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	<title>महाराष्ट्र Archives - Samvaad India</title>
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	<lastBuildDate>Mon, 23 Mar 2026 11:10:09 +0000</lastBuildDate>
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		<title>मुंबई में रेल परियोजना पर सियासत तेज—वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में उठाया विस्थापन का मुद्दा, पुनर्वास नीति पर सरकार से मांगा जवाब</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/politics-heats-up-over-mumbai-rail-project-varsha-gaikwad-raises-displacement-issue-in-lok-sabha-seeks-governments-response-on-rehabilitation-policy/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 11:08:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[Politics Heats Up Over Mumbai Rail Project—Varsha Gaikwad Raises Displacement Issue in Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Seeks Government's Response on Rehabilitation Policy]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली/मुंबई 23 मार्च। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रस्तावित रेल परियोजना को लेकर हजारों परिवारों के</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/politics-heats-up-over-mumbai-rail-project-varsha-gaikwad-raises-displacement-issue-in-lok-sabha-seeks-governments-response-on-rehabilitation-policy/">मुंबई में रेल परियोजना पर सियासत तेज—वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में उठाया विस्थापन का मुद्दा, पुनर्वास नीति पर सरकार से मांगा जवाब</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली/मुंबई 23 मार्च। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रस्तावित रेल परियोजना को लेकर हजारों परिवारों के संभावित विस्थापन का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ ने इस गंभीर विषय पर चर्चा के लिए नोटिस देते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि कुर्ला से ट्रॉम्बे तक बनाई जा रही रेलवे लाइन के कारण हजारों परिवारों के सामने अपने घरों से बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भय, असमंजस और असुरक्षा का माहौल है।<br />
वर्षा गायकवाड़ ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि यह मामला केवल अवैध निर्माण या झुग्गियों का नहीं है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है, जिनके लिए ये घर ही उनका सब कुछ हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ झोपड़ियां नहीं हैं, बल्कि वहां लोगों के परिवार, उनके बच्चों का भविष्य और उनकी वर्षों की मेहनत की कमाई जुड़ी हुई है। ऐसे में सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए या तो इन घरों को बचाने का प्रयास करना चाहिए या फिर उचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।”<br />
<strong>परियोजना और विस्थापन का संकट</strong><br />
मुंबई महानगर क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कुर्ला से ट्रॉम्बे तक नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह परियोजना शहर के पूर्वी हिस्सों में यातायात दबाव को कम करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लेकिन इस परियोजना की जद में आने वाले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झुग्गी-झोपड़ियां और छोटे मकान स्थित हैं, जहां वर्षों से हजारों परिवार निवास कर रहे हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">आज मुंबई में कुर्ला से ट्रॉम्बे तक रेलवे लाइन बनाई जा रही है। </p>
<p>इस कारण हजारों परिवारों को नोटिस दिया गया है, जिसमें घर तोड़ने की बात कही गई है। इन नोटिसों को लेकर स्थानीय निवासियों में भय और असमंजस का माहौल है।</p>
<p>मेरा सरकार से अनुरोध है:</p>
<p>•  यह सिर्फ झोपड़ियां नहीं है। वहां… <a href="https://t.co/9uoJ4YREp7">pic.twitter.com/9uoJ4YREp7</a></p>
<p>&mdash; Congress (@INCIndia) <a href="https://twitter.com/INCIndia/status/2036001432055517368?ref_src=twsrc%5Etfw">March 23, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><br />
स्थानीय प्रशासन द्वारा इन परिवारों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें उन्हें अपने घर खाली करने और तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इन नोटिसों के बाद से प्रभावित क्षेत्रों में चिंता और डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि वे आगे कहां जाएंगे।<br />
<strong>“नोटिस नहीं, समाधान चाहिए”</strong><br />
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि केवल नोटिस जारी कर देना किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बिना ठोस पुनर्वास योजना के लोगों को बेघर करना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह उनके मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।<br />
उन्होंने कहा, “सरकार को यह समझना होगा कि शहर के विकास की कीमत गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को अपने घर खोकर नहीं चुकानी चाहिए। अगर विकास करना है, तो उसमें मानवीय संवेदनाएं भी शामिल होनी चाहिए।”<br />
<strong>मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात</strong><br />
गायकवाड़ ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर संबंधित मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कराया जाए और प्रत्येक परिवार के लिए पुनर्वास की ठोस योजना बनाई जाए।<br />
