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	<title>केरल Archives - Samvaad India</title>
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	<title>केरल Archives - Samvaad India</title>
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		<title>केरल त्रासदी पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें केंद्र सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Dec 2024 13:54:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केरल]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 4 दिसंबर। कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल में हाल ही</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/the-central-government-should-work-on-the-kerala-tragedy-by-rising-above-party-politics/">केरल त्रासदी पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें केंद्र सरकार</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 4 दिसंबर। कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए केंद्र सरकार से त्वरित और पर्याप्त राहत की मांग की है। प्रियंका गांधी ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और केरल के अन्य सांसदों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जीवन को सामान्य बनाने के लिए केंद्र से तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया।</p>
<p>बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, &#8220;यह त्रासदी इतनी बड़ी है कि इसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए। वायनाड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में हजारों लोग अपने घरों और आजीविका से वंचित हो गए हैं। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार का समर्थन अत्यंत आवश्यक है।&#8221;</p>
<p>प्रियंका गांधी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के चलते कई परिवार पूरी तरह उजड़ गए हैं, बच्चों ने अपने माता-पिता और पूरे परिवार को खो दिया है। &#8220;अगर इन लोगों को केंद्र सरकार से सहायता नहीं मिलती है, तो वे किस पर भरोसा करेंगे?&#8221; उन्होंने सवाल किया।</p>
<p><strong>चार महीने बाद भी कोई राहत नहीं</strong></p>
<p>कांग्रेस महासचिव ने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि आपदा के चार महीने बीत जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जिससे लोगों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।</p>
<p>प्रियंका गांधी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए वायनाड और आसपास के क्षेत्रों की दुर्दशा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। &#8220;हमने उनसे आग्रह किया है कि इस त्रासदी को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द आवश्यक धनराशि जारी करें। इससे न केवल प्रभावित लोगों का पुनर्वास हो सकेगा, बल्कि आवश्यक बुनियादी ढांचे की बहाली भी की जा सकेगी।&#8221;</p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि गुरुवार शाम तक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आगे की राहत प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।</p>
<p>दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राहत की मांग</p>
<p>प्रियंका गांधी ने कहा कि इस आपदा में सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की है कि सभी राजनीतिक दल और सरकारें अपनी जिम्मेदारी समझें और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आपदा राहत कार्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब इतने बड़े पैमाने पर लोग पीड़ित हैं, तो केवल राजनीति से बचना पर्याप्त नहीं है; उन्हें तुरंत ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>आपदा से प्रभावित क्षेत्र और चुनौतियां</strong></p>
<p>वायनाड और आसपास के क्षेत्रों में इस प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई है। भारी बारिश और भूस्खलन ने हजारों घरों को नष्ट कर दिया, फसलों को तबाह कर दिया और सैकड़ों लोगों की जान ले ली। प्रियंका गांधी ने बताया कि कई बच्चे अपने पूरे परिवार को खो चुके हैं और अब बेसहारा हो गए हैं।</p>
<p>&#8220;ऐसे हालात में अगर केंद्र सरकार की ओर से मदद नहीं मिलती है, तो यह पीड़ितों के लिए एक और बड़ा आघात होगा। यह न केवल आर्थिक संकट की बात है, बल्कि एक मानवीय संकट है, जिसे तुरंत संबोधित किया जाना चाहिए,&#8221; प्रियंका गांधी ने कहा।</p>
<p><strong>स्थानीय प्रशासन की सीमित क्षमताएं</strong></p>
<p>हालांकि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अपने स्तर पर राहत कार्यों को अंजाम दिया है, लेकिन इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए उनके पास संसाधनों की भारी कमी है। प्रियंका गांधी ने बताया कि क्षेत्र की स्थिति को सुधारने के लिए केंद्र की ओर से अधिक वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>जनता के बीच बढ़ती निराशा</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी ने यह भी बताया कि वायनाड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लोग केंद्र सरकार की उदासीनता से गहरी निराशा में हैं। &#8220;लोगों को लगने लगा है कि उनकी दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जब प्रधानमंत्री ने दौरा किया था, तब उन्हें भरोसा हुआ था कि उन्हें सहायता मिलेगी, लेकिन चार महीने के लंबे इंतजार ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है।&#8221;</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ज्ञापन</strong></p>
