-for-caste-census/">सुप्रीम कोर्ट के कोटा विद इन कोटा के फैसले ने क्या खोला जातीय जनगणना का रास्ता?</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>संसद के अंदर अनुराग ठाकुर का बयान उनकी सोच को दर्शाता है &#8211; इंडिया गठबंधन</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/anurag-thakurs-statement-inside-parliament-reflects-his-thinking-india-coalition/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Jul 2024 10:40:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एक बार फिर से विवादों में है। दिल्ली विधानसभा</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/anurag-thakurs-statement-inside-parliament-reflects-his-thinking-india-coalition/">संसद के अंदर अनुराग ठाकुर का बयान उनकी सोच को दर्शाता है &#8211; इंडिया गठबंधन</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एक बार फिर से विवादों में है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में आयोजित एक पॉलीटिकल रैली में देश के गद्दारों को गोली मारो कहकर पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थी और अब इस बार 30 जुलाई को संसद के अंदर जातीय जनगणना की मांग करने वाले नेताओं की जाति पूछ कर उन्होंने एक बार फिर हैडलाइन बना दिया है खास बात यह है की अनुराग ठाकुर के संसद में दिए गए इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया। सवाल उठता है की संसद के अंदर नेता प्रतिपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेताओं को नियमावली और संसद की मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाले बीजेपी के नेता खुद बोलते समय संसद की मर्यादा और उसकी परंपरा का कितना ध्यान रखते हैं अनुराग ठाकुर के इस हालिया बयान से जाहिर हो गया। हंगामा होने पर अनुराग ठाकुर ने संसद के अंदर ही सफाई देते हुए कहा कि हमने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है लेकिन उनका इशारा बिल्कुल साफ था और वह संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को देखकर ही बोल रहे थे राहुल गांधी ने तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक बार फिर जातीय जनगणना को लेकर अपने दल और इंडिया गठबंधन की प्रतिबद्धता को दोहराया, उनका कहना था कि एनडीए और बीजेपी के नेता उनको चाहे जितना अपमानित करें लेकिन वह जातीय जनगणना के सवाल को कभी नहीं छोड़ेंगे और संसद में जनगणना करने संबंधी कानून बनवाकर ही दम लेंगे।<br />
राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव खुलकर सामने आ गए और उन्होंने अनुराग ठाकुर को अपना बयान फिर से दोहराने की चुनौती दे डाली अखिलेश यादव सहित इंडिया गठबंधन के नेताओं के तीखे तेवर को देखते हुए पूरे देश में एक नया राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया और जाति जनगणना के समर्थक नेताओं और दलों का दावा है कि वह आने वाले समय में जाति जनगणना करवा कर ही दम लेंगे इंडिया गठबंधन की पार्टियां बीजेपी को पिछड़ा वर्ग विरोधी साबित करने में जुटी हुई हैं उनका कहना है की अनुराग ठाकुर का बयान उनकी पॉलिटिकल ग्रूमिंग और उनकी सोच को दर्शाता है। अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव सहित तमाम नेताओं ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर के द्वारा दिए गए बयान की तीखी आलोचना की। 31 जुलाई को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में भी अनुराग ठाकुर के बयान की निंदा की आज सदन के कार्रवाई शुरू होते ही एक बार फिर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के लिए अनुराग ठाकुर और बीजेपी के खिलाफ हंगामा हुआ और सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा अब देखना है कि भारतीय जनता पार्टी और इंडिया गठबंधन की तरफ से बनाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी मुद्दे को काउंटर करने के लिए क्या रणनीति बनाती है लेकिन शुरुआती दौर में अनुराग ठाकुर के बयान ने इंडिया गठबंधन के नेताओं के बीच में मजबूत एकता बनाने में मदद की। कांग्रेस पार्टी की तरफ से अनुराग ठाकुर के जवाब में राहुल गांधी की जाति बताते हुए दावा किया कि गांधी परिवार की जाति शहादत है गांधी परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए कुर्बानियां दी है और वही कुर्बानी गांधी परिवार की जाति है कांग्रेस पार्टी ऐसा लगता है कि इस मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के साथियों के साथ जल्दी ही एक देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। अनुराग ठाकुर पिछली सरकार में मंत्री थे लेकिन इस बार उनको मंत्री मंडल में जगह नहीं मिली है अखिलेश यादव का आरोप है कि अनुराग ठाकुर फिर से मंत्री बनने के लिए बीजेपी आला कमान को खुश करने में लगे हैं इसलिए वे सदन के अंदर और सदन के बाहर विवादित बयानबाजी करके पार्टी आला कमान का भरोसा हासिल करना चाहते हैं राजनीतिक तौर पर भले ही अनुराग ठाकुर और बीजेपी इस तरह का बयान देकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर हावी होने की कोशिश किए हो लेकिन संसद की मर्यादा के मध्य किसी भी सदस्य के द्वारा दिया गया इस तरह का बयान किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता है।</p>
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