उन्होंने कहा, “मैंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक सर्वे पूरा नहीं हो जाता और पुनर्वास की व्यवस्था तय नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।”<br />
<strong>पुनर्वास नीति का अभाव</strong><br />
वर्षा गायकवाड़ ने अपने बयान में एक व्यापक मुद्दा भी उठाया—मुंबई में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए स्पष्ट और प्रभावी पुनर्वास नीति का अभाव। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल इस एक परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में फैली हुई है।<br />
“मुंबई में लाखों लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी नीति नहीं है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए और एक ऐसी नीति बनानी चाहिए, जो इन लोगों को सम्मानजनक जीवन दे सके,” उन्होंने कहा।<br />
<strong>स्थानीय निवासियों की पीड़ा</strong><br />
प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन जगहों पर रह रहे हैं और उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी यहीं बिता दी है। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से अपने घर बनाए हैं और अब अचानक उन्हें खाली करने का नोटिस मिल गया है।<br />
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम यहां 20-25 साल से रह रहे हैं। हमारे बच्चे यहीं बड़े हुए हैं, यहीं स्कूल जाते हैं। अगर हमारा घर टूट गया तो हम कहां जाएंगे? सरकार हमें रहने के लिए कोई जगह दे, तभी हम यहां से हटेंगे।”<br />
महिलाओं ने भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि घर टूटने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को होगी। “हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि हम कहीं और घर ले सकें। अगर सरकार हमें कहीं बसाएगी नहीं, तो हम सड़कों पर आ जाएंगे,”<br />
<strong>विकास बनाम विस्थापन</strong><br />
यह मुद्दा एक बार फिर उस पुरानी बहस को सामने लाता है—विकास बनाम विस्थापन। जहां एक ओर सरकार शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नई परियोजनाएं शुरू कर रही है, वहीं दूसरी ओर इन परियोजनाओं की कीमत गरीब और कमजोर वर्ग को चुकानी पड़ रही है।<br />
विशेषज्ञों का मानना है कि विकास परियोजनाओं को लागू करते समय सामाजिक प्रभावों का आकलन करना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते पुनर्वास और पुनर्स्थापन की योजना नहीं बनाई जाती, तो इससे बड़े सामाजिक और मानवीय संकट पैदा हो सकते हैं।<br />
<strong>सरकार का पक्ष</strong><br />
हालांकि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार परियोजना को जनहित में आवश्यक बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे लाइन बनने से लाखों लोगों को फायदा होगा और शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।<br />
सरकार के कुछ प्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं और किसी को भी बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर नहीं किया जाएगा। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि यह दावे जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं।<br />
<strong>संसद में बहस की संभावना</strong><br />
वर्षा गायकवाड़ द्वारा दिए गए नोटिस के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा हो सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विकास एजेंडे को सामने रखकर इसका बचाव कर सकती है।<br />
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अन्य शहरों में भी इसी तरह के मामलों को लेकर बहस को हवा दे सकता है।<br />
<strong>समाधान की राह</strong><br />
विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस तरह के मामलों में सरकार को तीन स्तरों पर काम करना चाहिए—पहला, प्रभावित लोगों की सही पहचान और सर्वे; दूसरा, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था; और तीसरा, पुनर्वास के बाद उनके रोजगार और आजीविका के साधनों को सुरक्षित करना।<br />
इसके अलावा, दीर्घकालिक दृष्टि से शहरी गरीबों के लिए सस्ती और सुलभ आवास नीति बनाना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं न उत्पन्न हों।<br />
मुंबई में कुर्ला-ट्रॉम्बे रेल परियोजना के कारण उत्पन्न विस्थापन का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाकर न केवल प्रभावित परिवारों की आवाज बुलंद की है, बल्कि सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल भी खड़ा किया है—क्या विकास की कीमत गरीबों के घर उजाड़कर चुकाई जाएगी, या फिर एक ऐसा रास्ता निकाला जाएगा जिसमें विकास और मानवीय संवेदनाएं दोनों साथ चल सकें?<br />
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या प्रभावित परिवारों को राहत मिल पाती है या नहीं। फिलहाल, हजारों परिवार अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता और चिंता के बीच जी रहे हैं, और उनकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।</p>
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		<title>मायावती ने जताई महाराष्ट्र की घटना पर चिंता, घटना को बताया शर्मनाक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Dec 2024 03:48:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Bsp]]></category>
		<category><![CDATA[called it shameful]]></category>
		<category><![CDATA[Mayawati]]></category>