<p>प्रियंका गांधी ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करेगी और आवश्यक धनराशि और संसाधनों की व्यवस्था करेगी।</p>
<p><strong>पीड़ितों को राहत की दरकार</strong></p>
<p>वायनाड और आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा ने लोगों को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है। प्रियंका गांधी और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का यह कदम प्रभावित लोगों की आवाज को केंद्र तक पहुंचाने का प्रयास है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और कितनी जल्दी पीड़ितों को राहत पहुंचाई जाती है।</p>
<p>यह घटना एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सामंजस्य और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। प्रभावित लोग आज भी आशा लगाए बैठे हैं कि उनके दर्द को समझा जाएगा और उन्हें जल्द ही राहत मिलेगी।</p>
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		<title>मुंडक्कई और चूरलमाला त्रासदी: पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि और वायनाड के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[संवाद इंडिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 11:40:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केरल]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Mundakkai and Choorlamalla tragedies: Tributes to the victims and Congress' commitment to Wayanad]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Soniya gandhi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वायनाड, 30 नवंबर। मुंडक्कई और चूरलमाला की भयावह त्रासदी ने न केवल वायनाड बल्कि पूरे केरल को झकझोर</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/mundakkai-and-choorlamalla-tragedies-tributes-to-the-victims-and-congress-commitment-to-wayanad/">मुंडक्कई और चूरलमाला त्रासदी: पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि और वायनाड के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>वायनाड, 30 नवंबर। मुंडक्कई और चूरलमाला की भयावह त्रासदी ने न केवल वायनाड बल्कि पूरे केरल को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में उन परिवारों और व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की जिन्होंने अपने प्रियजनों और आजीविका को खो दिया है। उन्होंने इस दुखद घड़ी में वायनाड और केरल के लोगों के साथ एकजुटता की भावना व्यक्त की और पार्टी कार्यकर्ताओं और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के सदस्यों से अपील की कि वे पीड़ितों की मदद के लिए सरकार पर दबाव डालें।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-763 aligncenter" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0041-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1707" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0041-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0041-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>त्रासदी और पीड़ितों की सहायता का आह्वान</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और यूडीएफ के पास सरकार जैसी क्षमता नहीं है, लेकिन यह उन्हें पीड़ितों की मदद करने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा, “हम केवल उन लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त कर सकते हैं जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें वह समर्थन दें जिसकी उन्हें इस समय सबसे अधिक आवश्यकता है।&#8221; उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पीड़ितों की मदद के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने वायनाड के लोगों के प्रति केरल के बाकी हिस्सों के समर्थन और एकता की सराहना करते हुए कहा, “केरल के लोगों ने दिखाया है कि कैसे कठिन समय में मानवता और करुणा एक साथ आ सकती है। यह भावना वायनाड के पुनर्निर्माण के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-764 aligncenter" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0051-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1920" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0051-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0051-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>वायनाड के लोगों का विश्वास और राहुल गांधी का दायित्व</strong></p>
<p>अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के साथ अपने संबंध को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “पांच साल पहले, आपने मुझे अपना सांसद चुना। आज, मेरी बहन ने संसद में वायनाड का प्रतिनिधित्व करने की शपथ ली है। हम दोनों ने एक ही प्रतिज्ञा की है—वायनाड के लोगों के दिलों में बसने वाली भावना को संसद में आवाज देना।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि वायनाड के लोगों ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं बल्कि एक भावनात्मक और नैतिक जिम्मेदारी है। “जब मैं यहां किसी बच्चे को देखता हूं, तो मुझे एहसास होता है कि उसके माता-पिता ने मुझ पर भरोसा किया है। मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं उनकी देखभाल करूं और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने की कोशिश करूं,” उन्होंने कहा।