		<category><![CDATA[Mayawati expressed concern over the incident in Maharashtra]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ 12 दिसंबर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने महाराष्ट्र के परभणी जिले में घटित एक</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/mayawati-expressed-concern-over-the-incident-in-maharashtra-called-it-shameful/">मायावती ने जताई महाराष्ट्र की घटना पर चिंता, घटना को बताया शर्मनाक</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 12 दिसंबर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने महाराष्ट्र के परभणी जिले में घटित एक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह घटना डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और भारतीय संविधान के अपमान से संबंधित है। मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;एक्स&#8217; पर एक पोस्ट के माध्यम से इस घटना को &#8220;अति-निंदनीय और शर्मनाक&#8221; करार दिया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">1. महाराष्ट्र राज्य के परभणी में स्थित भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा एवं संविधान का किया गया अपमान अति-निन्दनीय व शर्मनाक। इस घटना से पार्टी काफी दुःखी व चिन्तित भी है।<br />(1/2)</p>
<p>&mdash; Mayawati (@Mayawati) <a href="https://twitter.com/Mayawati/status/1867028995856081352?ref_src=twsrc%5Etfw">December 12, 2024</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>उन्होंने लिखा कि इस कृत्य ने संविधान निर्माता और भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति समाज में गहरी असंवेदनशीलता और जातिवादी मानसिकता को उजागर किया है। बसपा प्रमुख ने घटना को लेकर अपनी पार्टी की गहरी चिंता और दुःख व्यक्त किया। उन्होंने इसे न केवल बाबा साहेब का बल्कि पूरे संविधान और उस विचारधारा का अपमान बताया, जिसने भारत को सामाजिक समानता और न्याय का आदर्श दिया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-816 aligncenter" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_085756_WhatsApp-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1768" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_085756_WhatsApp-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot_20241212_085756_WhatsApp-300x207.jpg 300w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>मायावती ने अपने संदेश में महाराष्ट्र की सरकार से मांग की कि वह इस मामले में जातिवादी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्य में हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने इस घटना को भारतीय समाज की सामाजिक एकता के लिए बड़ा खतरा बताया।</p>
<p>बसपा सुप्रीमो ने अपनी अपील में सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हिंसा और अशांति किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि न्याय के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाना सबसे सही रास्ता है।</p>
<p><strong>घटना का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव</strong></p>
<p>डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और संविधान का अपमान केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज में मौजूद जातिवादी मानसिकता का प्रमाण है। परभणी की इस घटना ने न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर रोष उत्पन्न किया है। मायावती जैसी प्रमुख दलित नेता के बयान ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक धार दी है।</p>
<p>महाराष्ट्र में दलित समुदाय के लोग इस घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और अंबेडकरवादी समूहों ने भी इस घटना की निंदा की है और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती की प्रतिक्रिया इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति में और जोरदार ढंग से उठाएगी। बसपा प्रमुख का बयान दलित समुदाय के समर्थन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>घटना के बाद महाराष्ट्र की सरकार पर दबाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।</p>
<p>इस घटना ने यह भी दिखाया है कि भारतीय समाज को सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में अभी भी लंबा सफर तय करना है। बाबा साहेब की विचारधारा और उनके द्वारा लिखे गए संविधान का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। मायावती ने इस बात पर जोर दिया कि इस घटना को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p>
<p>महाराष्ट्र के परभणी में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा और संविधान का अपमान न केवल एक कानूनी मामला है, बल्कि यह भारत की सामाजिक संरचना और समरसता पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। मायावती की सख्त प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। यह घटना दर्शाती है कि जातिवाद और असमानता के खिलाफ संघर्ष को और मजबूत करने की आवश्यकता है।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/mayawati-expressed-concern-over-the-incident-in-maharashtra-called-it-shameful/">मायावती ने जताई महाराष्ट्र की घटना पर चिंता, घटना को बताया शर्मनाक</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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		<title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला</title>
		<link>https://www.samvaadindia.com/prime-minister-narendra-modis-scathing-attack-on-congress/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Nov 2024 15:20:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra elections]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra modi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अनुच्छेद 370, ओबीसी आरक्षण और छत्रपति संभाजी बनाम औरंगजेब की विचारधारा का मुद्दा उठाया नई दिल्ली, 14 नवंबर</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/prime-minister-narendra-modis-scathing-attack-on-congress/">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>अनुच्छेद 370, ओबीसी आरक्षण और छत्रपति संभाजी बनाम औरंगजेब की विचारधारा का मुद्दा उठाया</strong></p>
<p>नई दिल्ली, 14 नवंबर 2024 &#8211; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महाराष्ट्र चुनाव के लिए एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कांग्रेस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करने और कश्मीर में अलग संविधान बनाने की साजिश रच रही है। इसके साथ ही उन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के अनुयायियों के बीच चुनाव का मुद्दा उठाया, और राज्य में &#8216;संभाजी महाराज में विश्वास रखने वाले देशभक्तों और औरंगजेब की प्रशंसा करने वालों&#8217; के बीच चुनाव का विकल्प दिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि महाराष्ट्र का चुनाव केवल राज्य का नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य को भी तय करने वाला है। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या वे ऐसी पार्टियों का समर्थन करना चाहेंगे जो पाकिस्तान की भाषा बोलती हैं। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान स्पष्ट किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी अब भी अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं, जो कि भाजपा द्वारा जम्मू-कश्मीर में एकता लाने की प्रक्रिया को विफल करने का प्रयास है।</p>
<p><strong>अनुच्छेद 370 पर भाजपा और कांग्रेस के बीच विचारधारा का संघर्ष</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने रैली के दौरान जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाकर भाजपा ने जम्मू-कश्मीर को भारत के संविधान के अंतर्गत लाने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस फैसले का संसद और न्यायालय में विरोध किया। प्रधानमंत्री ने कहा, &#8220;कांग्रेस ने हाल ही में एक प्रस्ताव पास कर यह स्पष्ट किया है कि वे अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करना चाहते हैं और कश्मीर को एक अलग संविधान देना चाहते हैं।&#8221; उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी मानसिकता को दर्शाता है, जो कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने से कतराती है।</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-735 size-full" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1713" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-300x201.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1024x685.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-768x514.jpg 768w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1536x1028.jpg 1536w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-2048x1371.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत के सभी नागरिक चाहते हैं कि कश्मीर में सिर्फ डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान के अनुसार शासन हो, न कि किसी अलग संविधान के आधार पर। उनका यह बयान कांग्रेस पर एक गहरी चोट थी, जो लगातार भाजपा की अनुच्छेद 370 हटाने की नीति का विरोध करती रही है।</p>
<p><strong>जातिगत आरक्षण पर कांग्रेस की सोच</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के साथ विभाजन की राजनीति की है। उन्होंने कांग्रेस की मानसिकता की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी जातिगत आरक्षण के खिलाफ रही है और इसे केवल योग्यता के खिलाफ मानती है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस की नजर में आरक्षण देश की प्रगति के खिलाफ है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, &#8220;कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी, एससी और एसटी को छोटी जातियों में विभाजित करने का काम किया है ताकि वे आपस में बंटे रहें और कांग्रेस का एजेंडा चलता रहे। यही कारण है कि कांग्रेस को यह बात पसंद नहीं कि पिछले 10 सालों से ओबीसी वर्ग का एक व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बना हुआ है।&#8221;</p>
<p><strong>संभाजी महाराज बनाम औरंगजेब की विचारधारा का चुनाव</strong></p>
<p>महाराष्ट्र चुनाव में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के समर्थन के खिलाफ बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह मुद्दा उठाया कि आज यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि विचारधाराओं के बीच का चुनाव है। उन्होंने संभाजी महाराज की विचारधारा को राष्ट्रप्रेम और औरंगजेब की विचारधारा को विदेशी सोच का प्रतीक बताते हुए कहा, &#8220;महाराष्ट्र के लोगों के पास आज एक मौका है कि वे यह तय करें कि वे किसके साथ खड़े होना चाहते हैं—संभाजी महाराज के अनुयायियों के साथ, या औरंगजेब की प्रशंसा करने वालों के साथ।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-737 size-full" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1713" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-300x201.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-1024x685.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-768x514.jpg 768w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-1536x1028.jpg 1536w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7042435-1-2048x1371.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का महाराष्ट्र संभाजी महाराज की वीरता और मराठा साम्राज्य की गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बनाए रखने के लिए जरूरी है कि राज्य में भाजपा का शासन हो। उनका यह बयान मराठा समुदाय के गौरव को बचाने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा गया और जनता के बीच एक भावनात्मक संबंध स्थापित करने का प्रयास था।</p>