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-765 aligncenter" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0057-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1707" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0057-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0057-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>संविधान और वैचारिक संघर्ष</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की रक्षा के लिए चल रही लड़ाई पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में एक वैचारिक संघर्ष चल रहा है—एक तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी हैं, जो संवेदनाओं, स्नेह और प्रेम की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा है, जो नफरत, क्रोध और विभाजन को बढ़ावा देती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “संविधान कहता है कि हर व्यक्ति के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। लेकिन पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि गौतम अडानी के साथ हर दूसरे भारतीय से अलग व्यवहार किया जाएगा। यह संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।”</p>
<p>राहुल गांधी ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि वायनाड जैसी जगह, जिसने हाल ही में प्राकृतिक आपदा का सामना किया है, उसे केंद्र सरकार से वह समर्थन नहीं मिल रहा जिसके वह हकदार हैं। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल संविधान के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है बल्कि उन्होंने वायनाड के लोगों को भी निराश किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक क्षेत्र को उसकी त्रासदी के बावजूद नज़रअंदाज किया जा रहा है,”</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignright size-full wp-image-766" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0079-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1707" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0079-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0079-300x200.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>भाजपा के खिलाफ जनता की ताकत</strong></p>
<p>भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा के पास सत्ता, पैसा, मीडिया और केंद्रीय एजेंसियां हैं, लेकिन कांग्रेस के पास लोगों का समर्थन है। उन्होंने कहा, “भाजपा ने सीबीआई, ईडी, और आईटी जैसे सभी संस्थानों को अपने हथियार बना लिया है। लेकिन उनके पास जो भी ताकत हो, अंततः जनता की भावना ही विजयी होती है।”</p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी भाजपा की विचारधारा को हराने में सफल होंगे। “हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी विचारधारा के खिलाफ है। यह विचारधारा संविधान को तोड़ती है, लोकतंत्र को कमजोर करती है, और समाज को विभाजित करती है। लेकिन हमें विश्वास है कि हम इस वैचारिक लड़ाई में विजयी होंगे,” राहुल गांधी ने कहा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-768 aligncenter" src="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0075-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1707" srcset="https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0075-scaled.jpg 2560w, https://www.samvaadindia.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0075-300x200.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><strong>वायनाड का पुनर्निर्माण: एक साझा जिम्मेदारी</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने अपने संबोधन का समापन वायनाड के पुनर्निर्माण के लिए साझा जिम्मेदारी के आह्वान के साथ किया। उन्होंने कहा कि यह न केवल सरकार बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह त्रासदी से प्रभावित लोगों की मदद करे।</p>
<p>उन्होंने वायनाड के लोगों से अपील की कि वे एकजुट रहें और इस चुनौतीपूर्ण समय में धैर्य बनाए रखें। “हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकजुटता है। हमें एक साथ मिलकर वायनाड को फिर से खड़ा करना होगा और इसे एक बेहतर भविष्य देना होगा,” उन्होंने कहा।</p>
<p>मुंडक्कई और चूरलमाला की त्रासदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मानवता की भावना और एकता हर चुनौती का सामना कर सकती है। वायनाड के लोग, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के समर्थन के साथ, इस कठिन समय से उबरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>यह संबोधन केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि वायनाड के लोगों के साथ राहुल गांधी के गहरे भावनात्मक जुड़ाव और उनके अधिकारों के लिए लड़ने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।</p>
<p>The post <a href="https://www.samvaadindia.com/mundakkai-and-choorlamalla-tragedies-tributes-to-the-victims-and-congress-commitment-to-wayanad/">मुंडक्कई और चूरलमाला त्रासदी: पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि और वायनाड के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता</a> appeared first on <a href="https://www.samvaadindia.com">Samvaad India</a>.</p>
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