<p><strong>छत्रपति संभाजीनगर का नामकरण और सांस्कृतिक गौरव</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर किया। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति ही थी, जिसने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने अदालत में इस नाम परिवर्तन का विरोध किया था, और महा विकास अघाड़ी सरकार में कांग्रेस के दबाव के कारण इस परिवर्तन को लागू करने का &#8220;साहस&#8221; नहीं दिखा पाई।</p>
<p><strong>मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का प्रयास</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने भाजपा के प्रयासों की चर्चा करते हुए मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने की कोशिश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मराठी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने यह बताया कि इस भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।</p>
<p><strong>महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति पर भी बात की और भाजपा सरकार के उन प्रयासों का उल्लेख किया जिनसे राज्य में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह निवेश महाराष्ट्र की समृद्धि को बढ़ावा देता है और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की आर्थिक नीतियों का प्रतिफल बताया और कहा कि महाराष्ट्र की प्रगति में भाजपा का महत्वपूर्ण योगदान है।</p>
<p><strong>&#8220;भाजपा- महायुति आहे, गति आहे, महाराष्ट्राची प्रगति आहे&#8221;</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र का भविष्य भाजपा के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा, &#8220;भाजपा- महायुति आहे, गति आहे, महाराष्ट्राची प्रगति आहे&#8221; (अगर महायुति है, तो महाराष्ट्र में प्रगति है)। उन्होंने महाराष्ट्र के लोगों से भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति सरकार को समर्थन देने की अपील की और कहा कि यही गठबंधन राज्य में विकास और सांस्कृतिक गौरव की गारंटी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री के इस भाषण का असर महाराष्ट्र के चुनावों पर गहरा हो सकता है, क्योंकि उन्होंने न केवल राज्य के मुद्दों को उठाया बल्कि राष्ट्रीय हितों को भी जोड़कर कांग्रेस पर बड़ा हमला किया। उनका यह संबोधन न केवल मराठा संस्कृति और राज्य की धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए था, बल्कि इसे राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी माना जा रहा है।</p>
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		<title>पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: कांग्रेस की मजबूत स्थिति देश के लिए हानिकारक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Nov 2024 23:41:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra modi]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्रा election]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पीएम मोदी का आरोप: कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार और जन विरोधी नीतियों को दी जा रही है</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पीएम मोदी का आरोप: कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार और जन विरोधी नीतियों को दी जा रही है प्राथमिकता</strong></p>
<p>महाराष्ट्र, 10 नवम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के अकोला और नांदेड में आयोजित चुनावी रैलियों में कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में सत्ता का उपयोग केवल &#8220;शाही परिवार के एटीएम&#8221; के रूप में किया जा रहा है। पीएम मोदी ने राज्य के नागरिकों से कहा कि कांग्रेस की बढ़ती ताकत देश के विकास में बाधक है और इसे रोकने के लिए जनता को जागरूक होना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र के नागरिकों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा एक परिवार की सेवा में खर्च किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और उसके निर्णयों पर भी सवाल उठाए, साथ ही देश की भलाई के लिए जनता से भाजपा को समर्थन देने की अपील की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-705 aligncenter" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077.jpg" alt="" width="2076" height="1727" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077.jpg 2076w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077-300x250.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077-1024x852.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077-768x639.jpg 768w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077-1536x1278.jpg 1536w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017077-2048x1704.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2076px) 100vw, 2076px" /></p>
<p><strong>महाविकास आघाड़ी पर भ्रष्टाचार का आरोप</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार को भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि महाविकास आघाड़ी सरकार का मकसद केवल अपने नेताओं और उनके सहयोगियों को आर्थिक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विभिन्न सरकारी ठेके और परियोजनाएं एक विशेष परिवार की संपत्ति बन गए हैं और राज्य की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की सरकार जनता के हितों को दरकिनार कर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि शराब के ठेकों से लेकर रेत के ठेकों तक में कथित भ्रष्टाचार हो रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-706" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017074.jpg" alt="" width="1463" height="1111" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017074.jpg 1463w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017074-300x228.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017074-1024x778.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017074-768x583.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1463px) 100vw, 1463px" /></p>
<p><strong>&#8220;कांग्रेस अगर मजबूत होगी, तो कमजोर होगा देश&#8221;</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी अगर देश में और मजबूत होती है, तो इसका प्रभाव देश की प्रगति पर पड़ेगा। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि कांग्रेस की सत्ता में मजबूत स्थिति से देश की सुरक्षा, विकास और रोजगार के अवसरों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारें न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं, बल्कि राज्य में आपसी सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;कांग्रेस ने हमेशा अपने हितों को प्राथमिकता दी है। उनके शासित राज्यों में नीतियों का निर्माण केवल एक परिवार की सेवा में किया जाता है, न कि जनता के हितों के लिए। इसलिए जनता को सावधान रहना चाहिए और ऐसे दलों को समर्थन नहीं देना चाहिए जो केवल अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं।&#8221;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-707" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017085-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1375" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017085-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017085-300x161.jpg 300w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017085-1024x550.jpg 1024w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/7017085-768x413.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>&#8220;आप पक्के घर का वादा करें, मैं पूरा करूंगा&#8221;</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र की जनता से संवाद करते हुए पक्के घर के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अगर जनता उन्हें समर्थन देती है, तो केंद्र सरकार सभी को पक्के घर देने के अपने वादे को पूरा करेगी। मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के लिए समर्पित है और इसी दिशा में कार्यरत है।</p>
<p>उन्होंने जनता से वादा किया कि उनकी सरकार का मकसद जनता की भलाई है और इसके लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक देश का हर व्यक्ति सुरक्षित और समृद्ध नहीं हो जाता, उनकी सरकार चैन से नहीं बैठेगी।</p>
<p><strong>राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार की विफलता के कारण राज्य में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान राज्य के विकास और जनता की सुरक्षा से हटकर केवल अपने परिवार के लाभ पर केंद्रित है।</p>
<p><strong>स्थानीय चुनावों का संदर्भ</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैलियों में राज्य के आगामी चुनावों का संदर्भ देते हुए लोगों से भाजपा का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक पार्टी का चुनाव नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की जनता के भविष्य का चुनाव है। उन्होंने कहा कि यदि जनता चाहती है कि राज्य में विकास हो और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें, तो भाजपा को सत्ता में लाना आवश्यक है।</p>
<p>मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना और उससे लाभ उठाना है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वह कांग्रेस की सच्चाई को समझे और ऐसे दल को सत्ताच्युत करने में अपनी भूमिका निभाए जो राज्य और देश के हित के खिलाफ काम कर रहा है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री का कड़ा संदेश</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को खुला संदेश देते हुए कहा कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और उसे भ्रमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की जनता को समझना होगा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का मकसद केवल अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए सत्ता में बने रहना है, न कि जनता के हित में कार्य करना।</p>
<p>मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा देश के गरीबों और वंचितों के हित में नीतियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वह पक्के घर देने का मुद्दा हो, रोजगार के अवसर बढ़ाने का या फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने का, भाजपा सरकार ने हमेशा जनता के हितों को प्राथमिकता दी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महाराष्ट्र में यह भाषण कांग्रेस पर तीखा हमला था। उन्होंने महाविकास आघाड़ी सरकार और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, और जनता के साथ छल का आरोप लगाया। मोदी ने जनता को यह समझाने की कोशिश की कि कांग्रेस का मजबूत होना देश के विकास के लिए हानिकारक हो सकता है और इसलिए जनता को भाजपा के साथ खड़ा होना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस की नीतियों और उनके कार्यों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने जनता को चेतावनी दी कि कांग्रेस की सत्ता में मजबूती देश के विकास और उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। पीएम मोदी के इस भाषण से स्पष्ट है कि आने वाले चुनावों में भाजपा कांग्रेस को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।</p>
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		<title>शंकराचार्य और महाराष्ट्र की जनता उद्धव के साथ- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jul 2024 16:17:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[Bjp]]></category>
		<category><![CDATA[Shishena]]></category>
		<category><![CDATA[Udhava thakre]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली/ मुंबई, 15 जुलाई। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान एक बार फिर राजनीतिक तूफान खड़ा कर</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>(वसिंद्र मिश्र) नई दिल्ली/ मुंबई, 15 जुलाई। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान एक बार फिर राजनीतिक तूफान खड़ा कर गया है। महाराष्ट्र में शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के आवास पर मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कर दिया है कि पिछले दिनों उद्धव ठाकरे के साथ विश्वास घात हुआ है और यह विश्वास घात महापाप की श्रेणी में आता है अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि अब उद्धव ठाकरे के साथ हुए विश्वास घात की घटना से हम सब बेहद दुखी हैं और महाराष्ट्र की जनता भी दुखी है इस दुख की भरपाई उद्धव ठाकरे को फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाकर ही पूरी की जा सकती है।<br />
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने खुले विचारों के लिए विख्यात है। इसके पहले उन्होंने अयोध्या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का खुले तौर पर विरोध किया था और उस कार्यक्रम को महज एक राजनीतिक कार्यक्रम करार दिया था। उनका दावा था की अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करना सनातन धर्म का अपमान है<br />
उन्होंने दावा किया था की मंदिर पूर्ण रूप से 3 साल बाद ही बनकर तैयार हो पाएगा और ऐसी स्थिति में मंदिर के ऊपर कलश और ध्वज की स्थापना की जाएगी।<br />
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद केदारनाथ मंदिर से 228 किलो सोने के गायब होने की घटना को लेकर भी बेहद खफा है.उनका आरोप है कि अभी तक इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई जा रही है. उनका यह भी आरोप है कि ज्यादातर पौराणिक और ऐतिहासिक सनातन धर्म के मंदिरों पर राजनेताओं का कब्जा होता जा रहा और यही कारण है कि वहां की व्यवस्था छिन्न भिन्न होती जा रही है उन्होंने सोना चोरी की घटना की जांच जल्दी से जल्दी करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।<br />
अविमुक्तेश्वरानंद जी ने दिल्ली में केदारनाथ धाम बनाए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी सिरे से खारिज किया है उनके मुताबिक शिव पुराण में 12 ज्योतिर्लिंगों की व्याख्या है और उन 12 ज्योतिर्लिंगों के अलावा कोई भी नया ज्योतिर्लिंग की स्थापना किसी नए स्थान पर नहीं की जा सकती उन्होंने दावा किया है की ज्योतिर्लिंगों के बारे में उनके स्थान का भी वर्णन है इसलिए शिव पुराण से बाहर हटके अगर किसी भी जगह कोई कृत्रिम ज्योतिर्लिंग स्थापित करने की कोशिश हो रही है तो वह धर्म विरुद्ध और सनातन धर्म के भी खिलाफ है।<br />
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई शिष्टाचार मुलाकात पर भी स्पष्टीकरण जारी किया है उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है नरेंद्र मोदी ने शादी समारोह में उनसे आशीर्वाद लिया और उन्होंने उन्हें आशीर्वाद दिया नरेंद्र मोदी की तरफ से जब कभी सनातन धर्म के खिलाफ आचरण हुआ तो मैं उनका विरोध किया और भविष्य में भी अगर नरेंद्र मोदी की तरफ से धर्म के खिलाफ कोई आचरण होगा तो मैं उसका विरोध करूंगा<br />
उद्धव ठाकरे के बारे में पूछे गए सवालों पर अपनी राय रखते हुए शंकराचार्य ने साफ कर दिया की महाराष्ट्र की जनता के साथ हम सब लोग उद्धव ठाकरे के साथ हुई विश्वास घात की घटना से आहत है। उनका दावा था कि पिछले कुछ चुनाव में महाराष्ट्र के जनता ने यह साफ संकेत दे दिया है कि उद्धव ठाकरे के साथ हुई विश्वासघात की घटना का वह बदला लेकर उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाएंगे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीधे तौर पर खुद को राजनीतिक मामलों से दूर रहने का दावा किया उनका तर्क था की विश्वास घात महा पाप की श्रेणी में आता है और इसलिए शंकराचार्य होने के नाते उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है की धर्म विरुद्ध हुए इस महापाप का विरोध प्रतिकार करें।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/shankaracharya-and-the-people-of-maharashtra-with-uddhav-shankaracharya-avimukteshwaranand/">शंकराचार्य और महाराष्ट्र की जनता उद्धव के साथ- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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